भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान, नितिन नवीन करेंगे दिल्ली में आगाज़
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखे हमले बोले। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा अब 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान को जन-जन तक पहुँचाएगी, जिसकी बुधवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एक बड़े कार्यक्रम के साथ विधिवत शुरुआत करेंगे।
संजय राउत पर न्यायपालिका विवाद
सिन्हा ने आरोप लगाया कि संजय राउत लगातार न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाते आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह राउत ने एक विवादित पोस्ट साझा की थी, जिसमें अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट की इमारत जलाए जाने का वीडियो था और उसके साथ भारतीय सुप्रीम कोर्ट को भी इससे 'सबक लेने' की बात कही गई थी।
सिन्हा ने कहा कि अब राउत यह भी पूछ रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों को साक्ष्य के रूप में क्यों स्वीकार नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट किया कि अखबारों का काम सूचना पहुँचाना है, न कि हर दावे की सत्यता को प्रमाणित करना, और ऐसे बयान देने से पहले कानूनी प्रक्रिया को समझा जाना चाहिए।
न्यायपालिका को दबाव में लाने की कोशिश — भाजपा का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट किसी के विरोध प्रदर्शन से न डरता है और न ही उसे इस तरह प्रभावित करने का प्रयास होना चाहिए। उनके अनुसार, विपक्षी दल न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाकर अपने पक्ष में फैसले की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है।
राहुल गांधी और व्यापारियों पर दबाव का आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सिन्हा ने कहा कि उनके बयानों में 'लगातार बेचैनी और हताशा' दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने व्यापारियों के संगठन को पत्र लिखकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करने को कहा है और यह भी कहा कि यदि व्यापारी इस मांग का समर्थन करते हैं तो 30 सेकंड के भीतर विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया जाएगा।
सिन्हा ने इसे व्यापारी वर्ग पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करार दिया और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस व्यापारियों को अपने राजनीतिक एजेंडे का हथियार बनाना चाहती है।
1 नवंबर और 1984 के सिख नरसंहार का हवाला
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस को 1 नवंबर की तारीख याद रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि 1984 में इसी दिन दिल्ली में सिखों का नरसंहार हुआ था, जिसे सिख समुदाय और व्यापारी वर्ग आज भी भुला नहीं पाए हैं। सिन्हा ने कांग्रेस से अपील की कि वह लोगों की भावनाओं और कारोबारियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए अपने प्रस्तावित कार्यक्रम पर पुनर्विचार करे।
आगे क्या होगा
भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान की बुधवार को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम से शुरुआत होगी, जिसका नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। यह अभियान भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह विपक्ष को न्यायपालिका और संस्थाओं को कमज़ोर करने वाली ताकत के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।