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बारां पुलिस ने दीपावली से पहले लौटाए ₹37 लाख के 150 चोरी-गुम मोबाइल, SP अभिषेक अंदासु के नेतृत्व में अभियान

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बारां पुलिस ने दीपावली से पहले लौटाए ₹37 लाख के 150 चोरी-गुम मोबाइल, SP अभिषेक अंदासु के नेतृत्व में अभियान

सारांश

दीपावली से ठीक पहले बारां पुलिस ने ₹37 लाख के 150 चोरी-गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे — तकनीक और समन्वय से संभव हुई यह कार्रवाई जिले के लिए बेहतरीन त्योहारी संदेश बन गई।

मुख्य बातें

राजस्थान पुलिस ने बारां जिले में 150 चोरी और गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए।
बरामद फोन की कुल अनुमानित कीमत ₹37 लाख बताई जा रही है।
अभियान का नेतृत्व SP अभिषेक अंदासु और ASP सौरभ तिवारी ने किया।
फोन वापसी से पहले सत्यापन और दस्तावेज़ी जाँच की गई।
तकनीक-आधारित ट्रैकिंग और थानों के बीच समन्वय को सफलता का मुख्य कारण बताया गया।

राजस्थान के बारां जिले में दीपावली से ठीक पहले राजस्थान पुलिस ने एक विशेष रिकवरी अभियान के तहत 150 चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद किए गए फोन की कुल अनुमानित कीमत ₹37 लाख बताई जा रही है। यह कार्रवाई जिले के उन सैकड़ों लोगों के लिए किसी त्योहारी तोहफे से कम नहीं रही, जो महीनों या वर्षों से अपने महँगे फोन वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे।

अभियान का नेतृत्व और कार्यप्रणाली

यह रिकवरी अभियान पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी के सीधे निर्देशन में चलाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, तकनीक-आधारित ट्रैकिंग प्रणाली और विभिन्न पुलिस थानों के बीच समन्वित जाँच ने इस अभियान को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। बरामद फोन को उनके मालिकों को सौंपने से पहले उचित सत्यापन और दस्तावेज़ी जाँच की गई।

मालिकों को कैसे मिले उनके फोन

अधिकारियों ने बताया कि पहचान सत्यापन और आवश्यक दस्तावेज़ों की जाँच के बाद ही ₹37 लाख अनुमानित मूल्य के ये 150 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाए गए। कई लाभार्थियों ने फोन वापस पाकर खुशी और आभार जताया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इनमें से अनेक लोगों को अपने महँगे फोन वापस मिलने की उम्मीद ही समाप्त हो गई थी।

तकनीक और समन्वय की भूमिका

थाने के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि चोरी और खोए हुए मोबाइल फोन का पता लगाने में तकनीक-आधारित प्रयासों और आपसी समन्वय के साथ की गई जाँच की अहम भूमिका रही। गौरतलब है कि केंद्र सरकार का CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल भी इस तरह के अभियानों में पुलिस को सहायता प्रदान करता है, जिसके ज़रिए IMEI नंबर के आधार पर चोरी हुए फोन को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सकता है।

आम जनता पर असर

त्योहारों के इस मौसम में फोन वापस मिलने से लाभार्थियों और उनके परिवारों की दीपावली और भी खुशहाल हो गई। बारां पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपराध रोकने और कानून लागू करने के साथ-साथ नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा करना और आम जनता को राहत पहुँचाना भी उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

आगे की राह

150 मोबाइल फोन की एकसाथ बरामदगी को जिला पुलिस की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। बारां पुलिस के अनुसार, यह पहल भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है, ताकि चोरी और गुम हुई संपत्ति नागरिकों को समय पर वापस दिलाई जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि देशभर में हर साल लाखों मोबाइल चोरी होते हैं और उनमें से बरामदगी की दर बेहद कम रहती है — ऐसे में 150 फोन की एकमुश्त वापसी असाधारण ज़रूर है, लेकिन व्यापक तंत्र सुधार की माँग भी उठाती है। त्योहारी मौसम में इस तरह की पहल जनता और पुलिस के बीच भरोसे का पुल बनाती है, जो दीर्घकालिक अपराध नियंत्रण के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि सख्त कार्रवाई।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारां पुलिस ने कितने मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए?
बारां पुलिस ने कुल 150 चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे, जिनकी अनुमानित कुल कीमत ₹37 लाख बताई जा रही है। यह कार्रवाई दीपावली से ठीक पहले की गई।
इस मोबाइल रिकवरी अभियान का नेतृत्व किसने किया?
यह अभियान पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी के नेतृत्व में चलाया गया। तकनीक-आधारित ट्रैकिंग और विभिन्न थानों के बीच समन्वय को सफलता का प्रमुख कारण बताया गया।
चोरी या गुम हुए मोबाइल की शिकायत कैसे करें?
चोरी या गुम हुए मोबाइल की शिकायत नज़दीकी पुलिस थाने में FIR दर्ज कराकर या केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर IMEI नंबर के ज़रिए ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है। समय पर शिकायत दर्ज कराने से बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
बरामद मोबाइल मालिकों को वापस देने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई गई?
अधिकारियों के अनुसार, बरामद फोन सौंपने से पहले उचित सत्यापन और दस्तावेज़ी जाँच की गई ताकि सही मालिक को ही फोन वापस मिले। इस प्रक्रिया ने पारदर्शिता सुनिश्चित की।
राजस्थान पुलिस का यह अभियान क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अभियान यह दर्शाता है कि तकनीकी साधनों और थानों के आपसी समन्वय से चोरी हुई संपत्ति की बरामदगी संभव है। दीपावली जैसे त्योहार से पहले 150 फोन की वापसी ने पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मज़बूत किया है।
राष्ट्र प्रेस
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