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बंगाल नगर पालिका भर्ती घोटाला: ईडी ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस, बेटे और IAS अधिकारी के खिलाफ PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल की

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बंगाल नगर पालिका भर्ती घोटाला: ईडी ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस, बेटे और IAS अधिकारी के खिलाफ PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल की

सारांश

ईडी ने ₹250 करोड़ के बंगाल नगर पालिका भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस, उनके बेटे और एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 340 अभ्यर्थियों से कथित तौर पर प्रति व्यक्ति ₹6 लाख वसूले गए — यह मामला बंगाल में भर्ती घोटालों की लंबी श्रृंखला की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

ईडी ने 9 जुलाई 2026 को कोलकाता की विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
आरोपियों में पूर्व मंत्री सुजीत बोस , बेटे समुद्र बोस , आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और दो कंपनियाँ शामिल।
घोटाले की कुल रकम करीब ₹250 करोड़ ; 340 अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति औसतन ₹6 लाख वसूली का आरोप।
284 अभ्यर्थियों को कथित तौर पर नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
कथित बिचौलिए अयान शील की ₹100 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा; सीबीआई ने गिरफ्तार किया।
सुजीत बोस 11 मई से न्यायिक हिरासत में; कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ECIR रद्द करने की याचिका खारिज की।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 9 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के नगर पालिका भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस, उनके बेटे समुद्र बोस और आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय समेत अन्य के खिलाफ कोलकाता की विशेष पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जांच एजेंसी के अनुसार इस घोटाले की कुल रकम करीब ₹250 करोड़ आंकी गई है।

चार्जशीट में किन-किन के नाम

ईडी की चार्जशीट में सुजीत बोस, उनके पुत्र समुद्र बोस, आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और इन दोनों से जुड़ी दो कंपनियों के नाम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि चट्टोपाध्याय ने अपने पद का दुरुपयोग किया, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं और इससे व्यक्तिगत लाभ भी लिया।

गौरतलब है कि घोटाले के दौरान ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय पश्चिम बंगाल के स्थानीय निकाय निदेशालय और नगर विकास विभाग में अहम पद पर तैनात थे। उस समय इस विभाग के मंत्री वर्तमान तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक फिरहाद हकीम थे।

घोटाले का मुख्य घटनाक्रम

ईडी के दावे के अनुसार, सुजीत बोस ने कथित तौर पर 340 अभ्यर्थियों के नाम पैसे लेकर नौकरी के लिए आगे बढ़ाए, जिनमें से 284 लोगों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए। प्रत्येक उम्मीदवार से औसतन ₹6 लाख वसूले जाने का आरोप है।

इस घोटाले की जानकारी ईडी को सबसे पहले कथित बिचौलिए अयान शील के घर पर छापेमारी के दौरान मिली थी। अयान शील नगर पालिका भर्ती घोटाले और स्कूल भर्ती घोटाले — दोनों मामलों में कथित बिचौलिया बताया गया है। सीबीआई और ईडी की संयुक्त जांच में उसकी ₹100 करोड़ से अधिक की कथित अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है।

सुजीत बोस की गिरफ्तारी और न्यायिक स्थिति

सुजीत बोस को ईडी ने 11 मई की रात लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। पिछले महीने कलकत्ता उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन एकल पीठ ने ईडी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) को रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

सीबीआई की भूमिका और व्यापक संदर्भ

कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भी इस मामले की जांच शुरू की और अयान शील को गिरफ्तार कर लिया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर भी ईडी और सीबीआई की जांच जारी है, जो राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए लगातार राजनीतिक दबाव का कारण बनती रही है।

पश्चिम बंगाल का स्थानीय निकाय निदेशालय नगर निगमों और नगर पालिकाओं में भर्ती से जुड़े फैसले लेने और उन्हें लागू करने वाली मुख्य संस्था है, जिसे इस मामले में सीधे तौर पर जांच के दायरे में रखा गया है।

आगे क्या होगा

विशेष पीएमएलए अदालत अब चार्जशीट का संज्ञान लेगी और आरोपियों को नोटिस जारी कर सकती है। जांच एजेंसियों की नज़र इस घोटाले में और संभावित आरोपियों की संलिप्तता पर भी बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संस्थागत विफलता की तस्वीर है। असली परीक्षा यह होगी कि अदालत इस चार्जशीट पर कितनी तेज़ी से संज्ञान लेती है और राजनीतिक रूप से संवेदनशील नामों तक जांच की पहुँच कहाँ तक जाती है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल नगर पालिका भर्ती घोटाला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल के नगर निगमों और नगर पालिकाओं में नौकरियाँ देने के बदले पैसे वसूलने का कथित घोटाला है, जिसकी कुल रकम ईडी ने करीब ₹250 करोड़ आंकी है। आरोप है कि अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति औसतन ₹6 लाख लेकर नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
ईडी ने किन-किन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है?
ईडी ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस, उनके बेटे समुद्र बोस, आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और इनसे जुड़ी दो कंपनियों के खिलाफ कोलकाता की विशेष पीएमएलए अदालत में 9 जुलाई 2026 को चार्जशीट दाखिल की। चट्टोपाध्याय पर पद के दुरुपयोग और व्यक्तिगत लाभ लेने का आरोप है।
सुजीत बोस अभी किस स्थिति में हैं?
सुजीत बोस को ईडी ने 11 मई की रात गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले महीने उनकी ईसीआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।
अयान शील इस मामले में कौन है?
अयान शील को नगर पालिका भर्ती घोटाले और स्कूल भर्ती घोटाले दोनों में कथित बिचौलिया बताया गया है। ईडी को इस घोटाले की जानकारी पहली बार उसके घर पर छापेमारी के दौरान मिली थी; सीबीआई ने उसे गिरफ्तार किया और उसकी ₹100 करोड़ से अधिक की कथित अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है।
इस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों क्यों जांच कर रहे हैं?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने इस मामले में आपराधिक जांच शुरू की, जबकि ईडी धन शोधन के कोण से जांच कर रही है। दोनों एजेंसियों की जांच में अयान शील की अवैध संपत्ति और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं के सबूत सामने आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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