20 सितंबर 2026
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DUSU चुनाव में ABVP की जीत: प्रफुल्ल पटेल बोले — जेनजी को सस्ती राजनीति नहीं, भविष्य चाहिए

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DUSU चुनाव में ABVP की जीत: प्रफुल्ल पटेल बोले — जेनजी को सस्ती राजनीति नहीं, भविष्य चाहिए

सारांश

DUSU में ABVP की जीत के बाद NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जेनजी को सस्ती राजनीति नहीं, ठोस भविष्य चाहिए — और छात्रों का वोट यही बताता है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कई अन्य विश्वविद्यालयों में NSUI की जीत का हवाला दिया।

मुख्य बातें

NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने 20 सितंबर 2026 को DUSU चुनाव में ABVP की जीत को युवाओं की 'सस्ती राजनीति' अस्वीकृति बताया।
पटेल का इशारा नेता विपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की ओर था।
बिहार मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में छात्र-हित हमेशा प्राथमिकता रही है।
कांग्रेस चंडीगढ़ अध्यक्ष एचएस लकी ने कहा कि गढ़वाल समेत कई विश्वविद्यालयों में NSUI जीती, BJP सिर्फ अपनी जीत दिखाती है।
पटेल ने परीक्षा पेपर लीक पर सरकार की सख्त कार्रवाई के भरोसे का भी उल्लेख किया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने 20 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत को विपक्ष के लिए एक स्पष्ट संदेश बताया — कि आज की युवा पीढ़ी (जेनजी) अपने करियर और भविष्य को लेकर सजग है, न कि राजनीतिक नारेबाज़ी से प्रभावित। मीडिया से बातचीत में पटेल ने कहा कि छात्रों ने अपने मतदान के ज़रिये यह साफ कर दिया है कि वे तथाकथित 'सस्ती राजनीति' में कोई दिलचस्पी नहीं रखते।

पटेल का विपक्ष पर सीधा निशाना

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए एक अप्रत्यक्ष मंच रहा है — जहाँ NSUI, ABVP और वामपंथी छात्र संगठन सभी चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार छात्रों ने जिसे चुना, वह अपने आप में एक संकेत है कि युवा उन मुद्दों में रुचि नहीं रखते जो केवल राजनीतिक बहस के लिए उठाए जाते हैं। हालाँकि उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की ओर था, जो उस समय इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे।

परीक्षा पेपर लीक और सरकार की जवाबदेही

पटेल ने छात्रों की परीक्षा से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता का सीधा असर छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया और एक मंत्री ने छात्रहित में इस्तीफा भी दिया। केंद्र सरकार ने परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

बिहार के मंत्रियों ने भी की ABVP की सराहना

बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के हर फैसले में छात्र और युवा हमेशा केंद्र में रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेता हाल के विरोध-प्रदर्शनों से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन DUSU के नतीजों ने उनकी रणनीति की सीमाएँ उजागर कर दी हैं। बिहार के मंत्री संजय सिंह ने भी दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का आभार जताया और ABVP को शुभकामनाएँ दीं।

कांग्रेस का पलटवार

दूसरी ओर, कांग्रेस चंडीगढ़ के अध्यक्ष एचएस लकी ने DUSU नतीजों की व्याख्या पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ABVP अपनी छोटी जीतों को बड़ा बनाकर पेश करती हैं, जबकि पंजाब विश्वविद्यालय में NSUI-समर्थित पैनल के उम्मीदवार को सर्वाधिक वोट मिले। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में जो उपाध्यक्ष जीते, वह NSUI के बागी उम्मीदवार थे जिन्हें सर्वाधिक मत मिले। उनके अनुसार गढ़वाल विश्वविद्यालय सहित कई अन्य विश्वविद्यालयों में हाल ही में हुए चुनावों में NSUI की जीत हुई, लेकिन इन्हें मीडिया में उचित स्थान नहीं मिला।

आगे क्या

DUSU चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक बयानबाज़ी का यह दौर आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है, खासकर तब जब कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है। युवा मतदाताओं का रुझान और छात्र राजनीति का परिदृश्य राष्ट्रीय दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अधूरा भी है — क्योंकि एक छात्र संघ चुनाव किसी राष्ट्रीय जनादेश का विकल्प नहीं हो सकता। कांग्रेस की यह दलील भी उतनी ही चुनिंदा है कि वह केवल NSUI की जीत गिनाए और DUSU के केंद्रीय परिणाम को नज़रअंदाज़ करे। असली सवाल यह है कि परीक्षा पेपर लीक जैसी ठोस समस्याओं पर सरकार ने जो 'सख्त कार्रवाई' का भरोसा दिया है, उसकी जवाबदेही किस तंत्र से होगी — और क्या छात्र संघ की राजनीति उस जवाबदेही को सुनिश्चित करने में सक्षम है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DUSU चुनाव 2026 में किसने जीत हासिल की?
DUSU चुनाव 2026 में ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) ने जीत दर्ज की। हालाँकि उपाध्यक्ष पद पर NSUI के एक बागी उम्मीदवार ने सर्वाधिक मत हासिल किए, जिसे कांग्रेस ने अपनी नैतिक जीत बताया।
प्रफुल्ल पटेल ने DUSU नतीजों पर क्या कहा?
NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि DUSU के नतीजे यह दर्शाते हैं कि जेनजी (Gen Z) को सस्ती राजनीति से कोई सरोकार नहीं — उन्हें अपने भविष्य और करियर की चिंता है। उन्होंने विपक्ष पर छात्र मुद्दों का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप भी लगाया।
क्या कांग्रेस ने DUSU नतीजों को चुनौती दी?
हाँ, कांग्रेस चंडीगढ़ के अध्यक्ष एचएस लकी ने कहा कि BJP और ABVP केवल अपने पक्ष की जीत दिखाती हैं। उनके अनुसार पंजाब विश्वविद्यालय और गढ़वाल समेत कई विश्वविद्यालयों में NSUI जीती है, जिसे उचित प्रचार नहीं मिला।
परीक्षा पेपर लीक से DUSU चुनाव का क्या संबंध है?
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य को सीधे प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
DUSU चुनाव में बिहार के मंत्रियों ने क्या कहा?
बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में छात्र और युवा हमेशा सरकारी नीतियों के केंद्र में रहे हैं। मंत्री संजय सिंह ने भी ABVP को शुभकामनाएँ दीं और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का आभार जताया।
राष्ट्र प्रेस
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