सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: 65वें जन्मदिन पर CM भूपेंद्र पटेल करेंगे प्रथम ज्योतिर्लिंग में विशेष महापूजा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने 65वें जन्मदिन पर प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव मंदिर में विशेष महापूजा के लिए व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कराया है। यह महापूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जो मंदिर के इतिहास में एक ऐतिहासिक पड़ाव को रेखांकित करती है।
स्वाभिमान पर्व का ऐतिहासिक महत्व
वर्ष 2025-26 सोमनाथ मंदिर के लिए दोहरे ऐतिहासिक महत्व का वर्ष है। 1026 ई. में मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने और 1951 में मंदिर के पुनर्निर्मित स्वरूप के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जा रहा है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने 'मिलेनियल होस्ट' अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में विशेष महापूजा का आयोजन किया गया है।
मुख्यमंत्री पटेल का संकल्प
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, 'आज मेरे जन्मदिन पर मुझे प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने और महापूजा में भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्री सोमनाथ महादेव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजा अत्यंत पवित्र क्षण थे।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस महापूजा के लिए पंजीकरण कराया है और उन्होंने स्वयं मंदिर जाकर महादेव का आशीर्वाद लेने का निर्णय किया है।
महापूजा का विस्तृत कार्यक्रम
श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष महापूजा में भक्त सुबह से शाम तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकते हैं। महापूजा सुबह 8:00 बजे संकल्प के साथ आरंभ होती है। 8:10 से 8:30 बजे तक ध्वजा पूजा और 8:35 से 8:50 बजे तक ढोल-नगाड़ों व शहनाई की मंगल ध्वनि में ध्वजा परिक्रमा होती है।
इसके बाद दूध, अनाज और गंगाजल से सोमनाथ महादेव का विशेष अभिषेक किया जाता है। पुजारी महादेव को धोती, उपवस्त्र, रुद्राक्ष माला और जनोई तथा माँ पार्वती को साड़ी और अखंड श्रृंगार अर्पित करते हैं। महादेव को 1008 बिल्व पत्र भी चढ़ाए जाते हैं। सुबह 9:50 से 10:00 बजे तक श्री सोमनाथ ट्रस्ट की गौशाला में नंदी/गौ पूजन और सेवक पूजन होता है, जिसमें ब्राह्मण 1000 महामृत्युंजय मंत्रों का जाप करते हैं।
सुबह 11:45 बजे राजभोग थाली के दर्शन और दोपहर 12:30 बजे श्री अहल्याबाई मंदिर की भोजनशाला में ब्राह्मण भोजन का आयोजन होता है। दिन का समापन शाम 6:15 से 8:00 बजे तक दिव्य दीपमाला दर्शन और शाम की आरती के साथ होता है।
PM मोदी का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों से सोमनाथ की यात्रा का आग्रह करते हुए कहा, 'सोमनाथ में आप भारत की अदम्य भावना का अनुभव करेंगे, जिसने हर बाधा के बावजूद अपनी पहचान और संस्कृति को बरकरार रखा है।' उन्होंने कहा कि सोमनाथ के तट पर खड़े होकर भक्त उस सभ्यतागत चेतना की शक्तिशाली धड़कन महसूस कर सकते हैं जो सदियों से अविराम बनी हुई है।
आगे की राह
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत यह महापूजा देशभर के श्रद्धालुओं को एकजुट करने का प्रयास है। श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने भक्तों को इस दिव्य आयोजन में सहभागी बनने और मंदिर की गौरवशाली विरासत से जुड़ने का आमंत्रण दिया है।