11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज्यसभा चुनाव परिणाम: कांग्रेस सांसदों की भाजपा पर तीखी प्रतिक्रिया, दलबदल कानून की समीक्षा की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज्यसभा चुनाव परिणाम: कांग्रेस सांसदों की भाजपा पर तीखी प्रतिक्रिया, दलबदल कानून की समीक्षा की मांग

सारांश

कांग्रेस सांसदों ने राज्यसभा चुनाव परिणामों पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नेताओं को तोड़कर सरकार बनाई है और दलबदल कानून पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। इस राजनीतिक स्थिति ने लोकतंत्र को संकट में डाल दिया है।

मुख्य बातें

भाजपा पर कांग्रेस के सांसदों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
दलबदल कानून की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
लोकतंत्र की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की गई है।
राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठाए गए हैं।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार राज्यसभा चुनाव के परिणामों को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा को निशाना बनाया है। उनका कहना है कि भाजपा हमारे नेताओं को तोड़कर अपनी सरकार बना रही है। इससे पहले, आपने महाराष्ट्र में भी ऐसा होते देखा था।

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा, "भाजपा पर खरीद-फरोख्त के आरोप लगे हैं। वे इस में माहिर हैं। महाराष्ट्र में भी उन्होंने इसी तरह से सरकार को तोड़ा था, यह उनके लिए कोई नई बात नहीं है। भाजपा का यह मॉडल है कि जहाँ जीतने में असफल होते हैं, वहाँ दूसरे तरीकों से सत्ता पर कब्जा करना चाहिए। वे लोकतंत्र को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं। हम इसका विरोध करते हैं।"

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पत्रकारों से कहा, "यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक नैतिकता और भी निचले स्तर पर गिर गई है। लोग अब उस राजनीतिक पार्टी का सम्मान नहीं करते, जिसने उन्हें सत्ता में लाया था। अब समय आ गया है कि दलबदल विरोधी कानून पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए, क्योंकि हर चुनाव में 'हॉर्स-ट्रेडिंग' (खरीद-फरोख्त) के ये आरोप और बाहरी तरीकों से बार-बार सरकारों को गिराना, जो पहले एक छोटी गतिविधि हुआ करता था, अब एक बड़े पैमाने का ऑपरेशन बन गया है।"

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने राज्यसभा चुनाव के परिणामों पर कहा, "यह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली घटनाएँ हैं। लोगों को देखना चाहिए कि कैसे लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर का चुनाव हो रहा है और वहाँ सौदा किया जा रहा है। चुनाव आयोग को इस पर ध्यान देना चाहिए, कार्रवाई करनी चाहिए और जिन विधायकों ने पार्टी की नीति के खिलाफ काम किया है, उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "हिंदू धर्म में कहा गया है कि पापों का प्रायश्चित करना पड़ता है, तो उन लोगों को भी इसका प्रायश्चित करना होगा जो जीतकर आ रहे हैं। मैं उनसे कहूंगा कि अपनी नैतिकता को त्याग दीजिए, आपके पास नैतिक बल नहीं रह गया है।"

कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर कहा, "संख्या बल मौजूद नहीं था तो तीसरा उम्मीदवार क्यों खड़ा किया गया? वे केवल वोट चोरी में विश्वास रखते हैं। भाजपा लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती है। जिस तरह के हथकंडे अपनाए गए हैं, वह अत्यंत निंदनीय है।"

उन्होंने कहा कि हम अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अपील करते हैं कि चूँकि विधायकों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं, उनके नाम उजागर किए जाएं। जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, उन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भाजपा द्वारा राजनीतिक नैतिकता के उल्लंघन को दर्शाते हैं। यह स्थिति न केवल एक पार्टी की सत्ता में रहने की रणनीति को दर्शाती है, बल्कि यह लोकतंत्र की स्थिरता के लिए भी खतरा है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस सांसदों ने भाजपा पर कौन से आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस सांसदों ने कहा है कि भाजपा ने उनके नेताओं को तोड़कर सत्ता बनाई है और खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं।
दलबदल कानून का क्या महत्व है?
दलबदल कानून का उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखना और नेताओं की खरीद-फरोख्त को रोकना है।
भाजपा का क्या कहना है इस पर?
भाजपा ने इन आरोपों का खंडन किया है, लेकिन कांग्रेस का यह आरोप गंभीर राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठाता है।
क्या चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए?
कांग्रेस सांसदों का मानना है कि चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
इस स्थिति का लोकतंत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह स्थिति लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रही है, जिससे लोगों का विश्वास राजनीति पर कम हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले