29 अक्टूबर 2026
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धनबाद: भ्रूण लिंग जांच के बाद अवैध गर्भपात में महिला की मौत, पति व सेंटर संचालक गिरफ्तार

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धनबाद: भ्रूण लिंग जांच के बाद अवैध गर्भपात में महिला की मौत, पति व सेंटर संचालक गिरफ्तार

सारांश

झारखंड के धनबाद में एक महिला की कथित अवैध गर्भपात के दौरान मौत ने लिंग-चयनात्मक अपराध की गहरी सामाजिक समस्या को फिर उजागर किया। पुलिस ने पति और डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक को गिरफ्तार कर केंद्र सील किया; फोरेंसिक जांच जारी है।

मुख्य बातें

किरण कुमारी की 29 अक्टूबर 2026 को धनबाद के कतरास क्षेत्र में कथित अवैध गर्भपात के दौरान मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, भ्रूण के कन्या होने की जानकारी के बाद पति सोनू केवट ने जबरन गर्भपात कराया।
पुलिस ने सोनू केवट और सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक सचिन केवट को गिरफ्तार किया; सेंटर सील।
किरण 3-4 महीने की गर्भवती थीं; अत्यधिक रक्तस्राव से हालत बिगड़ी और संजीवनी अस्पताल में मृत घोषित।
फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी टीम वैज्ञानिक जांच के लिए बुलाई गई है।

झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में 29 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक मामला सामने आया, जब भ्रूण लिंग जांच के बाद कथित तौर पर अवैध गर्भपात कराए जाने के दौरान किरण कुमारी नामक महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गर्भ में कन्या होने की जानकारी मिलने के बाद महिला के पति ने जबरन गर्भपात कराने का फैसला किया, जो कानूनी और नैतिक — दोनों दृष्टियों से अपराध है।

मुख्य घटनाक्रम

मृतका के भाई चंद्रिका कुमार के अनुसार, किरण तीन से चार महीने की गर्भवती थी और दंपती की पहले से एक बेटी है। परिजनों का कहना है कि दूसरी बार गर्भधारण के बाद पति ने लिंग परीक्षण कराया और भ्रूण के कन्या होने की पुष्टि होते ही दबाव बनाकर अवैध गर्भपात की प्रक्रिया शुरू करा दी गई।

आरोप है कि गर्भपात के दौरान किरण को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ती गई। आनन-फानन में उन्हें संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर और समुचित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति सोनू केवट और श्यामडीह चौक स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक सचिन केवट को गिरफ्तार कर लिया। संबंधित जांच केंद्र को भी अधिकारियों ने सील कर दिया है।

कतरास के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार विमल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक पड़ताल में गलत तरीके से गर्भपात कराने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौत होने की बात सामने आई है।

फोरेंसिक जांच

मामले के हर पहलू की वैज्ञानिक जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीम को बुलाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

परिजनों का आक्रोश

महिला की दुखद मौत से क्षुब्ध परिजनों ने संजीवनी अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में लिंग-चयनात्मक गर्भपात के खिलाफ कानूनी प्रावधान पहले से मौजूद हैं — पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत भ्रूण लिंग जांच कराना और उसके आधार पर गर्भपात करवाना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।

गौरतलब है कि झारखंड जैसे राज्यों में लिंग-चयनात्मक गर्भपात के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं, जो इस सामाजिक कुरीति की गहरी जड़ों की ओर संकेत करते हैं। आगे मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट और न्यायालयी कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दशकों से कागज़ पर सख्त और अमल में कमज़ोर रहा है। धनबाद जैसे खनन-औद्योगिक ज़िलों में अवैध डायग्नोस्टिक सेंटरों की पकड़ कितनी गहरी है, यह सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर का सील होना बताता है। असली सवाल यह है कि ऐसे केंद्र बिना नियमित निरीक्षण के वर्षों तक कैसे चलते रहे। जब तक लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात की आपूर्ति श्रृंखला पर व्यवस्थित कार्रवाई नहीं होती, व्यक्तिगत गिरफ्तारियाँ लक्षण का उपचार हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद अवैध गर्भपात मामले में क्या हुआ?
झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में किरण कुमारी नामक महिला की 29 अक्टूबर 2026 को कथित अवैध गर्भपात के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि भ्रूण के कन्या होने की पुष्टि के बाद पति ने जबरन गर्भपात कराया।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मृतका के पति सोनू केवट और श्यामडीह चौक स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक सचिन केवट को गिरफ्तार किया है। डायग्नोस्टिक सेंटर को भी सील कर दिया गया है।
भ्रूण लिंग जांच के आधार पर गर्भपात कराना क्या अपराध है?
हाँ, भारत में पीसी एंड पीएनडीटी (प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) अधिनियम के तहत भ्रूण लिंग जांच कराना और उसके आधार पर गर्भपात करवाना दोनों दंडनीय अपराध हैं। इस कानून का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
मामले की जांच कौन कर रहा है और आगे क्या होगा?
कतरास के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार विमल की अगुवाई में पुलिस टीम जांच कर रही है। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीम को भी बुलाया गया है।
किरण कुमारी की मौत कहाँ हुई और परिजनों की क्या प्रतिक्रिया रही?
किरण कुमारी को गर्भपात के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने पर संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित किया गया। परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्र प्रेस
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