बोकारो की लापता किशोरी केस: झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई एसपी को किया तलब, 6 साल बाद भी सुराग नहीं
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो जिले की एक 14 वर्षीय किशोरी के 6 वर्षों से लापता होने के मामले में जांच की सुस्त रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीबीआई के एसपी को 27 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने यह निर्देश उपलब्ध तथ्यों और जांच की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद जारी किया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का है। किशोरी 16 अक्टूबर 2020 से लापता है। घटनास्थल के निकट उसकी साइकिल, चप्पल और किताबें बरामद हुई थीं। प्राथमिकी की सुपरविजन रिपोर्ट में इसे अपहरण का मामला माना गया था। वर्षों तक कोई ठोस सुराग न मिलने पर परिजनों ने झारखंड हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।
अदालत की सख्ती और सीबीआई की भूमिका
इससे पहले 2 जुलाई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले में प्रतिवादी बनाते हुए जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था। अदालत ने सीबीआई और सीआईडी को आपसी समन्वय से जांच आगे बढ़ाने और सीबीआई की तकनीकी विशेषज्ञता व संसाधनों का उपयोग करने को कहा था। खंडपीठ ने यह भी जानना चाहा कि 6 वर्ष बीत जाने के बावजूद किशोरी का पता क्यों नहीं चल सका और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाने के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
ई-केवाईसी मिलान का सुराग, पर पुष्टि नहीं
सुनवाई के दौरान सीआईडी ने अदालत को बताया कि ई-केवाईसी मिलान के दौरान बिहार के गोपालगंज में एक बच्ची का चेहरा लापता किशोरी से करीब 90 प्रतिशत तक मेल खाता मिला था। हालाँकि, अंगूठे के निशान और अन्य पहचान संबंधी विवरण मेल न खाने के कारण उसकी पुष्टि नहीं हो सकी। यह तथ्य जांच में एक अहम लेकिन अधूरे सुराग के रूप में सामने आया है।
अगली सुनवाई और आगे की राह
मामले की अगली सुनवाई मंगलवार दोपहर 2:15 बजे निर्धारित है, जिसमें सीबीआई एसपी को स्वयं उपस्थित होकर जांच की प्रगति और आगे की कार्ययोजना अदालत के समक्ष रखनी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब हाईकोर्ट पहले भी जांच में हो रही देरी पर चिंता जता चुका है। अदालत की बढ़ती सख्ती यह संकेत देती है कि न्यायपालिका इस मामले में जांच एजेंसियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।