बिहार SVU की तीन जिलों में छापेमारी: सड़क विभाग के इंजीनियर विजय कुमार के परिसरों से ₹10 लाख नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने 4 नवंबर 2026 को सड़क निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जाँच के तहत सहरसा, पटना और औरंगाबाद — तीन जिलों में यह समन्वित कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान अब तक लगभग ₹10 लाख नकद बरामद किए गए हैं।
छापेमारी का दायरा
SVU की टीमों ने सहरसा में विजय कुमार के सरकारी कार्यालय और आवास पर तलाशी ली। पटना में दानापुर क्षेत्र के गोला रोड और महेश नगर स्थित परिसरों पर छापे डाले गए। इसके अलावा दाउदनगर, औरंगाबाद में उनके आवास और अन्य संपत्तियों की भी तलाशी ली गई।
इस समन्वित कार्रवाई ने प्रशासनिक और विभागीय हलकों में हलचल मचा दी है। गौरतलब है कि SVU ने यह अभियान अनुपातहीन संपत्ति के आरोपों में विजय कुमार के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद शुरू किया।
जाँच का केंद्र-बिंदु
सूत्रों के अनुसार, जाँच में इंजीनियर की घोषित आय के स्रोतों और उनके द्वारा कथित रूप से अर्जित संपत्तियों की तुलना की जा रही है। एजेंसी की टीमें संपत्ति दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जाँच कर रही हैं।
विशेष रूप से अचल संपत्तियों, वित्तीय निवेशों, बैंक लेनदेन और अन्य संदिग्ध परिसंपत्तियों से जुड़े कागज़ात खँगाले जा रहे हैं। SVU ने अभी तक बरामद नकदी, दस्तावेजों और जब्त संपत्तियों का विस्तृत आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।
SVU की कार्यप्रणाली
विशेष सतर्कता इकाई (SVU) सरकारी अधिकारियों की घोषित आय के स्रोतों और वार्षिक संपत्ति विवरणों की जाँच करके उन्हें उनकी वास्तविक अर्जित संपत्ति से मिलाती है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में भ्रष्टाचार-रोधी अभियानों के तहत सरकारी इंजीनियरों और अधिकारियों पर नकेल कसने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
यदि एजेंसी को किसी अधिकारी की घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच विसंगति मिलती है, तो वह जाँच शुरू कर सकती है और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है।
आगे क्या होगा
तलाशी पूरी होने और जब्त दस्तावेजों की विधिवत जाँच के बाद ही विजय कुमार द्वारा कथित रूप से अर्जित संपत्तियों की पूरी सीमा और मूल्य स्पष्ट हो पाएगा। SVU की आगे की कार्रवाई — गिरफ्तारी या आरोप-पत्र — दस्तावेज़ी साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।