27 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर कैबिनेट में शामिल होने पर कांग्रेस का अभी कोई फैसला नहीं, दो पदों की माँग बरकरार

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जम्मू-कश्मीर कैबिनेट में शामिल होने पर कांग्रेस का अभी कोई फैसला नहीं, दो पदों की माँग बरकरार

सारांश

नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक मंत्री पद के प्रस्ताव के बाद कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से कहा — अभी कोई निर्णय नहीं। पर्दे के पीछे पार्टी दो पद माँग रही है और समन्वय समिति पर भी जोर दे रही है। जम्मू-कश्मीर की गठबंधन राजनीति में यह पेंच और उलझता दिख रहा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस महासचिव डॉ.
सैयद नसीर हुसैन ने 27 अगस्त 2026 को कहा कि जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद में शामिल होने पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस को एक मंत्री पद का नया प्रस्ताव दिया है, जबकि कांग्रेस दो पदों की माँग कर रही है।
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई गठबंधन सहयोगियों की समन्वय समिति के गठन पर भी जोर दे रही है।
90 सदस्यीय विधानसभा में NC के पास 41 सीटें हैं; कांग्रेस के 6 विधायक अभी बाहर से समर्थन दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कैबिनेट फेरबदल 15 अगस्त के बाद करने का संकेत दिया था।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 27 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि उसने जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार की मंत्रिपरिषद में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। पार्टी की यह प्रतिक्रिया उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आई, जिनमें दावा किया गया था कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस को सरकार में एक मंत्री पद का नया प्रस्ताव दिया है।

कांग्रेस का आधिकारिक रुख

जम्मू-कश्मीर के प्रभारी कांग्रेस महासचिव डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि मंत्रिपरिषद में शामिल होने के संबंध में पार्टी ने कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर विचार-विमर्श अभी जारी है।

पर्दे के पीछे की बातचीत

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई सरकार में शामिल होने के लिए अनिच्छुक नहीं है, लेकिन वह दो मंत्री पदों की माँग कर रही है। यदि नेशनल कॉन्फ्रेंस दो पद देने में असमर्थ रहती है, तो कांग्रेस अपने एक विधायक के लिए उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान चाहेगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि स्थानीय इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ शर्तों पर चर्चा की है और उनकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।

समन्वय समिति की माँग

कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई गठबंधन सहयोगियों की एक समन्वय समिति के गठन पर भी जोर दे रही है, ताकि सरकारी निर्णय-प्रक्रिया में पार्टी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब गठबंधन में आंतरिक संवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विधानसभा का गणित

जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 41, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 29, कांग्रेस के 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के 4, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (PC) का 1, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] का 1, अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) का 1, आम आदमी पार्टी (AAP) का 1 और 6 निर्दलीय विधायक हैं। फिलहाल कांग्रेस के 6 विधायक, CPI(M) का 1 और 2 निर्दलीय विधायक NC सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले ही संकेत दे चुके हैं कि मंत्रिपरिषद में फेरबदल 15 अगस्त के बाद उचित समय पर किया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, वे मौजूदा मंत्रियों के विभागों के पुनर्आवंटन के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी शामिल करने की योजना बना रहे हैं। कांग्रेस के रुख पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व के स्तर पर होगा, और दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न ना, ताकि मोलभाव की गुंजाइश बनी रहे। असली सवाल यह है कि बाहर से समर्थन देने वाली पार्टी सरकार में शामिल होने के लिए इतनी शर्तें क्यों रख रही है, जबकि उसके पास केवल छह विधायक हैं। समन्वय समिति की माँग बताती है कि कांग्रेस को डर है कि बिना संस्थागत भागीदारी के वह गठबंधन में हाशिये पर चली जाएगी। यह जम्मू-कश्मीर में INDIA गठबंधन की व्यावहारिक सीमाओं को भी उजागर करता है — जहाँ राष्ट्रीय एकजुटता और स्थानीय सौदेबाजी के बीच की खाई साफ़ दिखती है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर कैबिनेट में शामिल होने से इनकार किया है?
नहीं, कांग्रेस ने इनकार नहीं किया है — पार्टी ने कहा है कि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कांग्रेस महासचिव डॉ. सैयद नसीर हुसैन के अनुसार, मंत्रिपरिषद में शामिल होने पर विचार-विमर्श जारी है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस को क्या प्रस्ताव दिया है?
रिपोर्टों के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद में कांग्रेस को एक मंत्री पद का नया प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं है और दो पदों की माँग कर रही है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस की क्या स्थिति है?
90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस के 6 विधायक हैं। ये सभी अभी नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं, लेकिन मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर कैबिनेट फेरबदल कब होगा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संकेत दिया है कि मंत्रिपरिषद में फेरबदल 15 अगस्त के बाद उचित समय पर किया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, वे नए चेहरों को शामिल करने और विभागों के पुनर्आवंटन की भी योजना बना रहे हैं।
कांग्रेस समन्वय समिति की माँग क्यों कर रही है?
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई चाहती है कि गठबंधन सहयोगियों की एक समन्वय समिति बने, जिससे सरकारी निर्णय-प्रक्रिया में पार्टी की भूमिका सुनिश्चित हो सके। यह माँग बताती है कि पार्टी केवल समर्थक की भूमिका से आगे बढ़कर नीति-निर्माण में हिस्सेदारी चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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