तमिलनाडु: कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने TVK को समर्थन का बचाव किया, DMK से सम्मानजनक अलगाव की अपील
सारांश
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की करूर सांसद ज्योतिमणि ने TVK को समर्थन देने के TNCC के फैसले का बचाव किया और DMK से सम्मानजनक अलगाव की वकालत की। उन्होंने 2014 का हवाला देते हुए कहा कि गठबंधन बनना-टूटना राजनीति का हिस्सा है, और राहुल गांधी के नेतृत्व पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने 6 मई 2026 को X पर पोस्ट कर TVK को समर्थन देने के TNCC के फैसले का बचाव किया।
उन्होंने कांग्रेस और DMK दोनों के नेताओं-कार्यकर्ताओं से एक-दूसरे के खिलाफ अपमानजनक भाषा से बचने की अपील की।
2014 लोकसभा चुनाव से पहले DMK द्वारा गठबंधन तोड़ने का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक पुनर्संरेखण सामान्य प्रक्रिया है।
ज्योतिमणि ने राहुल गांधी को एकमात्र राष्ट्रीय नेता बताया जो BJP के "फासीवादी शासन" का बिना समझौता किए मुकाबला कर सकते हैं।
DMK नेता और "सम्मानित मुख्यमंत्री" एम.के.
स्टालिन को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद तेज़ी से बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस की करूर सांसद ज्योतिमणि ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाले सरकार गठन प्रयासों को समर्थन देने के फैसले का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) से सम्मानजनक राजनीतिक अलगाव की अपील की।
ज्योतिमणि का बयान: TVK समर्थन क्यों जरूरी
बुधवार, 6 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा एक विस्तृत पोस्ट में ज्योतिमणि ने कहा कि कांग्रेस का DMK के साथ लंबे समय से गठबंधन रहा है और राजनीतिक गठबंधनों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेतृत्व ने सर्वसम्मति से तमिलनाडु के
संपादकीय दृष्टिकोण
न कि प्रतिक्रिया में। लेकिन असली सवाल यह है कि TVK, जो अभी तक सत्ता में अपरीक्षित है, क्या कांग्रेस को वह राजनीतिक स्थान और सीटें दे पाएगी जो DMK के साथ मिलती थीं। राहुल गांधी की नेतृत्व-क्षमता को लेकर ज्योतिमणि की आक्रामक प्रतिक्रिया यह भी बताती है कि गठबंधन-परिवर्तन के बीच पार्टी की आंतरिक एकजुटता बनाए रखना भी उतनी ही बड़ी चुनौती है।
RashtraPress
11 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का फैसला क्यों किया?
कांग्रेस नेतृत्व ने तमिलनाडु के 'हित और भविष्य' को ध्यान में रखकर सर्वसम्मति से TVK के नेतृत्व वाले सरकार गठन प्रयासों को समर्थन देने का फैसला किया। सांसद ज्योतिमणि के अनुसार मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह बदलाव आवश्यक था।
ज्योतिमणि ने DMK से अलगाव पर क्या कहा?
ज्योतिमणि ने कहा कि दोनों दलों को आपसी सम्मान के साथ अलग होना चाहिए और नेताओं-कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे के खिलाफ अपमानजनक भाषा से बचना चाहिए। उन्होंने DMK समर्थकों द्वारा कांग्रेस पर किए जा रहे तीखे हमलों की भी आलोचना की।
2014 लोकसभा चुनाव का संदर्भ क्यों दिया गया?
ज्योतिमणि ने याद दिलाया कि 2014 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले DMK ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ लिया था, जिससे कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ना पड़ा। इसके बावजूद कांग्रेस ने DMK पर तीखे हमले नहीं किए, जो उनके अनुसार पार्टी की संस्कृति को दर्शाता है।
एम.के. स्टालिन के बारे में ज्योतिमणि ने क्या कहा?
ज्योतिमणि ने कहा कि DMK को बड़ा चुनावी झटका लगा है और 'सम्मानित मुख्यमंत्री' एम.के. स्टालिन को भी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पूर्व सहयोगी दल पर तीखी टिप्पणी करना राजनीतिक रूप से उचित नहीं है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर ज्योतिमणि का क्या रुख है?
ज्योतिमणि ने राहुल गांधी को एकमात्र राष्ट्रीय नेता बताया जो BJP के 'फासीवादी शासन' का बिना समझौता किए मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं करेगी।