25 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर में बिजली दरें बढ़ाईं तो भड़की BJP, जसरोटिया ने उमर सरकार से माँगा जवाब

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जम्मू-कश्मीर में बिजली दरें बढ़ाईं तो भड़की BJP, जसरोटिया ने उमर सरकार से माँगा जवाब

सारांश

BJP प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने उमर अब्दुल्ला सरकार को तीन मोर्चों पर एक साथ घेरा — 1 सितंबर से बिजली दरें, वंधामा हत्याकांड की पुनर्जांच, और बहावलपुर में जैश मुख्यालय की वापसी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के 200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे की याद दिलाकर उन्होंने सरकार से तत्काल बढ़ोतरी वापस लेने की माँग की।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने 25 अगस्त को जम्मू में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार पर तीखा हमला बोला।
1 सितंबर से लागू होने वाली नई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की माँग की; नेशनल कॉन्फ्रेंस के 200 यूनिट मुफ्त बिजली के चुनावी वादे का हवाला दिया।
जम्मू-कश्मीर SIA द्वारा 1998 के वंधामा हत्याकांड की पुनर्जांच का स्वागत करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों से जवाबदेही माँगी।
पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद मुख्यालय के कथित पुनर्निर्माण पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की अपील की।
5 अगस्त 2019 के बाद हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों को अभी पर्याप्त बिजली नहीं मिली उन पर टैरिफ का बोझ अनुचित है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने 25 अगस्त को जम्मू में तीन मुद्दों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार को कड़े सवालों के घेरे में ले लिया — 1 सितंबर से लागू होने वाली नई बिजली दरें, 1998 के वंधामा हत्याकांड की पुनर्जांच, और पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय के दोबारा बनाए जाने की रिपोर्टें। जसरोटिया ने हाथ में बल्ब थामकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया और माँग की कि बिजली टैरिफ बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए।

बिजली टैरिफ विवाद: सेवा नहीं, बोझ क्यों?

जसरोटिया ने कहा कि थॉमस अल्वा एडिसन ने 1879 में बल्ब का आविष्कार किया था, फिर भी जम्मू-कश्मीर के कई गाँवों में लोगों ने करीब डेढ़ सौ साल बाद पहली बार बिजली देखी। उनके अनुसार, 5 अगस्त 2019 के बाद ही इन क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के काम शुरू हो सके जो पहले नहीं हो पाए थे। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं को अभी तक पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिली, उन पर नई दरों का बोझ डालना उचित नहीं है।

उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनावी घोषणा-पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। BJP प्रवक्ता ने सरकार से माँग की कि वह बताए कि पूर्व के वादे और वर्तमान टैरिफ बढ़ोतरी के बीच की विरोधाभासी स्थिति को वह कैसे उचित ठहराएगी।

वंधामा हत्याकांड और कश्मीरी हिंदुओं का मुद्दा

जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) द्वारा 1998 के वंधामा हत्याकांड की जाँच दोबारा शुरू किए जाने पर जसरोटिया ने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जाँच और दोषियों तक पहुँचना ज़रूरी है। उन्होंने नदीमर्ग में कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की घटना का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने उस दौर में कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यक सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए।

जसरोटिया ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) और कांग्रेस की पूर्व सरकारों के कार्यकाल में अलगाववादी गतिविधियों से जुड़े कुछ लोगों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सम्मान दिए जाने से गलत संदेश गया। उन्होंने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं के पलायन और उनके साथ हुई हिंसा के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और सुरक्षा तंत्र की भूमिका की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के राजनीतिक इतिहास पर हमला

जसरोटिया ने 13 जुलाई 1931 से लेकर 1987 के विधानसभा चुनावों तक के घटनाक्रम का हवाला देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट (MUF) से जुड़े 1987 के चुनाव विवाद को जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है। उनके अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस की कथित राजनीतिक भूलों की सूची इतनी लंबी है कि उसे गिनाने में पूरा दिन लग जाए।

बहावलपुर में जैश मुख्यालय और पाकिस्तान की नीति पर प्रहार

पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय के कथित तौर पर दोबारा बनाए जाने की रिपोर्टों पर जसरोटिया ने कहा कि भारत को 'हज़ारों घाव देकर कमज़ोर करने' की नीति पर चलने वाले पाकिस्तान से किसी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आतंकी ढाँचे को संरक्षण देने के पाकिस्तान के प्रयासों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।

जसरोटिया ने यह भी कहा कि पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में आम लोगों के खिलाफ दमन और हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं, और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के जम्मू-कश्मीर दौरे के बाद पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी है। उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और BJP कश्मीरी हिंदुओं के साथ पूरी तरह खड़ी है।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा गठन के बाद पहली निर्वाचित सरकार और केंद्र के बीच नीतिगत तनाव के संकेत बढ़ते जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में बिजली टैरिफ मुद्दे पर राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह जम्मू-कश्मीर में नई निर्वाचित सरकार और विपक्ष के बीच शासन की साख की पहली बड़ी परीक्षा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव में 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया था — उसे लागू करने से पहले ही टैरिफ बढ़ाना राजनीतिक रूप से असुविधाजनक स्थिति है जिसे BJP भुनाने में देर नहीं लगाएगी। वंधामा और नदीमर्ग जैसे पुराने घावों को ताज़ा करना BJP की उस रणनीति का हिस्सा है जो कश्मीरी हिंदुओं के मुद्दे को केंद्र में रखकर नेशनल कॉन्फ्रेंस की विरासत को कटघरे में खड़ा करती है। बहावलपुर में जैश मुख्यालय की कथित वापसी की रिपोर्टें — यदि सत्यापित होती हैं — तो यह केवल पाकिस्तान नीति का नहीं, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद की कूटनीतिक स्थिति का भी गंभीर परीक्षण होगा।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में बिजली दरें कब से बढ़ेंगी और BJP को क्या आपत्ति है?
उमर अब्दुल्ला सरकार ने 1 सितंबर से नई बिजली दरें लागू करने की घोषणा की है। BJP का तर्क है कि जब सरकार अभी तक सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं दे पाई, तो टैरिफ बढ़ाना अनुचित है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया था — क्या वह पूरा हुआ?
BJP प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनावी घोषणा-पत्र में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का स्पष्ट वादा था। अब टैरिफ बढ़ोतरी के बाद सरकार ने इस वादे और वर्तमान फैसले के बीच की स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
वंधामा हत्याकांड क्या है और SIA ने जाँच दोबारा क्यों शुरू की?
1998 का वंधामा हत्याकांड जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की एक प्रमुख घटना है। जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने इस मामले की जाँच दोबारा शुरू की है; BJP ने इसका स्वागत करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों से जवाबदेही की माँग की है।
बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय के पुनर्निर्माण की खबरें क्या हैं?
रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय कथित तौर पर दोबारा बनाया जा रहा है। BJP प्रवक्ता जसरोटिया ने इस पर कहा कि पाकिस्तान के आतंकी ढाँचे को संरक्षण देने के प्रयासों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जाना चाहिए।
BJP ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के राजनीतिक इतिहास पर क्या आरोप लगाए?
जसरोटिया ने 13 जुलाई 1931 से लेकर 1987 के चुनाव विवाद और मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट (MUF) प्रकरण तक का हवाला देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अलगाववादियों को राजनीतिक सम्मान देने से गलत संदेश गया।
राष्ट्र प्रेस
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