14 जुलाई 2026
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दिल्ली दंगे फैसला: गौरव भाटिया का आरोप — केजरीवाल ने ताहिर हुसैन को दिया राजनीतिक संरक्षण

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दिल्ली दंगे फैसला: गौरव भाटिया का आरोप — केजरीवाल ने ताहिर हुसैन को दिया राजनीतिक संरक्षण

सारांश

दिल्ली दंगों के फैसले के बाद BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया ने केजरीवाल पर ताहिर हुसैन को संरक्षण देने और कांग्रेस पर भड़काऊ राजनीति का आरोप लगाया। अंकित शर्मा के शरीर पर 51 चाकू के वार — और विपक्ष की चुप्पी — इस फैसले के बाद फिर सुर्खियों में।

मुख्य बातें

न्यायालय ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पाँच लोगों को दोषी ठहराया; BJP ने फैसले का स्वागत किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए गए थे।
गौरव भाटिया ने अरविंद केजरीवाल पर मुख्य अभियुक्त ताहिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया।
AAP नेता अमानतुल्लाह खान ने फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया, जिस पर BJP ने तीखी आपत्ति जताई।
गौरव भाटिया ने सोनिया गांधी के 'आर-पार की लड़ाई' वाले कथित बयान को दंगों के लिए भड़काऊ माहौल बनाने से जोड़ा।
दिल्ली दंगों में लगभग 60 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी; मार्च 2020 में गृह मंत्री अमित शाह ने सभी आरोपियों को सजा दिलाने का वादा किया था।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मंगलवार, 14 जुलाई को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आए न्यायालय के फैसले का स्वागत किया और इसे न्याय, कानून, संविधान तथा जनता की जीत करार दिया। भाटिया ने आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर मुख्य अभियुक्त ताहिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया और कांग्रेस नेतृत्व पर दंगों के दौरान भड़काऊ माहौल बनाने व तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप मढ़ा।

न्यायालय का फैसला और मामले की पृष्ठभूमि

भाटिया के अनुसार, सोमवार को न्यायपालिका ने दिल्ली दंगों को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें अंकित शर्मा की जघन्य हत्या के मामले में पाँच लोगों को दोषी ठहराया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए गए थे — और उनका एकमात्र 'कसूर' यह था कि वे एक आईबी अधिकारी के रूप में अपना कर्तव्य निभा रहे थे। भाटिया ने स्पष्ट किया कि फैसले का पूरा पाठ अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, किंतु अब तक सामने आई न्यायालय की टिप्पणियों के आधार पर BJP अपना पक्ष रख रही है।

केजरीवाल पर आरोप: ताहिर हुसैन को संरक्षण का दावा

भाटिया ने कहा कि जब यह जघन्य अपराध हुआ, उस समय ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी का निर्वाचित पार्षद था और अरविंद केजरीवाल का करीबी सहयोगी था। उनके अनुसार, ताहिर हुसैन ने भड़काऊ बयान दिए और इस पूरी घटना को अंजाम दिया। भाटिया ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में केजरीवाल सरकार थी, तब उनके पार्षद पर दंगा कराने और एक आईबी अधिकारी की हत्या कराने के आरोप लगे — फिर भी मुख्यमंत्री रहते हुए केजरीवाल ने न तो अंकित शर्मा के लिए एक शब्द कहा और न ही दंगों में मारे गए लगभग 60 भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज भी ताहिर हुसैन को केजरीवाल का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

AAP नेता अमानतुल्लाह खान के बयान पर BJP की तीखी प्रतिक्रिया

भाटिया ने आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें खान ने न्यायालय के फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया था। भाटिया के अनुसार, एक दोषसिद्ध व्यक्ति के पक्ष में खड़े होना और अंकित शर्मा की शहादत पर एक शब्द न कहना यह दर्शाता है कि AAP वोटबैंक की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अमानतुल्लाह खान ने यह भी दावा किया कि ताहिर हुसैन को उसके धर्म के आधार पर सजा हुई है — जिसे भाटिया ने सिरे से खारिज किया।

कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप

भाटिया ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के उस कथित बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था — 'यह लड़ाई आर-पार की लड़ाई है, घर से निकलो, आर-पार की लड़ाई लड़ो।' भाटिया ने तर्क दिया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के संदर्भ में जब संसद ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत एक कानून पारित किया था, तब एक वरिष्ठ नेता द्वारा इस प्रकार का आह्वान भड़काऊ था और दंगों के लिए माहौल बनाने में सहायक रहा। उन्होंने राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी और ममता बनर्जी सहित विपक्ष के अन्य नेताओं पर भी तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

BJP का रुख और आगे की स्थिति

भाटिया ने स्मरण दिलाया कि मार्च 2020 में जब यह मुद्दा संसद के पटल पर आया था, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सभी आरोपियों को पकड़ा जाएगा और उन्हें सजा मिलेगी। BJP ने इस न्यायिक फैसले का सम्मान करते हुए इसे न्याय, जनता, कानून और संविधान की जीत बताया है। भाटिया के अनुसार, यह फैसला उन सभी परिवारों के लिए न्याय की एक किरण है जिन्होंने दिल्ली दंगों में अपने प्रियजनों को खोया। आने वाले दिनों में फैसले का पूरा पाठ सार्वजनिक होने पर इस मामले में और स्पष्टता आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आगामी राजनीतिक मौसम है। ताहिर हुसैन पर AAP की चुप्पी और अमानतुल्लाह खान का विवादास्पद बयान विपक्ष के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या BJP ने दिल्ली पुलिस — जो केंद्र के अधीन है — की जाँच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कभी उतनी ही मुखरता दिखाई। फैसले का पूरा पाठ अभी सार्वजनिक नहीं है, इसलिए न्यायालय की टिप्पणियों की राजनीतिक व्याख्या को अभी सावधानी से परखा जाना चाहिए।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में न्यायालय का क्या फैसला आया?
न्यायालय ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पाँच लोगों को दोषी ठहराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए गए थे। फैसले का पूरा पाठ अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
ताहिर हुसैन कौन है और उसका AAP से क्या संबंध था?
ताहिर हुसैन दिल्ली दंगों का मुख्य अभियुक्त है। दंगों के समय वह आम आदमी पार्टी का निर्वाचित पार्षद था। BJP का आरोप है कि वह अरविंद केजरीवाल का करीबी सहयोगी था और उसे राजनीतिक संरक्षण मिला।
गौरव भाटिया ने केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए?
BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने ताहिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए केजरीवाल ने न अंकित शर्मा के लिए एक शब्द कहा और न ही दंगों में मारे गए लगभग 60 नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
AAP नेता अमानतुल्लाह खान ने फैसले पर क्या कहा और BJP ने क्या जवाब दिया?
अमानतुल्लाह खान ने न्यायालय के फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और दावा किया कि ताहिर हुसैन को धर्म के आधार पर सजा हुई है। BJP ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि दोषसिद्ध व्यक्ति का पक्ष लेना और शहीद अधिकारी के लिए एक शब्द न कहना वोटबैंक की राजनीति है।
दिल्ली दंगों में कांग्रेस की भूमिका को लेकर BJP ने क्या कहा?
गौरव भाटिया ने सोनिया गांधी के कथित बयान — 'यह लड़ाई आर-पार की लड़ाई है, घर से निकलो' — का हवाला देते हुए कहा कि यह CAA के संदर्भ में भड़काऊ था और दंगों के लिए माहौल बनाने में सहायक रहा। उन्होंने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर भी तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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