26 जुलाई 2026
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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से दमोह के युवाओं को मिला रोजगार का नया अवसर, टूलकिट ने बदली तकदीर

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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से दमोह के युवाओं को मिला रोजगार का नया अवसर, टूलकिट ने बदली तकदीर

सारांश

दमोह में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत युवाओं ने टूलकिट प्राप्त कर रोजगार की नई दिशा पकड़ी है। यह योजना आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने में मदद कर रही है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है।
युवाओं को प्रशिक्षण के बाद आर्थिक सहायता और टूलकिट दी जाती है।
इस योजना से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
ग्रामीण युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।
योजना के तहत कई युवा सफलतापूर्वक लाभान्वित हुए हैं।

दमोह, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का द्वार खोला है। इसका एक सजीव उदाहरण तेंदूखेड़ा पोस्ट ऑफिस के सामने देखा गया, जहां योजना से लाभान्वित युवा अपनी मोटरसाइकिल पर टूलकिट ले जाते हुए नजर आए।

यह दृश्य केवल सरकारी योजना की सफलता को ही नहीं दर्शाता, बल्कि ग्रामीण युवाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी को भी बयां करता है। इस योजना के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बनते हुए अपने रोजगार को बढ़ा रहे हैं।

तेंदूखेड़ा ब्लॉक के सर्रा गांव के दो युवाओं ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिन रास्ता चुना है और अब सफलता की ओर बढ़ रहे हैं।

लाभार्थी युवा सुरेश कुर्मी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि योजना के तहत उन्हें छह दिन का प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद उनके खाते में 4 हजार रुपए की सहायता राशि आई और फिर 15 हजार रुपए की टूलकिट प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इस योजना से करीब 25 युवा जुड़े हैं, जिनमें से चार को टूलकिट मिल चुकी है और अन्य के लिए लोन प्रक्रिया जारी है।

वहीं, दूसरे लाभार्थी परमानंद कुर्मी ने बताया कि उनके गांव के 10 से 15 लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने सभी कठिनाइयों के बावजूद प्रशिक्षण पूरा किया और अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद मिली टूलकिट में आवश्यक उपकरण शामिल हैं, जिनकी मदद से वे अपने हुनर को रोजगार में बदल सकते हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और हुनरमंद युवाओं को सशक्त बनाना है। आज युवाओं के हाथों में 15 हजार रुपए की टूलकिट है, जो न केवल उनके बेहतर भविष्य की उम्मीद है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे ग्रामीण युवाओं में रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और हुनरमंद युवाओं को सशक्त बनाना है।
युवाओं को योजना के तहत क्या सहायता मिलती है?
युवाओं को प्रशिक्षण के बाद टूलकिट और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना से कितने युवा लाभान्वित हुए हैं?
लगभग 25 युवा इस योजना से जुड़े हैं और कई को टूलकिट मिल चुकी है।
टूलकिट में क्या-क्या शामिल होता है?
टूलकिट में आवश्यक उपकरण शामिल होते हैं, जो युवाओं को उनके हुनर को रोजगार में बदलने में मदद करते हैं।
क्या यह योजना आत्मनिर्भरता में मदद करती है?
हाँ, यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता करती है।
राष्ट्र प्रेस
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