पश्चिम एशिया में तनाव पर भारत की नजर, दानिश आजाद ने उठाए मुद्दे

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पश्चिम एशिया में तनाव पर भारत की नजर, दानिश आजाद ने उठाए मुद्दे

सारांश

उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दानिश आजाद ने पश्चिम एशिया में तनाव और मदरसों की भोजन गुणवत्ता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें बदलाव की उम्मीद दिखाई दी।

मुख्य बातें

भारत पश्चिम एशिया में तनाव पर नजर रख रहा है।
दानिश आजाद ने मदरसों में भोजन की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की संभावना।
टीएमसी के विरोध प्रदर्शन का कारण निष्पक्ष चुनाव का न होना है।

लखनऊ, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दानिश आजाद ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के संदर्भ में हुई सीसीएस बैठक, मदरसों में भोजन की गुणवत्ता तथा पश्चिम बंगाल में एसआईआर के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

दानिश आजाद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया, "भारत खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध पर बारीकी से नज़र रख रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव से हमारी जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रयासरत हैं। इस दिशा में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की गई है।"

पसमांदा मंच द्वारा उत्तर प्रदेश के मदरसों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर की गई शिकायत पर राज्य मंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में यह सुनिश्चित किया गया कि मदरसों में शिक्षा के नाम पर कोई खानापूर्ति नहीं हो। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे गरीब पसमांदा समाज से हैं। इसलिए इन बच्चों का हक है कि उन्हें अच्छी शिक्षा और भोजन मिले। इस मुद्दे पर ग्राउंड लेवल पर कार्य किया गया और उचित कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने पसमांदा समाज की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।"

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर दानिश आजाद ने कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार सत्ता परिवर्तन का निर्णय लिया है। यह बात ममता बनर्जी की सरकार को समझ आ गई है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव न होने की वजह से टीएमसी के कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। 4 मई को पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी।"

अखिलेश यादव ने नकली नोटों के विवाद में भाजपा के शामिल होने का आरोप लगाया है। इस पर राज्य मंत्री ने कहा, "समाजवादी पार्टी का असली चेहरा अब सबके सामने आ चुका है। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए ऐसी बातें कर जनता को भटकाना चाहते हैं। 2012 से 2017 तक सपा ने प्रदेश को अपराधियों और माफिया के हाथों गिरवी रख दिया था।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें राज्य मंत्री दानिश आजाद ने सुरक्षा और शिक्षा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है। उनका दृष्टिकोण जनता की भलाई से जुड़ा प्रतीत होता है, जो एक प्राथमिकता होनी चाहिए।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दानिश आजाद ने किस मुद्दे पर बातें कीं?
दानिश आजाद ने पश्चिम एशिया में तनाव, मदरसों के भोजन की गुणवत्ता और पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी किस दिशा में प्रयासरत हैं?
प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम एशिया में तनाव से भारत की जनता को कोई परेशानी न होने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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