31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पश्चिम बंगाल में मैजिक स्कूल और जादू संग्रहालय की स्थापना होगी, PC सरकार जूनियर बने मुख्य सलाहकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल में मैजिक स्कूल और जादू संग्रहालय की स्थापना होगी, PC सरकार जूनियर बने मुख्य सलाहकार

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार ने जादू कला को संस्थागत दर्जा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है — मैजिक स्कूल और जादू संग्रहालय की योजना के साथ। प्रख्यात जादूगर पीसी सरकार जूनियर मुख्य सलाहकार बने हैं और नंदन सभागार में पहली औपचारिक बैठक हो चुकी है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में एक मैजिक स्कूल और जादू संग्रहालय स्थापित करेगी।
परियोजना की अगुवाई राज्य सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों (I&CA) विभाग कर रहा है।
देश के प्रख्यात जादूगर पीसी सरकार (जूनियर) सलाहकार समिति के मुख्य सलाहकार बनाए गए हैं।
सलाहकार समिति की पहली बैठक 30 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के नंदन सभागार में हुई।
बैठक में मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती और सचिव सौमित्र मोहन उपस्थित रहे।
जादू को मंच मनोरंजन से आगे विज्ञान-आधारित कला के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया गया।

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की समृद्ध जादू कला परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए एक पूर्ण विकसित जादू विद्यालय (मैजिक स्कूल) और जादू संग्रहालय स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। राज्य सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों (I&CA) विभाग की पहल पर इस परियोजना की रूपरेखा तैयार करने का कार्य शुरू हो चुका है और एक सलाहकार समिति का गठन किया गया है।

सलाहकार समिति का गठन और पहली बैठक

राज्य सरकार द्वारा गठित इस सलाहकार समिति के मुख्य सलाहकार देश के प्रख्यात जादूगर पीसी सरकार (जूनियर) हैं। उनके साथ जादू कला से दीर्घकाल से जुड़े कई अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी समिति में शामिल हैं।

समिति की पहली औपचारिक बैठक शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के नंदन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में राज्य सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पूर्णिमा चक्रवर्ती और विभाग के सचिव सौमित्र मोहन भी उपस्थित रहे। पीसी सरकार (जूनियर) के साथ उनकी पत्नी जयश्री सरकार और बेटी जादूगरनी मेनिका सरकार भी इस बैठक का हिस्सा बनीं।

बैठक में क्या हुई चर्चा

बैठक में प्रस्तावित जादू विद्यालय के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण के स्वरूप, संग्रहालय के बुनियादी ढाँचे और परियोजना कार्यान्वयन की संभावित रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह रहा कि जादू को केवल मंच-मनोरंजन तक सीमित न रखकर इसे एक स्वतंत्र कला और विज्ञान आधारित अभ्यास के रूप में स्थापित किया जाए।

पीसी सरकार जूनियर का दृष्टिकोण

बैठक के बाद पीसी सरकार (जूनियर) ने कहा कि बंगाली जादू का इतिहास अत्यंत समृद्ध और प्राचीन है तथा इस परंपरा को वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षित करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, जादू के पीछे विज्ञान, निरंतर अभ्यास और विशेष कौशल निहित हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार की यह पहल साकार होती है, तो नई पीढ़ी को जादू को पेशे के रूप में चुनने का अवसर मिलेगा और यह विद्यालय युवाओं में इस कला के प्रति रुचि जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

संग्रहालय का उद्देश्य

प्रस्तावित जादू संग्रहालय में बंगाल में जादू की प्रथा का दीर्घकालीन इतिहास, दुर्लभ उपकरण और कलाकारों के योगदान को संरक्षित किया जाएगा। यह संग्रहालय बंगाली जादू परंपरा के अनूठे दस्तावेज़ीकरण का एक स्थायी केंद्र बनेगा।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं को संरक्षित करने की माँग देशभर में उठ रही है। सलाहकार समिति की प्रारंभिक चर्चाओं के आधार पर विद्यालय और संग्रहालय की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके बाद कार्यान्वयन की समयसीमा और स्थान तय किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती पाठ्यक्रम निर्माण और दीर्घकालीन वित्त पोषण की होगी। जादू को 'विज्ञान-आधारित अभ्यास' बताना महत्वाकांक्षी है — पर इसे व्यावसायिक शिक्षा से जोड़े बिना यह विद्यालय एक प्रतीकात्मक इशारे तक सीमित रह सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में लोक कलाओं के संरक्षण की घोषणाएँ होती हैं, पर क्रियान्वयन पीछे रह जाता है। सलाहकार समिति की संरचना और सरकार की प्रतिबद्धता इस योजना की विश्वसनीयता की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल का मैजिक स्कूल क्या है?
यह राज्य सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों विभाग की पहल पर स्थापित होने वाला एक पूर्ण विकसित जादू विद्यालय है, जहाँ जादू कला को व्यावसायिक और वैज्ञानिक आधार पर सिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को जादू को पेशे के रूप में चुनने का अवसर देना है।
बंगाल के जादू संग्रहालय में क्या होगा?
प्रस्तावित जादू संग्रहालय में बंगाल की जादू परंपरा का दीर्घकालीन इतिहास, दुर्लभ उपकरण और प्रख्यात कलाकारों के योगदान को संरक्षित किया जाएगा। यह बंगाली जादू कला के दस्तावेज़ीकरण का एक स्थायी केंद्र बनेगा।
पीसी सरकार जूनियर की इस परियोजना में क्या भूमिका है?
देश के प्रख्यात जादूगर पीसी सरकार (जूनियर) को राज्य सरकार की सलाहकार समिति का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। उनकी पत्नी जयश्री सरकार और बेटी जादूगरनी मेनिका सरकार भी पहली बैठक में शामिल हुईं।
इस योजना पर पहली बैठक कब और कहाँ हुई?
सलाहकार समिति की पहली औपचारिक बैठक 30 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के नंदन सभागार में हुई। इसमें राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती और विभाग के सचिव सौमित्र मोहन उपस्थित थे।
यह जादू विद्यालय युवाओं के लिए कैसे फायदेमंद होगा?
पीसी सरकार (जूनियर) के अनुसार, यह विद्यालय युवाओं को जादू को एक पेशे के रूप में अपनाने का अवसर देगा और इस कला के प्रति रुचि जगाएगा। जादू को विज्ञान और विशेष कौशल के आधार पर पढ़ाने की योजना है, जिससे यह महज मनोरंजन से आगे एक करियर विकल्प बन सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले