22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर बृजभूषण शरण सिंह: 'सरकार से सीधा संवाद करें, राजनीति से दूर रहें'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर बृजभूषण शरण सिंह: 'सरकार से सीधा संवाद करें, राजनीति से दूर रहें'

सारांश

BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन को राजनीतिक दलों द्वारा 'हाईजैक' किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से सीधे संवाद और जरूरत पड़ने पर खेद व्यक्त करने की अपील की, साथ ही राहुल गांधी सहित किसी भी दल की भूमिका को अनुचित बताया।

मुख्य बातें

बृजभूषण शरण सिंह ने 22 जुलाई को गोंडा में कहा कि सरकार को जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर सीधे संवाद करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी और दक्षिणपंथी संगठनों सहित राजनीतिक समूहों ने आंदोलन को 'हाईजैक' कर लिया।
सिंह ने राहुल गांधी सहित किसी भी राजनीतिक दल की इस आंदोलन में भूमिका को अनुचित बताया।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार या प्रशासन से चूक हुई हो, तो खेद व्यक्त किया जाना चाहिए।
छात्रों से अपील की कि वे राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहकर केवल अपनी माँगों पर केंद्रित रहें।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 22 जुलाई को गोंडा में पत्रकारों से बात करते हुए जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों से सीधे संवाद करना चाहिए और यदि कहीं प्रशासनिक चूक हुई हो तो उसका खेद भी व्यक्त किया जाना चाहिए।

छात्र देश की जिम्मेदारी, किसी एक दल की नहीं

सिंह ने स्पष्ट किया कि छात्र किसी एक राजनीतिक दल या नेता के नहीं, बल्कि पूरे देश और सरकार की साझा जिम्मेदारी हैं। उनके अनुसार, जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्र पूरी ईमानदारी और नेक नीयत के साथ अपनी वास्तविक समस्याएँ और माँगें सरकार तक पहुँचाने आए थे। उन्होंने कहा कि उनका कार्यालय जंतर-मंतर के निकट होने के कारण उन्होंने पूरे आंदोलन को करीब से देखा।

राजनीतिक हस्तक्षेप से भटका आंदोलन

बृजभूषण शरण सिंह ने आरोप लगाया कि समय के साथ इस छात्र आंदोलन में वामपंथी और दक्षिणपंथी संगठनों सहित विभिन्न राजनीतिक समूहों का हस्तक्षेप बढ़ गया, जिन्होंने इसे अपने हितों के लिए 'हाईजैक' कर लिया। उनका कहना था कि यह स्थिति बड़े आंदोलनों में अक्सर देखने को मिलती है — जहाँ मूल मुद्दों की जगह राजनीतिक एजेंडा हावी हो जाता है और छात्रों की असली आवाज़ कमज़ोर पड़ जाती है।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इस मामले में राहुल गांधी या किसी अन्य राजनीतिक दल की भूमिका नहीं होनी चाहिए। छात्र आंदोलन को राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए, बल्कि यह समस्याओं के समाधान का माध्यम होना चाहिए।

सरकार से संवाद और जवाबदेही की अपील

सिंह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर छात्रों से बातचीत के लिए तैयार रह सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि प्रशासन या सरकार की ओर से कोई कमी रही हो, तो उसे स्वीकार करते हुए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, छात्र देश की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनकी बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए।

छात्रों से सीधी अपील

BJP नेता ने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को किसी भी राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव से मुक्त रखें और केवल अपनी माँगों पर केंद्रित रहें। उन्होंने चेताया कि यदि आंदोलन राजनीतिक दलों के प्रभाव में आ गया, तो उसका मूल उद्देश्य प्रभावित होगा और अंततः छात्रों के हितों को ही नुकसान पहुँचेगा। उनके मतानुसार, छात्रों और सरकार के बीच सीधे संवाद से ही इस तरह के मुद्दों का सकारात्मक समाधान संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राहुल गांधी का नाम लेकर विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप लगाना उस संतुलन को एकतरफा बनाता है। असली सवाल यह है कि छात्रों की मूल माँगें क्या हैं और सरकार ने अब तक उन पर क्या ठोस कदम उठाए हैं — जिसका जवाब इस बयान में नहीं मिलता।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह ने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों से सीधे संवाद करना चाहिए और यदि कोई प्रशासनिक चूक हुई हो तो खेद व्यक्त किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखें।
बृजभूषण ने किस पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया?
उन्होंने वामपंथी और दक्षिणपंथी दोनों संगठनों पर आरोप लगाया कि उन्होंने छात्र आंदोलन को अपने हितों के लिए 'हाईजैक' कर लिया। उन्होंने राहुल गांधी सहित किसी भी राजनीतिक दल की इस आंदोलन में भूमिका को अनुचित बताया।
क्या BJP सरकार ने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर कोई जिम्मेदारी स्वीकार की है?
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि सरकार या प्रशासन की ओर से कोई कमी रही हो, तो उसे स्वीकार करते हुए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। हालाँकि, यह उनका व्यक्तिगत बयान है और सरकार की आधिकारिक स्थिति इससे भिन्न हो सकती है।
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप क्यों चिंता का विषय बना?
सिंह के अनुसार, बड़े आंदोलनों में अक्सर मूल मुद्दों की जगह राजनीतिक एजेंडा हावी हो जाता है, जिससे छात्रों की असली आवाज़ कमज़ोर पड़ जाती है। उनका कहना था कि आंदोलन का राजनीतिकरण छात्रों के हितों को नुकसान पहुँचाता है।
बृजभूषण शरण सिंह ने छात्रों को क्या सलाह दी?
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव में आए बिना अपनी समस्याएँ सीधे सरकार के सामने रखें। उनके अनुसार, छात्रों और सरकार के बीच सीधे संवाद से ही मुद्दों का सकारात्मक समाधान संभव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 17 घंटे पहले
  3. 19 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. कल
  7. 2 दिन पहले
  8. 6 महीने पहले