बिहार EOW का बड़ा एक्शन: भवन निर्माण निगम के महाप्रबंधक कमलेश कुमार के 4 ठिकानों पर छापेमारी, ₹3.12 करोड़ आय से 103% अधिक संपत्ति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 22 सितंबर 2026 को बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (BSBCL), पटना के महाप्रबंधक (तकनीकी) कमलेश कुमार के चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(बी) के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई, जिसमें आरोप है कि कमलेश कुमार ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 103.30 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की।
मामले की पृष्ठभूमि और प्राथमिकी
ईओयू के अनुसार, विश्वसनीय स्रोतों से मिली सूचना के आधार पर कमलेश कुमार की आय और संपत्ति की जाँच की गई। प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद 21 सितंबर 2026 को आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 24/26 दर्ज किया गया। जाँच में पाया गया कि कमलेश कुमार की ज्ञात आय के वैध स्रोत करीब ₹3.12 करोड़ हैं, जबकि उनके द्वारा अर्जित संपत्ति इससे कथित तौर पर 103.30 प्रतिशत अधिक है।
छापेमारी के ठिकाने
पटना स्थित विशेष न्यायालय, निगरानी से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद मंगलवार सुबह पुलिस उपाधीक्षक कोटि के अधिकारियों के नेतृत्व में चार अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की।
छापेमारी के ठिकानों में शामिल हैं — वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सर्वोदय मैदान का पैतृक आवास; पटना के एसकेपुरी थाना क्षेत्र स्थित मनमोहन अपार्टमेंट का फ्लैट संख्या 302; राजीव नगर थाना क्षेत्र के राजीव नगर रोड नंबर-25सी स्थित मेधा बिल्डिंग; और बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड का पटना स्थित कार्यालय।
तलाशी में क्या खोजा जा रहा है
तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों की टीमें चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की जाँच कर रही हैं। ईओयू ने स्पष्ट किया है कि तलाशी पूरी होने के बाद मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान का हिस्सा
यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान की कड़ी है। गौरतलब है कि ईओयू ने हाल के महीनों में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के कई मामलों में सक्रियता दिखाई है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर बढ़ा है।
आगे क्या होगा
ईओयू के अनुसार, सभी चारों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद एकत्र साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही तय की जाएगी। अभी तक कमलेश कुमार की गिरफ्तारी या उनकी प्रतिक्रिया के बारे में ईओयू ने कोई जानकारी साझा नहीं की है।