झारखंड आंदोलन BJP की साजिश: विजय वड्डेट्टीवार का आरोप, वंदे मातरम बिल पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता विजय वड्डेट्टीवार ने मंगलवार, 11 अगस्त को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए झारखंड में चल रहे छात्र विरोध-प्रदर्शन, वंदे मातरम बिल और शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात सहित कई अहम मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। वड्डेट्टीवार ने आरोप लगाया कि झारखंड का आंदोलन भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा सुनियोजित तरीके से कराया गया है।
झारखंड आंदोलन पर वड्डेट्टीवार के आरोप
वड्डेट्टीवार ने कहा, 'झारखंड का आंदोलन BJP समर्थित है। जंतर-मंतर के आंदोलन का महत्व कम करने के लिए साजिश के तहत झारखंड में आंदोलन शुरू कराया गया। BJP ने पश्चिम बंगाल से युवाओं को लाकर आंदोलन कराया।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हमेशा छात्रों के हक के लिए लड़ते रहे हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
वड्डेट्टीवार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि जब देश के युवा 20 दिनों तक जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, तब न प्रधानमंत्री मोदी, न गृह मंत्री अमित शाह और न ही किसी मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने लिखा, 'सरकार को चुनौती देने वाले आंदोलन को दबाने के लिए जवाबी विरोध-प्रदर्शन भड़काना और इस तरह लोगों के सामने मौजूद असली मुद्दों से ध्यान भटकाना।'
उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग राहुल गांधी पर झारखंड आंदोलन से भागने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि जब संसद का सत्र चल रहा था, तब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कहाँ थे।
शरद पवार और PM मोदी की मुलाकात पर प्रतिक्रिया
शरद पवार की पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी से बार-बार होने वाली मुलाकातों पर वड्डेट्टीवार ने कहा, 'बार-बार प्रधानमंत्री से मुलाकात करना सेक्युलर मतदाताओं को धोखा देना प्रतीत होता है, क्योंकि इन्हीं मतदाताओं के भरोसे शरद पवार की पार्टी का महत्व है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन समीकरण लगातार चर्चा में हैं।
वंदे मातरम बिल पर कांग्रेस का रुख
वंदे मातरम बिल पर वड्डेट्टीवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'वंदे मातरम हमारे खून और दिमाग में है। हम तो आज़ादी के लिए लड़ने वाली विचारधारा के लोग हैं। हमें वंदे मातरम BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लोगों से सीखने की ज़रूरत नहीं है।'
गौरतलब है कि यह बिल सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम गायन को अनिवार्य बनाने से जुड़ा है, जिस पर विभिन्न दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
BJP विधायक का पक्ष: मदरसों में 15 अगस्त का स्वागत
BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी द्वारा सभी मदरसों में 15 अगस्त मनाने और राष्ट्रगान गाने की अपील एक स्वागत योग्य पहल है। उन्होंने कहा, 'इस देश में रहने वाले लोग और सभी संस्थाओं को देश के संविधान और राष्ट्रीय गीत में आस्था रखनी चाहिए।'
उपाध्याय ने यह भी कहा, 'इस बार 15 अगस्त को लाल किले पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन होगा। देश की संसद ने किसी भी सरकारी कार्यक्रम से पहले वंदे मातरम गायन का नियम पारित किया है।' उन्होंने कहा कि वंदे मातरम गाकर स्वतंत्रता सेनानियों ने आज़ादी दिलाई थी और आज भी यह गीत देशभक्ति की भावना जागृत करता है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब जंतर-मंतर पर चल रहे युवा विरोध-प्रदर्शन और झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्ष इन आंदोलनों को अपने राजनीतिक हित के अनुसार परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है।