डूसू चुनाव: एबीवीपी के यश डाबास, रिया छाबड़ी और लक्ष्यराज सिंह ने राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' को बताया 'भगवामय गूंज'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में 3-1 से जीत दर्ज करने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के तीनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों — अध्यक्ष यश डाबास, सचिव रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव लक्ष्यराज सिंह — ने 21 सितंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर करारा जवाब दिया। तीनों ने एक सुर में कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने एनएसयूआई को चारों खाने चित करके 'भगवामय गूंज' कर दी।
अध्यक्ष यश डाबास की प्रतिक्रिया
नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डाबास ने कहा, 'चुनाव में जीत के बाद मुझे लगता है कि मेरे कंधों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब मुझे हर छात्र की आवाज बनना है और दिल्ली यूनिवर्सिटी के उन 1.5 लाख छात्रों का नेतृत्व करना है जो दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अंतर्गत आते हैं।' राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर तंज कसते हुए डाबास ने कहा कि शायद इस कार्यक्रम का नाम 'गूंज' नहीं बल्कि 'चिल्लाना' होना चाहिए था, और जो 'गूंज' उनके कानों में सुनाई दे रही होगी, वह एबीवीपी की जय की आवाज़ रही होगी।
सचिव रिया छाबड़ी का बयान
सचिव रिया छाबड़ी ने अपनी जीत को विशेष बताते हुए कहा, 'पिछले साल मैं कॉलेज का चुनाव हार गई थी और ठीक एक साल बाद मैं सीधे दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की सचिव बन गई हूं।' उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता लड़कियों की सुरक्षा बताई और कहा कि बतौर छात्रा उनकी कोशिश रहेगी कि विश्वविद्यालय की हर छात्रा सुरक्षित महसूस करे।
एनएसयूआई पर निशाना साधते हुए रिया ने कहा कि विपक्षी छात्र संगठन के पास पूरे वर्ष न बोलने को कुछ है न करने को। राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि उनकी 'छात्रों की गूंज' हो ही नहीं पाई — इतनी तगड़ी 'गूंज' हुई कि एनएसयूआई को एक भी सीट नहीं मिली। रिया ने यह भी दावा किया कि जेन-जी एबीवीपी के साथ है और अगली बार संगठन चारों पदों पर जीत दर्ज करेगा।
संयुक्त सचिव लक्ष्यराज सिंह की प्राथमिकताएँ
संयुक्त सचिव लक्ष्यराज सिंह ने वर्षों के संघर्ष के बाद मिली जीत पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एनएसयूआई का उनके अपने लोगों ने ही सफाया कर दिया और एबीवीपी की मेहनत रंग लाई। उन्होंने खेल सुविधाओं को अपनी पहली प्राथमिकता बताया और कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना उनका मुख्य लक्ष्य होगा।
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अलग-अलग शहरों में यह कार्यक्रम कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने यहां 'भगवामय गूंज' कर दी और 'भारत मां' के नारों से परिसर गूंज उठा।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस छात्र राजनीति में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है और राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम देशभर के विश्वविद्यालयों में सक्रिय है। डूसू में 3-1 के नतीजे — जिसमें उपाध्यक्ष पद एनएसयूआई के खाते में गया — यह दर्शाते हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी का दबदबा कायम है। गौरतलब है कि डूसू देश के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित छात्रसंघों में से एक है, और यहाँ के नतीजे राष्ट्रीय राजनीति में भी संदेश देते हैं। तीनों विजेता नेताओं ने संकेत दिया है कि छात्र हितों को पार्टी राजनीति से ऊपर रखा जाएगा और नए उपाध्यक्ष के साथ मिलकर काम करने में भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं।