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रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स पर ₹4.34 करोड़ की धोखाधड़ी का केस, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दर्ज की FIR

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रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स पर ₹4.34 करोड़ की धोखाधड़ी का केस, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दर्ज की FIR

सारांश

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स एलएलपी के खिलाफ ₹4.34 करोड़ की कथित साइबर धोखाधड़ी की FIR दर्ज की है। अदालत के आदेश पर दर्ज इस मामले में ऐप से निकासी रोकने और डेटा में हेरफेर के आरोप हैं — ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर नियामक सवाल फिर उठे।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 18 सितंबर 2026 को रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स एलएलपी के खिलाफ FIR दर्ज की।
शिकायतकर्ता वकील अजय कुमार कसाना ने ₹4.34 करोड़ से अधिक के नुकसान का आरोप लगाया।
कथित तौर पर ऐप पर ₹1.39 करोड़ जमा किए गए, जिनमें से केवल ₹26 लाख की निकासी मिली।
FIR में ललित यादव और अमित यादव नामित; अन्य आरोपी अभी अज्ञात।
पेटीएम और एचडीएफसी बैंक के ट्रांजेक्शन तथा मार्च-जुलाई 2025 के डेबिट कार्ड रिकॉर्ड की जाँच जारी।
मामला 15 सितंबर 2026 को अदालत के आदेश के बाद दर्ज; NCRP और गाजियाबाद पुलिस में भी पूर्व शिकायत दर्ज।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 22 सितंबर 2026 को ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स एलएलपी के खिलाफ ₹4.34 करोड़ से अधिक की कथित साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 15 सितंबर 2026 को अदालत के आदेश के बाद 18 सितंबर 2026 को यह FIR दर्ज की गई, जिसमें वकील अजय कुमार कसाना की शिकायत को आधार बनाया गया है।

शिकायतकर्ता के आरोप

शिकायतकर्ता वकील अजय कुमार कसाना ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान रियल11 ऐप पर कथित तौर पर ₹1.39 करोड़ जमा किए। उनके अनुसार, ऐप के डैशबोर्ड पर ₹1.31 करोड़ की जीत प्रदर्शित होती रही, लेकिन पूरी रकम निकालने की अनुमति नहीं दी गई।

शिकायत के मुताबिक, प्लेटफॉर्म से केवल करीब ₹26 लाख की निकासी की अनुमति मिली, जिसके बाद गेमिंग अकाउंट का एक्सेस पूरी तरह बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि डैशबोर्ड में बदलाव कर लेन-देन और जीत की जानकारी तक उनकी पहुँच रोक दी गई — जो कथित तौर पर डेटा में हेरफेर का संकेत है।

FIR में नामित आरोपी

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा दर्ज FIR में ललित यादव और अमित यादव के नाम दर्ज हैं, जिन्हें शिकायत में रियल11 प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान फिलहाल अज्ञात बताई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े वित्तीय विवादों की संख्या देश भर में बढ़ रही है।

जाँच का दायरा

पुलिस अब पेटीएम और एचडीएफसी बैंक के माध्यम से हुए लेन-देन की जाँच कर रही है। FIR में मार्च 2025 और जुलाई 2025 के दौरान हुए कई डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन का विशेष उल्लेख है। स्पेशल सेल ऐप डेटा, खाता गतिविधियों और शिकायत में लगाए गए तमाम आरोपों की गहन जाँच में जुटी है।

गौरतलब है कि इस मामले में शिकायतकर्ता पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और गाजियाबाद पुलिस में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अदालत के हस्तक्षेप के बाद ही स्पेशल सेल ने औपचारिक FIR दर्ज की।

ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग का बढ़ता विवाद

भारत में फैंटेसी स्पोर्ट्स सेक्टर तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ नियामक निगरानी और उपभोक्ता शिकायतों की संख्या भी बढ़ी है। यह मामला उन चिंताओं को उजागर करता है जो छोटे व मध्यम स्तर के प्लेटफॉर्म्स पर उपयोगकर्ताओं के धन की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों और उपभोक्ता संगठनों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही हैं।

आगे की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल अब बैंकिंग लेन-देन के रिकॉर्ड, ऐप के सर्वर डेटा और नामित आरोपियों की भूमिका की जाँच करेगी। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दूसरी पंक्ति के प्लेटफॉर्म अक्सर बिना पर्याप्त एस्क्रो या फंड-प्रोटेक्शन व्यवस्था के काम करते हैं। अदालत को दखल देना पड़ा — जो दर्शाता है कि नियामक चैनल पर्याप्त नहीं हैं। जब तक ऑनलाइन स्किल गेमिंग के लिए केंद्रीय नियामक ढाँचा नहीं बनता, उपयोगकर्ता संरक्षण कागज़ पर ही रहेगा।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स पर क्या आरोप हैं?
रियल11 फैंटेसी स्पोर्ट्स एलएलपी पर कथित साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप हैं, जिसमें ₹4.34 करोड़ से अधिक के नुकसान का दावा किया गया है। आरोप है कि ऐप पर जमा रकम की निकासी रोकी गई और गेमिंग डैशबोर्ड के डेटा में हेरफेर की गई।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने FIR कब दर्ज की?
15 सितंबर 2026 को अदालत के आदेश के बाद 18 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने यह FIR दर्ज की। शिकायतकर्ता पहले NCRP और गाजियाबाद पुलिस में भी शिकायत कर चुके थे।
इस मामले में कितनी रकम का विवाद है?
शिकायतकर्ता वकील अजय कुमार कसाना ने ₹4.34 करोड़ से अधिक के कुल नुकसान का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, ऐप पर ₹1.39 करोड़ जमा किए गए और ₹1.31 करोड़ की जीत दर्शाई गई, लेकिन केवल ₹26 लाख की निकासी की अनुमति मिली।
FIR में किन लोगों के नाम हैं?
FIR में ललित यादव और अमित यादव का नाम दर्ज है, जिन्हें रियल11 प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान अभी जाँच के दायरे में है।
पुलिस अब क्या जाँच कर रही है?
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल पेटीएम और एचडीएफसी बैंक के लेन-देन के रिकॉर्ड, ऐप के डेटा और मार्च-जुलाई 2025 के डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन की जाँच कर रही है। जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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