जम्मू-कश्मीर कैबिनेट में शामिल होने पर कांग्रेस का अभी कोई फैसला नहीं, दो पदों की माँग बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 27 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि उसने जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार की मंत्रिपरिषद में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। पार्टी की यह प्रतिक्रिया उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आई, जिनमें दावा किया गया था कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस को सरकार में एक मंत्री पद का नया प्रस्ताव दिया है।
कांग्रेस का आधिकारिक रुख
जम्मू-कश्मीर के प्रभारी कांग्रेस महासचिव डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि मंत्रिपरिषद में शामिल होने के संबंध में पार्टी ने कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर विचार-विमर्श अभी जारी है।
पर्दे के पीछे की बातचीत
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई सरकार में शामिल होने के लिए अनिच्छुक नहीं है, लेकिन वह दो मंत्री पदों की माँग कर रही है। यदि नेशनल कॉन्फ्रेंस दो पद देने में असमर्थ रहती है, तो कांग्रेस अपने एक विधायक के लिए उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान चाहेगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि स्थानीय इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ शर्तों पर चर्चा की है और उनकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
समन्वय समिति की माँग
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई गठबंधन सहयोगियों की एक समन्वय समिति के गठन पर भी जोर दे रही है, ताकि सरकारी निर्णय-प्रक्रिया में पार्टी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब गठबंधन में आंतरिक संवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विधानसभा का गणित
जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 41, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 29, कांग्रेस के 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के 4, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (PC) का 1, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] का 1, अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) का 1, आम आदमी पार्टी (AAP) का 1 और 6 निर्दलीय विधायक हैं। फिलहाल कांग्रेस के 6 विधायक, CPI(M) का 1 और 2 निर्दलीय विधायक NC सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले ही संकेत दे चुके हैं कि मंत्रिपरिषद में फेरबदल 15 अगस्त के बाद उचित समय पर किया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, वे मौजूदा मंत्रियों के विभागों के पुनर्आवंटन के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी शामिल करने की योजना बना रहे हैं। कांग्रेस के रुख पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व के स्तर पर होगा, और दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है।