3 अगस्त 2026
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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: छह बार विधायक दिनेश गुंडू राव को जगह नहीं, बोले — 'निराशाजनक है यह फैसला'

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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: छह बार विधायक दिनेश गुंडू राव को जगह नहीं, बोले — 'निराशाजनक है यह फैसला'

सारांश

छह बार के विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव को कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में जगह नहीं मिली। उन्होंने एक्स पर खुलकर निराशा जताई और बिना कारण बताए बाहर रखे जाने पर सवाल उठाए — यह कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में उभरते तनाव का संकेत है।

मुख्य बातें

दिनेश गुंडू राव को 3 अगस्त 2026 के कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में शामिल नहीं किया गया।
राव छह बार के विधायक हैं और यूथ कांग्रेस से लेकर एआईसीसी तक कई पदों पर काम कर चुके हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि बाहर रखने का कोई कारण नहीं बताया गया , जिसे उन्होंने निराशाजनक बताया।
पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर , एचसी महादेवप्पा , तनवीर सैत , एसएस मल्लिकार्जुन और एचके पाटिल भी कैबिनेट से बाहर रहे।
राव ने कर्नाटक की जनता की सेवा जारी रखने का संकल्प दोहराया।

कर्नाटक कैबिनेट के ताज़ा विस्तार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और छह बार के विधायक दिनेश गुंडू राव को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया। 3 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राव ने खुलकर निराशा व्यक्त की, लेकिन साथ ही कर्नाटक की जनता की सेवा जारी रखने का संकल्प भी दोहराया।

एक्स पर राव का बयान

दिनेश गुंडू राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अपने राजनीतिक करियर में कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका मिलना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है, चाहे विधायक के तौर पर हो या मंत्री के तौर पर।" उन्होंने आगे कहा कि छह बार विधायक बनना केवल जनता के भरोसे की वजह से संभव हुआ और यह भरोसा उनके लिए सर्वोपरि है।

राव ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दर्ज कराई — "यूथ कांग्रेस से लेकर जिला कांग्रेस, केपीसीसी और एआईसीसी तक कई पदों पर काम किया है। मैंने हमेशा कड़ी मेहनत की है, पूरी निष्ठा दिखाई है, विचारधारा को लेकर स्पष्ट रहा हूं।"

मुख्य शिकायत: कारण नहीं बताया गया

राव ने सबसे तीखी आपत्ति इस बात पर जताई कि उन्हें कैबिनेट से बाहर रखने का कोई कारण नहीं बताया गया। उनके शब्दों में, "यह निराशाजनक है कि राज्य और पार्टी की इतने सालों तक सेवा करने के बाद भी मुझे इस कैबिनेट में सरकार की सेवा करने का मौका नहीं दिया गया। मुझे इस बात से निराशा हुई है कि मुझे शामिल न करने का कोई कारण बताए बिना ही ये फैसले लिए गए।"

गौरतलब है कि राव ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस निराशा के बावजूद अपने लोगों और कर्नाटक की बेहतरी के लिए काम करना जारी रखेंगे।

कैबिनेट विस्तार में और कौन रहे बाहर

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने सोमवार को कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार में अनुभवी और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया। इस विस्तार में कई चौंकाने वाले फैसले सामने आए। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की करीबी मानी जाने वाली पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।

दिनेश गुंडू राव के अलावा वरिष्ठ नेता एचसी महादेवप्पा, तनवीर सैत, एसएस मल्लिकार्जुन और एचके पाटिल भी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें इस बार कैबिनेट में स्थान नहीं दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के मध्य में है और आंतरिक संतुलन बनाए रखने का दबाव बढ़ा हुआ है।

आगे क्या होगा

राव ने संकेत दिया है कि वे विधायक के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ पूर्ण निष्ठा से निभाते रहेंगे। हालाँकि, कैबिनेट से बाहर रखे गए वरिष्ठ नेताओं की नाराज़गी आने वाले दिनों में कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को प्रभावित कर सकती है। पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह असंतोष आगामी चुनावी तैयारियों में कांग्रेस के लिए आंतरिक बाधा बन सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश गुंडू राव को कर्नाटक कैबिनेट में जगह क्यों नहीं मिली?
पार्टी नेतृत्व ने अभी तक कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। स्वयं राव ने कहा कि उन्हें बाहर रखने का कोई कारण नहीं बताया गया, जिसे उन्होंने निराशाजनक बताया। कैबिनेट विस्तार में अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई थी।
दिनेश गुंडू राव कौन हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?
दिनेश गुंडू राव कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं जो छह बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने यूथ कांग्रेस से लेकर जिला कांग्रेस, केपीसीसी और एआईसीसी तक कई पदों पर काम किया है और पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं।
कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में और कौन-कौन से नेता बाहर रहे?
दिनेश गुंडू राव के अलावा पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर, वरिष्ठ नेता एचसी महादेवप्पा, तनवीर सैत, एसएस मल्लिकार्जुन और एचके पाटिल को भी इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
गुंडू राव ने कैबिनेट से बाहर रहने के बाद क्या कहा?
राव ने एक्स पर पोस्ट कर निराशा जताई और कहा कि इतने सालों की सेवा के बाद बिना कारण बताए बाहर रखा जाना निराशाजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि वे कर्नाटक की जनता की सेवा करना जारी रखेंगे।
क्या यह कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक असंतोष का संकेत है?
कई वरिष्ठ नेताओं का एक साथ बाहर रहना और उनकी खुली नाराज़गी कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक तनाव की ओर इशारा करती है। हालाँकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इसे 'संतुलन बनाने की कोशिश' बताया है, वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया इस व्याख्या से मेल नहीं खाती।
राष्ट्र प्रेस
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