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2027 UP चुनाव: धर्मपाल सिंह ने अमरोहा में दिया 'बूथ जीता तो चुनाव जीता' का मंत्र

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2027 UP चुनाव: धर्मपाल सिंह ने अमरोहा में दिया 'बूथ जीता तो चुनाव जीता' का मंत्र

सारांश

2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से डेढ़ साल पहले भाजपा ने बूथ स्तर को अपनी जीत की धुरी बना लिया है। धर्मपाल सिंह ने अमरोहा में मुरादाबाद मंडल के कार्यकर्ताओं को 'बूथ जीता तो चुनाव जीता' का मंत्र देकर संगठन को चुनावी मोड में डाल दिया।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने 14 जुलाई को अमरोहा में मुरादाबाद मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बैठकें कीं।
'बूथ जीता तो चुनाव जीता' को 2027 UP विधानसभा चुनाव की केंद्रीय रणनीति घोषित किया गया।
अमरोहा, बिजनौर, संभल, रामपुर और मुरादाबाद के जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक और अनुसूचित जाति मोर्चा पदाधिकारी बैठकों में शामिल रहे।
भाजपा PM मोदी और CM योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास कार्यों को चुनावी आधार बनाएगी।
अनुसूचित जाति मोर्चे को डॉ.
भीमराव आंबेडकर के दर्शन और पंचतीर्थ विकास को जन-जन तक पहुँचाने का निर्देश दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने मंगलवार, 14 जुलाई को अमरोहा में मुरादाबाद मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को बूथ स्तर से आरंभ करने का स्पष्ट आह्वान किया। उन्होंने 'बूथ जीता तो चुनाव जीता' के मंत्र को संगठन की केंद्रीय रणनीति घोषित करते हुए कहा कि प्रत्येक बूथ को भाजपा की जीत का अभेद्य दुर्ग बनाया जाएगा।

बैठक का दायरा और प्रतिभागी

धर्मपाल सिंह ने अमरोहा, बिजनौर, संभल, रामपुर और मुरादाबाद के जिलाध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों, अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों, शक्ति केंद्र संयोजकों और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग संवाद बैठकें कीं। यह बैठकें मुरादाबाद मंडल में संगठनात्मक पुनर्गठन और चुनावी तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई थीं।

बूथ-केंद्रित रणनीति का खाका

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि भाजपा की समूची चुनावी कार्ययोजना का केंद्र बूथ होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक और बूथ अध्यक्ष के बीच नियमित समन्वय और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली के ज़रिए संगठन को मज़बूती दी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर बैठक में डायरी लेकर उपस्थित होने, बूथ स्तर की गतिविधियों का नियमित अभिलेखीकरण करने और समीक्षा तथा फॉलोअप की कार्य-संस्कृति विकसित करने का आग्रह किया।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि शक्ति केंद्र बूथ और मंडल के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता को उसकी क्षमता, योग्यता और अनुभव के अनुरूप जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, और वरिष्ठ नेताओं एवं निवर्तमान पदाधिकारियों की संगठनात्मक जवाबदेही भी तय की जाएगी।

मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियाँ होंगी चुनावी आधार

धर्मपाल सिंह ने कहा कि भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों, ऐतिहासिक निर्णयों और विकास परियोजनाओं के आधार पर जनता के बीच लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जातीय विभाजन, भ्रम और दुष्प्रचार के सहारे चुनाव मैदान में उतरेगा, जिसका जवाब भाजपा कार्यकर्ता तथ्यों और प्रमाणों के साथ देंगे।

अनुसूचित जाति मोर्चे को विशेष संदेश

अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर का लोककल्याणकारी दर्शन भाजपा की प्रेरणाशक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहब से जुड़े पंचतीर्थों का विकास कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर अनुसूचित वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकारों की योजनाओं का सर्वाधिक लाभ गरीब, वंचित, पिछड़े और अनुसूचित वर्ग के लोगों को मिला है। कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि वे सरकार की उपलब्धियों और संगठन की विचारधारा को तुलनात्मक एवं तथ्यात्मक सामग्री के साथ घर-घर तक पहुँचाएँ।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी लगभग डेढ़ वर्ष का समय शेष है और सभी प्रमुख दल जमीनी स्तर पर संगठन मज़बूत करने में जुटे हैं। भाजपा की बूथ-केंद्रित रणनीति 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में कारगर साबित हुई थी, और अब पार्टी इसी अनुभव को विधानसभा स्तर पर दोहराने की तैयारी में है। आने वाले महीनों में मंडल और जिला स्तर पर इसी तरह की और बैठकें आयोजित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बेरोज़गारी और जातीय समीकरणों पर विपक्ष की पैनी नज़र है। धर्मपाल सिंह का यह दौरा संकेत देता है कि पार्टी संगठनात्मक जड़ता को तोड़ने की कोशिश में है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि बूथ-डायरी और फॉलोअप की संस्कृति ज़मीन पर कितनी उतरती है। मुरादाबाद मंडल, जहाँ मुस्लिम और पिछड़ा वर्ग की आबादी निर्णायक है, वहाँ अनुसूचित जाति मोर्चे पर विशेष ज़ोर देना भाजपा की सोची-समझी सामाजिक इंजीनियरिंग का हिस्सा है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'बूथ जीता तो चुनाव जीता' रणनीति क्या है?
यह भाजपा की वह चुनावी रणनीति है जिसमें प्रत्येक मतदान बूथ को जीत की इकाई मानकर वहाँ मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक और बूथ अध्यक्ष के बीच समन्वित नेटवर्क तैयार किया जाता है। धर्मपाल सिंह ने 14 जुलाई को अमरोहा में इसी रणनीति को 2027 UP चुनाव का केंद्र घोषित किया।
धर्मपाल सिंह कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
धर्मपाल सिंह भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रदेश महामंत्री (संगठन) हैं। वे पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे को ज़मीनी स्तर तक मज़बूत करने की जिम्मेदारी सँभालते हैं और मंडल व जिला स्तर पर कार्यकर्ता बैठकों का नेतृत्व करते हैं।
14 जुलाई की बैठक में कौन-कौन से जिले शामिल थे?
मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत अमरोहा, बिजनौर, संभल, रामपुर और मुरादाबाद जिलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इन बैठकों में शामिल हुए। अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ भी अलग संवाद सत्र आयोजित किया गया।
भाजपा 2027 UP चुनाव किन मुद्दों पर लड़ेगी?
धर्मपाल सिंह के अनुसार भाजपा यह चुनाव PM नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार और CM योगी आदित्यनाथ की UP सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों, ऐतिहासिक निर्णयों और विकास परियोजनाओं के आधार पर लड़ेगी। पार्टी विपक्ष के कथित दुष्प्रचार का जवाब तथ्यों और प्रमाणों से देने की तैयारी कर रही है।
अनुसूचित जाति मोर्चे को क्या निर्देश दिए गए?
धर्मपाल सिंह ने अनुसूचित जाति मोर्चे के पदाधिकारियों से कहा कि वे डॉ. भीमराव आंबेडकर के दर्शन और पंचतीर्थ विकास को जन-जन तक पहुँचाएँ। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर अनुसूचित वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं को तुलनात्मक एवं तथ्यात्मक सामग्री के साथ व्यापक जनसंपर्क का निर्देश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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