महिला आरक्षण विधेयक: भागलपुर की महिलाएं सशक्तिकरण के नए युग का स्वागत करती हैं
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के भागलपुर में महिला उद्यमियों और समाजसेवियों ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी खुशी व्यक्त की है। महिलाओं का मानना है कि इससे उनकी राजनीति में भागीदारी में वृद्धि होगी।
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में महिलाओं ने आशा व्यक्त की कि इस आरक्षण से उनकी राजनीतिक सक्रियता में सुधार होगा और इससे समाज का समग्र विकास होगा।
एकता कीर्ति ने कहा, "हम सभी बहुत खुश हैं। मेरा मानना है कि आरक्षण तभी दिया जाता है, जब इसकी वास्तविक आवश्यकता होती है। इससे महिलाओं को निश्चित रूप से लाभ होगा।"
प्रिया सोनी ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण की आवश्यकता नहीं है, यदि अवसर प्रदान किए जाएं तो हम किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हटतीं। केंद्र सरकार के इस निर्णय से हम बहुत खुश हैं। हमारी भागीदारी में वृद्धि होगी, इससे अधिक क्या हो सकता है। महिलाएं आगे बढ़ें, यही हमारी इच्छा है।"
शोभा अग्रवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। यह एक सकारात्मक कदम है। पहले महिलाओं को रुकावट का सामना करना पड़ता था। अब वे आगे बढ़कर काम करेंगी और अपनी नेतृत्व क्षमता से समाज को भी दिशा दिखाएंगी।"
नीलम अग्रवाल ने कहा, "यह निर्णय बहुत अच्छा है। इससे महिलाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। भारत में पहले महिलाओं को अधिक मौके नहीं मिलते थे, अब अगर मौके मिलेंगे तो वे कुछ कर दिखाएंगी। मैं चाहती हूं कि भारत का भविष्य ऐसा हो जहां महिलाओं को आरक्षण की आवश्यकता ही न पड़े।"
लीना ने कहा, "हम महिलाएं हमेशा पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी। अब हमारे कंधे भी उतने ही मजबूत होंगे। इस निर्णय ने हमें गर्वित महसूस कराया है। हम भागीदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। केंद्र सरकार का धन्यवाद कि वह हमें लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने जा रही है।"