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सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: बीईएमएल के पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक के मैसूर बैंक लॉकरों से ₹1.24 करोड़ की संपत्ति जब्त

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सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: बीईएमएल के पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक के मैसूर बैंक लॉकरों से ₹1.24 करोड़ की संपत्ति जब्त

सारांश

सीबीआई ने बीईएमएल मैसूर के एक पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक के दो बैंक लॉकरों से सोने की ईंटें, चांदी की छड़ें, नकद और एफडी समेत ₹1.24 करोड़ की संपत्ति बरामद की। आरोपी की कुल संदिग्ध संपत्ति अब ₹2.45 करोड़ — वैध आय से 100% से अधिक।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 3 जुलाई 2026 को बीईएमएल, मैसूर के एक पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक के दो बैंक लॉकरों की तलाशी ली।
बरामद संपत्ति में 525 ग्राम सोने के आभूषण, 241.21 ग्राम सोने की ईंटें, 2 किलोग्राम चांदी की छड़, ₹12 लाख नकद और ₹20 लाख की एफडी शामिल।
जब्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹1,02,91,184 ; आभूषण सहित कुल बरामदगी ₹1,24,91,184 ।
आरोपी की कुल संदिग्ध संपत्ति अब लगभग ₹2.45 करोड़ — वैध आय से 100% से अधिक ।
मामला 20 अप्रैल 2026 को दर्ज; जांच अभी जारी, सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), मैसूर के एक तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जुलाई 2026 को कर्नाटक के मैसूर स्थित दो बैंक लॉकरों से ₹1,24,91,184 मूल्य की संपत्ति बरामद की। जांच एजेंसी के अनुसार, इस बरामदगी के बाद आरोपी की कुल संदिग्ध संपत्ति बढ़कर लगभग ₹2.45 करोड़ हो गई है, जो उसकी ज्ञात वैध आय से 100 प्रतिशत से भी अधिक है।

मामले की पृष्ठभूमि

जांच एजेंसी ने 20 अप्रैल 2026 को आरोपी के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रकरण दर्ज किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि आरोपी के पास उसकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में लगभग ₹1.20 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति थी, जो उसकी वैध आय से करीब 51 प्रतिशत अधिक थी। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सीबीआई की जांच तेज हुई है।

बैंक लॉकरों से क्या मिला

सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक की 80 फीट रोड शाखा, मैसूर और कर्नाटक बैंक की वीवी मोहल्ला शाखा के दो लॉकर खोले। तलाशी के दौरान बरामद सामग्री में शामिल हैं:

525 ग्राम सोने के आभूषण, 416 ग्राम चांदी की वस्तुएं, 241.21 ग्राम वजनी 24 कैरेट सोने की ईंटें (गोल्ड बुलियन), 2 किलोग्राम की चांदी की छड़, ₹12 लाख नकद और ₹10-10 लाख की दो सावधि जमा (एफडी) से जुड़े दस्तावेज।

एजेंसी के अनुसार, आरोपी सोने की ईंटों, चांदी की छड़, नकदी और एफडी के स्रोत के संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका, जिसके बाद इन्हें जब्त कर लिया गया। गौरतलब है कि सोने के आभूषण और चांदी की अन्य वस्तुओं को फिलहाल जब्त नहीं किया गया है और उनकी जांच जारी है।

जब्त संपत्ति का मूल्यांकन

सीबीआई के आकलन के अनुसार, जब्त की गई सोने की ईंटों, चांदी की छड़ों, नकदी और एफडी का कुल मूल्य ₹1,02,91,184 है। वहीं, सोने के आभूषण और चांदी की वस्तुओं को भी इसमें जोड़ने पर बरामद संपत्ति का कुल मूल्य ₹1,24,91,184 तक पहुंचता है। इस नई बरामदगी को आरोपी की आय से अधिक संपत्ति में शामिल करने के बाद कुल संदिग्ध संपत्ति लगभग ₹2.45 करोड़ हो गई है।

आगे की जांच

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी आरोपी की अन्य चल-अचल संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में बैंक लॉकरों की तलाशी भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण जांच-उपकरण साबित हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरी प्रणालीगत समस्या की ओर इशारा करती है। आरोपी की वैध आय से 100% से अधिक संदिग्ध संपत्ति यह सवाल उठाती है कि आंतरिक लेखापरीक्षा तंत्र इतने वर्षों तक कहां था। सीबीआई की यह कार्रवाई तब आई है जब सरकार सार्वजनिक क्षेत्र में पारदर्शिता के दावे कर रही है — असली परीक्षा यह होगी कि क्या जांच केवल एक अधिकारी तक सीमित रहती है या उसके संभावित संरक्षकों तक भी पहुंचती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने बीईएमएल के पूर्व अधिकारी के लॉकर से क्या जब्त किया?
सीबीआई ने मैसूर के दो बैंक लॉकरों से 525 ग्राम सोने के आभूषण, 241.21 ग्राम सोने की ईंटें, 2 किलोग्राम चांदी की छड़, ₹12 लाख नकद और ₹20 लाख की एफडी बरामद की। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹1,02,91,184 और आभूषण सहित कुल बरामदगी ₹1,24,91,184 आंकी गई है।
बीईएमएल अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति का मामला कब दर्ज हुआ?
सीबीआई ने 20 अप्रैल 2026 को आरोपी के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि उसके पास वैध आय से लगभग 51 प्रतिशत अधिक संपत्ति थी।
आरोपी की कुल संदिग्ध संपत्ति कितनी है?
3 जुलाई 2026 की बैंक लॉकर बरामदगी को जोड़ने के बाद आरोपी की कुल संदिग्ध संपत्ति लगभग ₹2.45 करोड़ हो गई है, जो उसकी ज्ञात वैध आय से 100 प्रतिशत से भी अधिक है।
किन बैंकों के लॉकर खोले गए?
सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक की 80 फीट रोड शाखा, मैसूर और कर्नाटक बैंक की वीवी मोहल्ला शाखा के लॉकर खोले। दोनों लॉकर कर्नाटक के मैसूर शहर में स्थित हैं।
क्या इस मामले में जांच पूरी हो गई है?
नहीं, सीबीआई के अनुसार जांच अभी जारी है। एजेंसी आरोपी की अन्य चल-अचल संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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