दिल्ली दंगा फैसले पर BJP का पलटवार: गौरव भाटिया बोले — केजरीवाल ने ताहिर हुसैन को दिया राजनीतिक संरक्षण
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आए न्यायालय के फैसले का स्वागत किया और इसे 'न्याय, कानून, संविधान तथा जनता की जीत' करार दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर मुख्य अभियुक्त ताहिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेतृत्व पर दंगों के दौरान भड़काऊ माहौल बनाने का आरोप मढ़ा।
न्यायालय के फैसले पर BJP की प्रतिक्रिया
भाटिया ने कहा कि सोमवार को न्यायपालिका ने दिल्ली दंगों से जुड़े इस मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें पाँच लोगों को दोषी ठहराया गया है। उन्होंने कहा, 'अभी पूरा निर्णय सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन जो टिप्पणियाँ सामने आई हैं, उनके आधार पर हम 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा कांग्रेस के नेताओं द्वारा की गई राजनीति को न्यायालय की टिप्पणियों के संदर्भ में सभी के समक्ष रखना चाहते हैं।'
भाटिया ने यह भी कहा कि मार्च 2020 में जब यह मुद्दा संसद में आया था, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सभी आरोपियों को पकड़ा जाएगा और उन्हें सजा मिलेगी — और आज का फैसला उसी वचन की परिणति है।
ताहिर हुसैन और केजरीवाल पर आरोप
भाटिया के अनुसार, मुख्य अभियुक्त ताहिर हुसैन उस समय आम आदमी पार्टी का निर्वाचित पार्षद था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंकित शर्मा अपना कर्तव्य निभाते हुए भीड़ के सामने आए, तब ताहिर हुसैन ने भड़काऊ बयान दिए और इस घटना को अंजाम दिया। भाटिया ने कहा, 'यदि आज भी ताहिर हुसैन को कोई राजनीतिक संरक्षण दे रहा है, तो वह अरविंद केजरीवाल हैं।'
उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए जाने के निशान थे — और यह केवल इसलिए, क्योंकि वे एक आईबी अधिकारी के रूप में अपना कर्तव्य निभा रहे थे।
AAP नेता अमानतुल्लाह खान के बयान पर निशाना
भाटिया ने AAP नेता अमानतुल्लाह खान के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने अदालत के फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन को उसके धर्म के आधार पर सजा दी गई है। भाटिया ने कहा, 'देश के लिए शहादत देने वाले अंकित शर्मा के लिए उनके मुख से एक शब्द नहीं निकला, जबकि एक दोषसिद्ध व्यक्ति के पक्ष में वे खुलकर सामने आए। क्या यह वोटबैंक की राजनीति नहीं है?'
कांग्रेस नेतृत्व पर भड़काऊ बयान का आरोप
भाटिया ने सोनिया गांधी के उस कथित बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था — 'यह लड़ाई आर-पार की लड़ाई है। घर से निकलो, आर-पार की लड़ाई लड़ो।' भाटिया ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता के रूप में सोनिया गांधी को सौहार्द बनाए रखने की अपील करनी चाहिए थी, न कि ऐसे भड़काऊ बयान देने चाहिए थे। उन्होंने राहुल गांधी, ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों पर भी तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
आगे क्या होगा
न्यायालय का पूरा फैसला अभी सार्वजनिक होना बाकी है, जिसके बाद दोषियों की सजा का निर्धारण होगा। भाटिया ने कहा कि BJP इस न्यायिक फैसले का सम्मान करती है और इसका स्वागत करती है। यह मामला दिल्ली की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है, विशेषकर तब जब AAP और विपक्षी दल फैसले पर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।