2 नवंबर 2026
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भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा रांची से शुरू, हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला

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भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा रांची से शुरू, हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला

सारांश

BJP झारखंड ने रांची से 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा शुरू कर हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा मोर्चा खोला — कानून-व्यवस्था, महिला असुरक्षा और मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) मुख्य मुद्दे। 5 नवंबर तक गिरिडीह, पलामू, जमशेदपुर समेत पूरे राज्य में दो चरणों में पदयात्राएँ होंगी।

मुख्य बातें

BJP झारखंड ने 2 नवंबर 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का आगाज़ किया।
केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कांग्रेस पर ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया, 1975 के आपातकाल की याद दिलाई।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया थाना कांड का हवाला देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं से जनजागरण का आह्वान किया।
5 नवंबर 2026 तक गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर, दुमका सहित पूरे राज्य में दो चरणों में पदयात्राएँ आयोजित होंगी।
पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जनजागरण का संकल्प दोहराया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की झारखंड इकाई ने 2 नवंबर 2026 को रांची से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान का औपचारिक आगाज़ किया। पार्टी ने इस मार्च के ज़रिए एक साथ दो मोर्चे खोले — संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का राष्ट्रीय एजेंडा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर कानून-व्यवस्था, महिला असुरक्षा तथा प्रशासनिक विफलताओं को लेकर सीधा प्रहार।

पदयात्रा का मार्ग और शुभारंभ

पदयात्रा रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से शुरू हुई, जहाँ वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। जुलूस एसएसपी आवास और कचहरी चौक से होते हुए जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान तक पहुँचा। कार्यकर्ताओं के हाथों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), अवैध घुसपैठ और राज्य के विकास से जुड़े बैनर थे, जिन पर 'एसआईआर तो बहाना है, घुसपैठियों को बचाना है' और 'जनादेश से खिलवाड़ बंद करो' जैसे नारे लिखे थे।

केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को 1975 के आपातकाल को याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग तो कभी सर्वोच्च अदालत की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि चुनावी पराजय से उपजी हताशा में विपक्ष संवैधानिक ढाँचे को कमज़ोर करने पर आमादा है।

हेमंत सरकार पर आरोप

BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी 'वोट चोरी' का झूठा आलाप जपकर जनता को भ्रमित करने में जुटे हैं। उन्होंने सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना कांड का हवाला देते हुए कहा कि जब न्याय माँगने थाने पहुँची महिला के साथ ही पुलिसकर्मी दुष्कर्म जैसी वारदात को अंजाम दे रहे हों, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की भयावह स्थिति का अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है। साहू ने तंज कसा कि राज्य में बहन-बेटियाँ असुरक्षित हैं और मुख्यमंत्री दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की रैली में व्यस्त हैं।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की सत्तारूढ़ सरकार और कांग्रेस मिलकर राज्य में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की जनविरोधी नीतियों और विफलताओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

आम जनता पर असर और एसआईआर जागरूकता

पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रति आम लोगों को जागरूक करने का संकल्प भी दोहराया। यह पदयात्रा ऐसे समय में आई है जब झारखंड में अवैध घुसपैठ और मतदाता सूची की शुद्धता का मुद्दा राजनीतिक रूप से गर्म है। गौरतलब है कि BJP यह मुद्दा अगले विधानसभा चुनाव से पहले ज़मीनी स्तर पर उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।

क्या होगा आगे

आगामी 5 नवंबर 2026 तक दो चरणों में गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर और दुमका समेत राज्य के सभी प्रमुख जिलों में विधानसभा स्तर तक पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा। पदयात्रा में प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह और संगठन महामंत्री पवन सोए सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। यदि यह अभियान राज्यभर में व्यापक जनसमर्थन जुटाने में सफल रहा, तो यह झारखंड की राजनीतिक ज़मीन पर BJP की पकड़ को नया आयाम दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले ज़मीन तैयार करने की रणनीतिक कवायद है। गम्हरिया थाना कांड को राजनीतिक हथियार बनाना सरकार की नाकामी उजागर करने का असरदार तरीका हो सकता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पार्टी इन मुद्दों को महज़ रैलियों से आगे ठोस विकल्प के रूप में पेश कर पाएगी। एसआईआर को लेकर BJP का नैरेटिव और 'घुसपैठ' का मुद्दा ध्रुवीकरण की राजनीति की ओर इशारा करता है — जो झारखंड जैसे आदिवासी-बहुल राज्य में संवेदनशील और दोधारी तलवार है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा क्या है?
यह BJP झारखंड द्वारा 2 नवंबर 2026 को रांची से शुरू किया गया राजनीतिक मार्च अभियान है, जिसका उद्देश्य हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था, महिला असुरक्षा और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर जनता के बीच दबाव बनाना और मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रति जागरूकता फैलाना है।
पदयात्रा में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह और संगठन महामंत्री पवन सोए सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
BJP ने हेमंत सोरेन सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP ने हेमंत सोरेन सरकार पर ध्वस्त कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विफलताओं और महिला असुरक्षा के आरोप लगाए हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया थाना कांड का हवाला दिया, जहाँ कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी ने न्याय माँगने आई महिला के साथ दुष्कर्म जैसी वारदात की।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और BJP इसे क्यों उठा रही है?
एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, जिसके तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने की प्रक्रिया की जाती है। BJP का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल इस प्रक्रिया का उपयोग अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखने के लिए कर रहा है, इसलिए पार्टी इस मुद्दे पर आम जनता को जागरूक करने की मुहिम चला रही है।
यह पदयात्रा अभियान कब तक और कहाँ-कहाँ चलेगी?
5 नवंबर 2026 तक दो चरणों में गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर और दुमका समेत झारखंड के सभी प्रमुख जिलों में विधानसभा स्तर तक पदयात्राएँ आयोजित की जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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