एनडीए ने विपक्ष को दी चुनौती, कहा- 'पहले अपने विधायकों को संभालें, फिर आरोप लगाएं'

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एनडीए ने विपक्ष को दी चुनौती, कहा- 'पहले अपने विधायकों को संभालें, फिर आरोप लगाएं'

सारांश

एनडीए के नेताओं ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि उन्हें पहले अपने विधायकों की स्थिति को संभालना चाहिए। इस संबंध में भाजपा के नेताओं के विचार जानें।

मुख्य बातें

विपक्ष को अपने विधायकों की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी गई।
एनडीए ने बिहार की सभी सीटों पर जीत हासिल की है।
भाजपा नेता ने आत्ममंथन की आवश्यकता बताई।
संसद की मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनडीए के नेताओं ने राज्यसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष पर कड़ा हमला किया है। भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने विपक्षी दलों को चेताते हुए कहा कि पहले उन्हें अपने विधायकों को संभालने की जरूरत है।

विवेक ठाकुर ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जो दल अपने विधायकों को नियंत्रित नहीं कर सकते, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एनडीए ने बिहार की सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी ताकत को साबित किया है।

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने भी विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन विपक्षी दलों को अपने विधायकों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए। एनडीए अपने विधायकों को संभालने में पूरी तरह सक्षम और मजबूत है।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने राज्यसभा चुनाव के परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति के चलते जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव को आत्ममंथन करने की सलाह दी, यह कहते हुए कि यदि लोगों का समर्थन नहीं मिल रहा है तो उन्हें इसके कारणों पर विचार करना चाहिए।

केंद्रीय राज्यमंत्री और एनडीए के राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर ने अपनी जीत पर केंद्रीय नेतृत्व और बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक साधारण व्यक्ति को तीन बार राज्यसभा सदस्य बनाना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी की बात है।

इस बीच, भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने संसद में 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन को रद्द किए जाने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उनकी सदाशयता का परिचायक है और संसद की मर्यादा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी और सदन में बाधा उत्पन्न करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनडीए ने विपक्ष को चुनौती दी है कि वे अपने विधायकों की स्थिति को पहले सुधारें। इस परिप्रेक्ष्य में, यह देखना महत्वपूर्ण है कि विपक्ष किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और क्या वे अपने नेतृत्व में सुधार कर पाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए का विपक्ष पर हमला क्यों?
एनडीए के नेताओं का मानना है कि विपक्षी दलों को पहले अपने विधायकों की स्थिति को समझना चाहिए।
भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने क्या कहा?
उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि पहले अपने विधायकों को संभालें।
राष्ट्र प्रेस
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