सीएम मोहन यादव ने जबलपुर कांवड़ यात्रा में बरसाए फूल, डमरू बजाया और दादा गुरु संग चले पैदल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 अगस्त 2025 को जबलपुर के रांझी क्षेत्र में आयोजित संस्कार कांवड़ यात्रा में सहभागिता की और श्रद्धालु कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। सावन मास के द्वितीय सोमवार पर निकली इस यात्रा में मुख्यमंत्री ने स्वयं कांवड़ उठाई, उत्साहपूर्वक डमरू बजाया और दादा गुरु के सान्निध्य में पैदल यात्रा में शामिल हुए।
मुख्य घटनाक्रम
संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में बम भोले के जयघोष और ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच हज़ारों कांवड़िये मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पण करने निकले। मुख्यमंत्री यादव के साथ अनेक जन-प्रतिनिधि भी यात्रा में उपस्थित रहे। यात्रा का दृश्य इतना विशाल था कि मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा कि इतनी बड़ी कांवड़ यात्रा उन्होंने पहली बार देखी है।
मुख्यमंत्री के उद्गार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'आज सावन मास का पवित्र सोमवार है, मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिल रहा है। कांवड़ियों का सैलाब समुद्र की लहर के समान दिखाई दे रहा है — जहाँ तक नज़र जाती है, वहाँ तक कांवड़िये ही कांवड़िये दिखाई देते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि यह कांवड़िये दादा गुरु के नेतृत्व में पूर्ण भक्तिभाव के साथ यात्रा में सम्मिलित हुए हैं।
सरकार की धार्मिक पर्यटन नीति
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन, श्रद्धालुओं की सुविधा और सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्यरत है। एक ओर कांवड़ यात्रियों को यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं देव स्थानों को भी सुविधायुक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'भारत की जड़ों में सनातन संस्कृति है, जो आत्म-अनुशासन, प्रगति और उल्लास का मार्ग प्रशस्त करती है।'
एक्स पर साझा किया संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, 'पवित्र श्रावण माह के द्वितीय सोमवार के अवसर पर आज जबलपुर में परम पूज्य श्रद्धेय दादा गुरु जी के सान्निध्य में संस्कार कांवड़ यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मां नर्मदा का जल लेकर निकले कांवड़ यात्रियों का उत्साह अतुलनीय है। यह अद्भुत यात्रा हमारी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। भगवान शिव की कृपा से समस्त प्रदेशवासियों का मंगल व कल्याण हो, यही प्रार्थना है।'
आगे की राह
इस यात्रा के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी का संकेत दिया है। जबलपुर की यह संस्कार कांवड़ यात्रा राज्य में सनातन परंपराओं को संस्थागत समर्थन देने की व्यापक नीति का हिस्सा प्रतीत होती है।