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केरल: ईडी ने टैक्सी चालक को ₹1.75 लाख मुआवजा दिया, सीपीआई-एम अपने वादे से मुकरी

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केरल: ईडी ने टैक्सी चालक को ₹1.75 लाख मुआवजा दिया, सीपीआई-एम अपने वादे से मुकरी

सारांश

ईडी ने वह काम किया जो सीपीआई-एम ने नहीं किया — पिनाराई विजयन के घर छापेमारी के दौरान हुई हिंसा में क्षतिग्रस्त टैक्सी के चालक को ₹1.75 लाख का पूरा मुआवजा दिया। पार्टी के टूटे वादे और केंद्रीय एजेंसी के इस असामान्य कदम ने केरल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तिरुवनंतपुरम के एक टैक्सी चालक को ₹1.75 लाख का पूरा मुआवजा अदा किया।
चालक की गाड़ी मई 2025 में पिनाराई विजयन के आवास पर छापेमारी के दौरान सीपीआई-एम कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर क्षतिग्रस्त की गई थी।
सीपीआई-एम ने सार्वजनिक रूप से मुआवजे का वादा किया था, लेकिन बाद में अपने आश्वासन से पलट गई।
पुलिस ने हिंसा के मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया; 24 अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
यह छापेमारी विजयन की बेटी वीना विजयन से जुड़ी ईडी जांच के तहत की गई थी।

तिरुवनंतपुरम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 25 जुलाई 2025 को उस टैक्सी चालक को ₹1.75 लाख का पूरा मुआवजा अदा कर दिया, जिसकी गाड़ी सीपीआई-एम कार्यकर्ताओं ने मई में पिनाराई विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी के विरोध में की गई हिंसा के दौरान बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दी थी। यह कदम इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि सीपीआई-एम ने सार्वजनिक रूप से मुआवजे का वादा किया था, लेकिन बाद में अपने आश्वासन से पलट गई।

घटनाक्रम: कैसे हुई तोड़फोड़

यह हमला मई 2025 में हुआ था, जब ईडी की टीम पिनाराई विजयन — जो केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता हैं — के तिरुवनंतपुरम स्थित किराए के आवास पर तलाशी के बाद बाहर निकल रही थी। यह छापेमारी विजयन की बेटी वीना विजयन से जुड़ी चल रही जांच के सिलसिले में की गई थी, जो उनके साथ उसी आवास में रह रही हैं और ईडी की निगरानी में हैं।

अधिकारियों के परिसर से बाहर निकलते ही, कथित तौर पर सीपीआई-एम कार्यकर्ताओं ने काफिले को घेर लिया और वाहनों पर हमला बोल दिया। ईडी द्वारा आधिकारिक कार्य के लिए किराए पर ली गई टैक्सी इस हिंसा की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई।

चालक की स्थिति और सीपीआई-एम का टूटा वादा

तिरुवनंतपुरम निवासी इस चालक ने स्पष्ट किया कि वह केवल अपना पेशेवर दायित्व निभा रहा था और जांच से उसका कोई संबंध नहीं था। वह राजनीतिक रूप से संवेदनशील टकराव के बीच महज एक निर्दोष पक्ष के रूप में फंस गया।

इस घटना की व्यापक निंदा के बाद सीपीआई-एम ने सार्वजनिक रूप से चालक को हुए नुकसान की भरपाई करने की घोषणा की। हालांकि, पार्टी बाद में अपने इस वादे से मुकर गई, जिससे चालक को अपनी आजीविका के एकमात्र स्रोत — अपनी टैक्सी — की मरम्मत के लिए मुआवजे की मांग करते हुए लगभग दो महीने की अनिश्चितता में रहना पड़ा।

ईडी का असामान्य हस्तक्षेप

प्रवर्तन निदेशालय ने अब स्वयं हस्तक्षेप करते हुए ₹1.75 लाख के पूरे दावे का निपटारा कर दिया है। किसी केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा इस तरह सीधे मुआवजा अदा करना एक असामान्य कदम माना जा रहा है। इस फैसले से चालक को लंबे इंतजार के बाद राहत मिली है।

आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम

हमले से जुड़े आपराधिक मामले में भी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से केवल एक आरोपी को जमानत मिली है, जबकि शेष 24 न्यायिक हिरासत में बने हुए हैं — जो इस मामले को लेकर अदालतों के गंभीर रुख को दर्शाता है।

राजनीतिक असर और आगे की राह

राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम सीपीआई-एम के लिए असहज करने वाला है। आलोचकों का कहना है कि जिस एजेंसी के विरुद्ध पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया, उसी ने अंततः पीड़ित चालक की मदद की — जबकि पार्टी अपने सार्वजनिक वादे पर खरी नहीं उतरी। यह विरोधाभास विपक्षी दलों को सीपीआई-एम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का अवसर दे रहा है। इस मामले में अदालती कार्यवाही और वीना विजयन से जुड़ी ईडी की जांच आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी ने निर्दोष पीड़ित की मदद की। सीपीआई-एम के लिए यह दोहरी मुश्किल है — एक तरफ वीना विजयन की जांच का दबाव, दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर विश्वसनीयता का सवाल। 24 कार्यकर्ताओं का अभी भी न्यायिक हिरासत में होना दर्शाता है कि अदालतें इस मामले को हल्के में नहीं ले रहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने टैक्सी चालक को मुआवजा क्यों दिया?
ईडी ने तिरुवनंतपुरम के उस टैक्सी चालक को ₹1.75 लाख का मुआवजा दिया क्योंकि उसकी गाड़ी ईडी के आधिकारिक कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थी। सीपीआई-एम ने मुआवजे का वादा किया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया, जिसके बाद ईडी ने स्वयं हस्तक्षेप किया।
पिनाराई विजयन के घर ईडी की छापेमारी किस मामले में हुई थी?
यह छापेमारी पिनाराई विजयन की बेटी वीना विजयन से जुड़ी चल रही ईडी जांच के सिलसिले में की गई थी। वीना विजयन अपने पिता के साथ उसी किराए के आवास में रह रही हैं और ईडी की निगरानी में हैं।
टैक्सी पर हमले के मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से केवल एक को जमानत मिली है, जबकि शेष 24 आरोपी न्यायिक हिरासत में बने हुए हैं।
सीपीआई-एम ने मुआवजे का वादा क्यों नहीं निभाया?
घटना की व्यापक निंदा के बाद सीपीआई-एम ने सार्वजनिक रूप से चालक को मुआवजा देने की घोषणा की थी, लेकिन पार्टी बाद में अपने इस आश्वासन से पलट गई। पार्टी ने अपने रुख में बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया।
इस घटना का केरल की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
आलोचकों का कहना है कि इस घटना से सीपीआई-एम की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा है, क्योंकि जिस एजेंसी के खिलाफ पार्टी ने विरोध जताया, उसी ने पीड़ित चालक की मदद की। वीना विजयन से जुड़ी ईडी जांच और इस आपराधिक मामले की अदालती कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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