19 सितंबर 2026
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डूसू चुनाव 2026: एबीवीपी ने तीन पदों पर कब्ज़ा किया, यश डबास अध्यक्ष; एनएसयूआई का सूपड़ा साफ

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डूसू चुनाव 2026: एबीवीपी ने तीन पदों पर कब्ज़ा किया, यश डबास अध्यक्ष; एनएसयूआई का सूपड़ा साफ

सारांश

डूसू चुनाव में एबीवीपी ने तीन पदों पर कब्ज़ा जमाया और एनएसयूआई का सूपड़ा साफ हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने जीत को 'जेनजी का देश के साथ खड़े होने' का संदेश बताया और सत्य निकेतन हादसे की पृष्ठभूमि में छात्र सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया।

मुख्य बातें

एबीवीपी ने 19 सितंबर 2026 को डूसू के तीन पदों — अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव — पर जीत दर्ज की।
यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज संयुक्त सचिव चुने गए।
एनएसयूआई एक भी सीट जीतने में विफल रही।
एबीवीपी ने पंजाब विश्वविद्यालय में भी एक साथ जीत दर्ज की।
डबास ने सत्य निकेतन हादसे के पीड़ितों को जीत समर्पित करते हुए हॉस्टल और कॉलेजों का सेफ्टी ऑडिट कराने की प्रतिबद्धता जताई।
रिया छावड़ी ने महिला छात्रों की सुरक्षा को अपना प्रमुख एजेंडा बताया।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 19 सितंबर 2026 को तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज कर संगठन का दबदबा बरकरार रखा। यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) एक भी सीट जीतने में विफल रही। परिणामों ने नई दिल्ली के विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बना दिया।

मुख्य घटनाक्रम

एबीवीपी ने डूसू के अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव — तीनों पद जीते। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज संयुक्त सचिव पद पर विजयी घोषित हुए। यह ऐसे समय में आया है जब एबीवीपी ने पंजाब विश्वविद्यालय में भी एक साथ जीत दर्ज की, जिससे संगठन के लिए यह दोहरी सफलता बन गई।

गौरतलब है कि डूसू चुनाव परंपरागत रूप से एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कड़ी टक्कर का मंच रहे हैं। इस बार एनएसयूआई का खाता नहीं खुलना संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

विजयी नेताओं की प्रतिक्रिया

नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने जीत के बाद कहा कि इस परिणाम से यह स्पष्ट हो गया है कि युवा पीढ़ी — विशेष रूप से 'जेनजी' — देश के साथ खड़ी है। उन्होंने अपनी जीत को उन छात्रों को समर्पित किया जिन्होंने सत्य निकेतन में हुई घटना में अपनी जान गंवाई थी। डबास ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्र सुरक्षा होगी — विशेषकर दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टल, पीजी आवासों और कॉलेजों का सेफ्टी ऑडिट कराना।

नवनिर्वाचित सचिव रिया छावड़ी ने महिला छात्रों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा। उन्होंने कहा, 'मैं यह सुनिश्चित करने के लिए काम करूंगी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली हर छात्रा खुद को सुरक्षित महसूस करे और कैंपस को अपने घर जैसा वातावरण समझ सके।' छावड़ी ने चुनाव घोषणापत्र में उल्लिखित मुद्दों पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज करने वाले लक्ष्य राज ने इसे छात्रों के भरोसे का प्रतीक बताया और कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय के साथ-साथ दिल्ली में भी मिली जीत ने कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना कर दिया है।

निवर्तमान अध्यक्ष और संगठन की राय

डूसू के निवर्तमान अध्यक्ष आर्यन मान ने परिणामों के बाद कहा कि एनएसयूआई इस चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी, और छात्रों ने मतदान के ज़रिये एबीवीपी के प्रति अपना समर्थन स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है। एबीवीपी कार्यकर्ता निकिता ने इसे बड़ी जीत बताते हुए कहा कि संगठन की ऐसी सफलता हर वर्ष देखने को मिलती है।

एबीवीपी कार्यकर्ता अनिरुद्ध ने चुनाव परिणाम को 'जेनजी की जीत' करार दिया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि डूसू के परिणाम इसका स्पष्ट जवाब हैं।

आम जनता पर असर

डूसू चुनाव दिल्ली विश्वविद्यालय के लगभग 3 लाख छात्रों को प्रभावित करते हैं। नई नेतृत्व टीम की घोषित प्राथमिकताएँ — सेफ्टी ऑडिट, महिला सुरक्षा और कैंपस में बेहतर वातावरण — सीधे तौर पर छात्रों के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं।

क्या होगा आगे

नवनिर्वाचित डूसू पदाधिकारी जल्द ही कार्यभार संभालेंगे। यश डबास के नेतृत्व में सेफ्टी ऑडिट की प्रक्रिया किस गति से शुरू होती है, यह उनकी पहली बड़ी परीक्षा होगी। साथ ही, सत्य निकेतन घटना की पृष्ठभूमि में छात्र सुरक्षा का मुद्दा परिसर में केंद्रीय चर्चा का विषय बना रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डूसू चुनाव 2026 में किसने जीत हासिल की?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 19 सितंबर 2026 को हुए डूसू चुनाव में तीन पद जीते। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज संयुक्त सचिव बने। एनएसयूआई एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही।
यश डबास ने अध्यक्ष बनने के बाद कौन सी प्राथमिकताएँ घोषित कीं?
यश डबास ने छात्र सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टल, पीजी आवासों और कॉलेजों का सेफ्टी ऑडिट कराने का वादा किया और अपनी जीत सत्य निकेतन हादसे के पीड़ितों को समर्पित की।
एबीवीपी की यह जीत राजनीतिक दृष्टि से क्यों अहम है?
एनएसयूआई का पूरी तरह सफाया तब हुआ जब कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं — खासकर 'जेनजी' — को लुभाने की कोशिश कर रही है। डूसू परिणाम को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के इस दावे का सीधा जवाब बताया।
डूसू में रिया छावड़ी का एजेंडा क्या है?
नवनिर्वाचित सचिव रिया छावड़ी ने महिला सुरक्षा, छात्र सुरक्षा और कैंपस सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगी कि हर छात्रा कैंपस में खुद को सुरक्षित और घर जैसा महसूस करे।
क्या एबीवीपी ने सिर्फ दिल्ली विश्वविद्यालय में जीत हासिल की?
नहीं। एबीवीपी ने 19 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ-साथ पंजाब विश्वविद्यालय में भी जीत दर्ज की, जिससे यह संगठन के लिए एक दिन में दोहरी चुनावी सफलता बन गई।
राष्ट्र प्रेस
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