राज्यसभा चुनाव परिणामों पर विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल, भाजपा पर लगाए आरोप
सारांश
Key Takeaways
- राज्यसभा चुनाव में विपक्ष ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर नेताओं ने चर्चा की है।
- भाजपा के विधायकों को खरीदने के आरोप भी उठाए गए हैं।
- विपक्ष एकजुट होने पर भाजपा को चुनौती दे रहा है।
- लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा चुनाव के परिणामों के बाद, विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि भाजपा ने अपने विधायकों को तोड़कर एक नई सरकार बनाई है, जो कोई नई बात नहीं है। ये लोग इस प्रकार के कार्यों में लगातार लगे रहते हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर सत्ताधारी दल को निशाने पर लिया और कहा कि ऐसी स्थिति तब उत्पन्न होती है जब विधानसभा अध्यक्ष सत्ताधारी दल का होता है और वही दूसरी पार्टियों के विधायकों को प्रभावित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पार्टी के लिए अपने सदस्यों को पूरी तरह से नियंत्रित करना संभव नहीं है, लेकिन भाजपा का जो तरीक़ा है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सांसद रामगोपाल यादव ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा का इतिहास हमेशा दूसरों को तोड़ने और सरकारों को गिराने का रहा है और जब कोई नेता बिकता है, तो उस पर किसी का नियंत्रण नहीं रहता।
कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी ने भी राज्यसभा चुनाव परिणामों के बारे में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आरोप सही साबित हुआ है कि भाजपा धनबल, बाहुबल और सत्ताबल का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
प्रमोद तिवारी ने यह भी कहा कि विधायकों को पैसे देकर वोटिंग को प्रभावित करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है और इस विषय पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने भी भाजपा की आलोचना की और कहा कि क्रॉस वोटिंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन भाजपा का खुद को नैतिक पार्टी बताना सवालों के घेरे में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पैसे के माध्यम से विधायकों को खरीदकर राज्यसभा चुनाव जीतती है। राउत ने कहा कि इसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ओडिशा, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में हालिया घटनाएं इस प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।
सांसद संजय राउत ने कहा कि भाजपा पैसा देकर विधायकों को खरीद लेती है और इस पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। विपक्ष एकजुट है, अगर भाजपा इस तरह का काम करना बंद कर दे, तो वह हारने लगेगी।