सोनिया गांधी के लेख पर भाजपा का पलटवार: 'मनमोहन सरकार भ्रष्टाचार में डूबी थी'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक लेख पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने 7 नवंबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के 'तथाकथित नेतृत्व' में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार 'भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई थी' और उस दौर में भारत 'दुनिया का सबसे कमजोर देश' बन गया था। केंद्र सरकार की सोनिया की आलोचना को भाजपा ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने एक उंगली भाजपा पर उठाई, जबकि चार उंगलियाँ खुद उनकी ओर मुड़ी हैं।
गिरिराज सिंह का तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल का सवाल उठाते हुए कहा, 'उनकी जड़ें इटली में हैं, और इसे स्वीकार करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि सोनिया गांधी ने भारत में विवाह के बाद 12 साल तक भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली। गिरिराज सिंह ने यह भी दावा किया कि यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए पोप से आशीर्वाद माँगा — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
तरुण चुघ और शाहनवाज हुसैन की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण, वाराणसी में काशी कॉरिडोर और स्वर्ण मंदिर के आसपास बने कॉरिडोर भारतीय संस्कृति के उत्थान के प्रमाण हैं। चुघ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता न्यायालय में हलफनामे देकर राम मंदिर के फैसले को लटकाने की कोशिश करते थे और कारसेवकों पर गोलियाँ चलवाई गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी को बाटला हाउस कांड पर भी लिखना चाहिए था।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में कानून का राज है, 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' की राह पर देश आगे बढ़ रहा है और 1984 जैसी स्थितियाँ कहीं नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ गति से आगे बढ़ रही है।
नकवी और सारंग का आकलन
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सोनिया गांधी के लेख को 'बेईमानी का पूरा पुलिंदा' बताया। उन्होंने कहा कि यह आत्मकथा नहीं, बल्कि 'कांग्रेस की बर्बादी की दास्तान' है और इसमें 'राजनीतिक तड़का अधिक और ईमानदारी कम' दिखती है।
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सोनिया गांधी के 'तथाकथित नेतृत्व' में मनमोहन सिंह सरकार भ्रष्टाचार में डूबी थी और उस दौर में देश कमज़ोर पड़ गया था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की साख और सम्मान को नई ऊँचाई दी है।
बिहार मंत्री का सवाल
बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने सोनिया गांधी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वे भारतीय समाज की परंपराओं, 'जजमानी प्रथा' और लोक व्यवस्थाओं से परिचित हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बचाने का काम भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।
आगे क्या
सोनिया गांधी के लेख पर यह राजनीतिक विवाद आगामी दिनों में और गहरा सकता है, क्योंकि यह बहस केवल व्यक्तिगत आलोचना तक सीमित न रहकर कांग्रेस शासन के रिकॉर्ड और सांस्कृतिक-राष्ट्रवाद के व्यापक मुद्दों पर केंद्रित हो चुकी है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।