वाशिंगटन डीसी में 'चीन का शासन और विश्व विकास' वैश्विक संवाद, 100 से अधिक विशेषज्ञ शामिल
सारांश
मुख्य बातें
चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने संयुक्त रूप से 2 नवंबर 2026 को वाशिंगटन, डी.सी. में 'चीन का शासन और विश्व विकास' शीर्षक से एक वैश्विक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अमेरिका के रणनीतिक, शैक्षणिक, व्यापारिक और मीडिया समुदायों से लगभग 100 अतिथि सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
सीपीसी केंद्रीय समिति के प्रचार विभाग के उप मंत्री और सीएमजी के महानिदेशक शेन हाइश्योंग ने वीडियो संबोधन के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। अमेरिका में चीनी राजदूत श्ये फेंग ने मुख्य भाषण दिया।
अमेरिकी कुह्न फाउंडेशन के अध्यक्ष रॉबर्ट कुह्न और अमेरिकी विशेषज्ञ रोनाल्ड सकोल्स्की ने भी क्रमशः अपने विचार प्रस्तुत किए। यह कार्यक्रम 'चीन का शासन और विश्व विकास' विषय पर आयोजित होने वाली कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का शुभारंभ माना जा रहा है।
विचार-विमर्श के प्रमुख विषय
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने चीन के राष्ट्रीय शासन में सफल अनुभव और वैश्विक विकास में चीन के योगदान जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। इसमें अमेरिका के रणनीतिक समुदाय, व्यापार जगत, शिक्षाविद, मीडिया प्रतिनिधि और विश्वविद्यालय के छात्र शामिल थे।
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ जब 20वीं सीपीसी केंद्रीय समिति का पाँचवाँ पूर्ण सत्र हाल ही में पेइचिंग में सम्पन्न हुआ था, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया।
सीएमजी महानिदेशक का बयान
महानिदेशक शेन हाइश्योंग ने अपने संबोधन में कहा कि आज के चीन को समझने के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चाइना मीडिया ग्रुप चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की रणनीतियों का प्रभावी ढंग से प्रसार और व्याख्या करना जारी रखेगा।
गौरतलब है कि सीएमजी स्वयं को विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूहों में से एक के रूप में प्रस्तुत करता है। कथित तौर पर इस संवाद श्रृंखला का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन के शासन मॉडल की व्याख्या करना है।
व्यापक संदर्भ और महत्व
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका-चीन संबंध कई मोर्चों पर तनावपूर्ण बने हुए हैं। विश्लेषकों के अनुसार, वाशिंगटन डीसी जैसे राजनीतिक केंद्र में इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों का आयोजन चीन की 'सॉफ्ट डिप्लोमेसी' रणनीति का हिस्सा माना जाता है।
आगे इस श्रृंखला के अंतर्गत और कार्यक्रमों के आयोजन की संभावना बताई जा रही है, जो विभिन्न देशों में आयोजित किए जा सकते हैं।