10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीएम मोहन यादव ने जबलपुर कांवड़ यात्रा में बरसाए फूल, डमरू बजाया और दादा गुरु संग चले पैदल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीएम मोहन यादव ने जबलपुर कांवड़ यात्रा में बरसाए फूल, डमरू बजाया और दादा गुरु संग चले पैदल

सारांश

सावन के पवित्र सोमवार पर जबलपुर में मुख्यमंत्री मोहन यादव कांवड़ यात्रा में भक्त बनकर उतरे — फूल बरसाए, डमरू थामा और दादा गुरु के साथ पैदल चले। यह दृश्य धार्मिक आस्था और राजनीतिक सहभागिता का मेल था, जो मध्य प्रदेश सरकार की सनातन संस्कृति-केंद्रित छवि को और पुख्ता करता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 अगस्त 2025 को जबलपुर के रांझी में संस्कार कांवड़ यात्रा में भाग लिया।
सीएम ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की, स्वयं डमरू बजाया और दादा गुरु के साथ पैदल यात्रा की।
यात्रा सावन के द्वितीय सोमवार को मां नर्मदा के पवित्र जल के साथ निकाली गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी विशाल कांवड़ यात्रा उन्होंने पहली बार देखी है।
सरकार ने धार्मिक पर्यटन और देव स्थानों की सुविधा को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 अगस्त 2025 को जबलपुर के रांझी क्षेत्र में आयोजित संस्कार कांवड़ यात्रा में सहभागिता की और श्रद्धालु कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। सावन मास के द्वितीय सोमवार पर निकली इस यात्रा में मुख्यमंत्री ने स्वयं कांवड़ उठाई, उत्साहपूर्वक डमरू बजाया और दादा गुरु के सान्निध्य में पैदल यात्रा में शामिल हुए।

मुख्य घटनाक्रम

संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में बम भोले के जयघोष और ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच हज़ारों कांवड़िये मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पण करने निकले। मुख्यमंत्री यादव के साथ अनेक जन-प्रतिनिधि भी यात्रा में उपस्थित रहे। यात्रा का दृश्य इतना विशाल था कि मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा कि इतनी बड़ी कांवड़ यात्रा उन्होंने पहली बार देखी है।

मुख्यमंत्री के उद्गार

इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'आज सावन मास का पवित्र सोमवार है, मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिल रहा है। कांवड़ियों का सैलाब समुद्र की लहर के समान दिखाई दे रहा है — जहाँ तक नज़र जाती है, वहाँ तक कांवड़िये ही कांवड़िये दिखाई देते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि यह कांवड़िये दादा गुरु के नेतृत्व में पूर्ण भक्तिभाव के साथ यात्रा में सम्मिलित हुए हैं।

सरकार की धार्मिक पर्यटन नीति

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन, श्रद्धालुओं की सुविधा और सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्यरत है। एक ओर कांवड़ यात्रियों को यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं देव स्थानों को भी सुविधायुक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'भारत की जड़ों में सनातन संस्कृति है, जो आत्म-अनुशासन, प्रगति और उल्लास का मार्ग प्रशस्त करती है।'

एक्स पर साझा किया संदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, 'पवित्र श्रावण माह के द्वितीय सोमवार के अवसर पर आज जबलपुर में परम पूज्य श्रद्धेय दादा गुरु जी के सान्निध्य में संस्कार कांवड़ यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मां नर्मदा का जल लेकर निकले कांवड़ यात्रियों का उत्साह अतुलनीय है। यह अद्भुत यात्रा हमारी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। भगवान शिव की कृपा से समस्त प्रदेशवासियों का मंगल व कल्याण हो, यही प्रार्थना है।'

आगे की राह

इस यात्रा के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी का संकेत दिया है। जबलपुर की यह संस्कार कांवड़ यात्रा राज्य में सनातन परंपराओं को संस्थागत समर्थन देने की व्यापक नीति का हिस्सा प्रतीत होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सुविचारित धार्मिक-सांस्कृतिक राजनीति का विस्तार भी है। राज्य में धार्मिक पर्यटन को सरकारी नीति का केंद्र बनाना और मुख्यमंत्री का स्वयं ऐसे आयोजनों में प्रत्यक्ष भागीदारी करना — यह एक सुसंगत रणनीति का हिस्सा दिखता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि जब तक धार्मिक आयोजनों में सरकारी संसाधनों के उपयोग की पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक यह सवाल बना रहेगा कि आस्था और प्रशासन के बीच की रेखा कहाँ खींची जाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम मोहन यादव जबलपुर की कांवड़ यात्रा में कब शामिल हुए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव 10 अगस्त 2025 को सावन के द्वितीय सोमवार पर जबलपुर के रांझी में आयोजित संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की और दादा गुरु के साथ पैदल यात्रा की।
जबलपुर की संस्कार कांवड़ यात्रा क्या है?
संस्कार कांवड़ यात्रा जबलपुर में सावन मास में आयोजित एक प्रमुख धार्मिक यात्रा है, जिसमें श्रद्धालु मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पण करने के लिए पैदल यात्रा करते हैं। यह यात्रा दादा गुरु के नेतृत्व में आयोजित होती है।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में क्या-क्या किया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांवड़ियों पर फूल बरसाए, स्वयं कांवड़ उठाई, डमरू बजाया और दादा गुरु के सान्निध्य में पैदल यात्रा में भाग लिया। उनके साथ कई जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन के लिए क्या कर रही है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार कांवड़ यात्रियों को यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है और देव स्थानों को सुविधायुक्त बनाने का कार्य भी जारी है। सरकार की प्राथमिकता धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करना है।
सीएम मोहन यादव ने एक्स पर कांवड़ यात्रा के बारे में क्या लिखा?
मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि दादा गुरु जी के सान्निध्य में संस्कार कांवड़ यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और यह यात्रा धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों के मंगल और कल्याण की प्रार्थना भी की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले