29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोतिहारी में BPSSC भर्ती परीक्षा: चप्पल में छिपा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पकड़ा, अविनाश कुमार गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोतिहारी में BPSSC भर्ती परीक्षा: चप्पल में छिपा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पकड़ा, अविनाश कुमार गिरफ्तार

सारांश

मोतिहारी में BPSSC भर्ती परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी ने चप्पल के अंदर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट छिपाकर जैमर को भी चकमा देने की कोशिश की — लेकिन अधिकारियों की पैनी नज़र से बच न सका। बेतिया निवासी अविनाश कुमार गिरफ्तार, दो अन्य हिरासत में; यूट्यूब से सीखी थी तकनीक।

मुख्य बातें

BPSSC की कमांडेंट इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा के दौरान मोतिहारी के एलएनडी कॉलेज में नकल का मामला उजागर हुआ।
आरोपी अविनाश कुमार ( बेतिया, पश्चिम चंपारण ) ने चप्पल के अंदर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया।
आरोपी ने चप्पल को चारदीवारी के ऊपर से फेंककर सुरक्षा जांच को चकमा दिया और जैमर से बचने की भी योजना बनाई थी।
SP स्वर्ण प्रभात के अनुसार, आरोपी ने यूट्यूब से धोखाधड़ी की तकनीक सीखी और डिवाइस ऑनलाइन खरीदा।
गिरफ्तारी के बाद दो अन्य संदिग्ध हिरासत में; रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।
परीक्षा पूर्वी चंपारण के 12 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई थी।

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), 29 जुलाई: बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) द्वारा बुधवार को मोतिहारी में आयोजित 'अधिनायक अनुदेशक' (कमांडेंट इंस्ट्रक्टर) भर्ती परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को अपनी चप्पल के अंदर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट छिपाकर नकल करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। पश्चिम चंपारण के बेतिया निवासी अविनाश कुमार को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

कैसे हुआ खुलासा

परीक्षा के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अरुण कुमार और सदर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) दिलीप कुमार विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे थे। एलएनडी कॉलेज के परीक्षा कक्ष में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को एक परीक्षार्थी का आचरण संदिग्ध लगा और उन्होंने गहन तलाशी का आदेश दिया।

तलाशी में अभ्यर्थी की चप्पल के अंदर छिपा एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुआ, जिसे परीक्षा के दौरान बाहरी स्रोतों से उत्तर प्राप्त करने के लिए तैयार किया गया था।

आरोपी की चालाक योजना

जांचकर्ताओं के अनुसार, अविनाश कुमार ने सुरक्षा जांच को चकमा देने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। परीक्षा परिसर में प्रवेश करने से पहले उसने कथित तौर पर छिपे हुए उपकरण वाली चप्पल को चारदीवारी के ऊपर से फेंक दिया और स्वयं नंगे पैर केंद्र में प्रवेश किया, ताकि तलाशी के दौरान गैजेट का पता न चल सके।

सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद उसने परिसर के अंदर से चप्पल उठाई और पहनकर परीक्षा हॉल में प्रवेश किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने परीक्षा केंद्र पर लगे इलेक्ट्रॉनिक जैमर से बचने का भी तरीका तैयार कर रखा था।

यूट्यूब से सीखी धोखाधड़ी की तकनीक

पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के अनुसार, पूछताछ में अविनाश कुमार ने स्वीकार किया कि उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर यह धोखाधड़ी की तकनीक सीखी थी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उसने ऑनलाइन खरीदा था और इसे भर्ती परीक्षा में इस्तेमाल करने की पूर्व योजना बनाई थी।

जांच का दायरा और परीक्षा व्यवस्था

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की जानकारी के आधार पर दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। जांचकर्ता अब इस कथित धोखाधड़ी रैकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने, उपकरण की खरीद की कड़ी जोड़ने और यह पता लगाने में जुटे हैं कि परीक्षा केंद्र के बाहर से उत्तर भेजने के लिए कौन जिम्मेदार था।

गौरतलब है कि यह भर्ती परीक्षा कदाचार रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूर्वी चंपारण जिले के 12 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। पुलिस की ओर से मामले में आगे की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य अभ्यर्थियों ने भी इसी तरह के तरीके अपनाए थे।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में हाई-टेक नकल के मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो परीक्षा प्रणाली की निगरानी क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित रैकेट हो सकता है। बिहार में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता तब तक संदेह के घेरे में रहेगी जब तक परीक्षा प्रणाली तकनीकी निगरानी में आमूल सुधार नहीं करती।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोतिहारी BPSSC परीक्षा में नकल का मामला क्या है?
29 जुलाई को मोतिहारी के एलएनडी कॉलेज में BPSSC कमांडेंट इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा के दौरान बेतिया निवासी अविनाश कुमार को चप्पल के अंदर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाकर नकल करते पकड़ा गया। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान संदिग्ध आचरण देखकर तलाशी ली और डिवाइस बरामद किया।
आरोपी अविनाश कुमार ने सुरक्षा जांच को कैसे चकमा दिया?
जांचकर्ताओं के अनुसार, अविनाश ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले डिवाइस वाली चप्पल को चारदीवारी के ऊपर से फेंक दिया और नंगे पैर सुरक्षा जांच पार की। अंदर पहुंचकर चप्पल पहन ली। परीक्षा केंद्र के जैमर को बायपास करने की भी योजना थी।
आरोपी ने यह तकनीक कहाँ से सीखी और डिवाइस कहाँ से खरीदा?
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के अनुसार, अविनाश ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर यह धोखाधड़ी की तकनीक सीखी थी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ऑनलाइन खरीदा था।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार या हिरासत में हैं?
अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया गया है और उसकी जानकारी के आधार पर दो अन्य व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। कथित धोखाधड़ी रैकेट में उनकी भूमिका की जांच जारी है।
BPSSC कमांडेंट इंस्ट्रक्टर परीक्षा किन केंद्रों पर आयोजित हुई?
यह भर्ती परीक्षा पूर्वी चंपारण जिले के 12 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ आयोजित की गई थी। SDO अरुण कुमार और DSP दिलीप कुमार इन केंद्रों का निरीक्षण कर रहे थे, जिसी दौरान यह मामला सामने आया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले