रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स पर ₹4.34 करोड़ की धोखाधड़ी का केस, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दर्ज की FIR
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 22 सितंबर 2026 को ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स एलएलपी के खिलाफ ₹4.34 करोड़ से अधिक की कथित साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 15 सितंबर 2026 को अदालत के आदेश के बाद 18 सितंबर 2026 को यह FIR दर्ज की गई, जिसमें वकील अजय कुमार कसाना की शिकायत को आधार बनाया गया है।
शिकायतकर्ता के आरोप
शिकायतकर्ता वकील अजय कुमार कसाना ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान रियल11 ऐप पर कथित तौर पर ₹1.39 करोड़ जमा किए। उनके अनुसार, ऐप के डैशबोर्ड पर ₹1.31 करोड़ की जीत प्रदर्शित होती रही, लेकिन पूरी रकम निकालने की अनुमति नहीं दी गई।
शिकायत के मुताबिक, प्लेटफॉर्म से केवल करीब ₹26 लाख की निकासी की अनुमति मिली, जिसके बाद गेमिंग अकाउंट का एक्सेस पूरी तरह बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि डैशबोर्ड में बदलाव कर लेन-देन और जीत की जानकारी तक उनकी पहुँच रोक दी गई — जो कथित तौर पर डेटा में हेरफेर का संकेत है।
FIR में नामित आरोपी
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा दर्ज FIR में ललित यादव और अमित यादव के नाम दर्ज हैं, जिन्हें शिकायत में रियल11 प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान फिलहाल अज्ञात बताई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े वित्तीय विवादों की संख्या देश भर में बढ़ रही है।
जाँच का दायरा
पुलिस अब पेटीएम और एचडीएफसी बैंक के माध्यम से हुए लेन-देन की जाँच कर रही है। FIR में मार्च 2025 और जुलाई 2025 के दौरान हुए कई डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन का विशेष उल्लेख है। स्पेशल सेल ऐप डेटा, खाता गतिविधियों और शिकायत में लगाए गए तमाम आरोपों की गहन जाँच में जुटी है।
गौरतलब है कि इस मामले में शिकायतकर्ता पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और गाजियाबाद पुलिस में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अदालत के हस्तक्षेप के बाद ही स्पेशल सेल ने औपचारिक FIR दर्ज की।
ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग का बढ़ता विवाद
भारत में फैंटेसी स्पोर्ट्स सेक्टर तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ नियामक निगरानी और उपभोक्ता शिकायतों की संख्या भी बढ़ी है। यह मामला उन चिंताओं को उजागर करता है जो छोटे व मध्यम स्तर के प्लेटफॉर्म्स पर उपयोगकर्ताओं के धन की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों और उपभोक्ता संगठनों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही हैं।
आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल अब बैंकिंग लेन-देन के रिकॉर्ड, ऐप के सर्वर डेटा और नामित आरोपियों की भूमिका की जाँच करेगी। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।