20 अगस्त 2026
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ईडी की बड़ी कार्रवाई: मुंबई-ठाणे में छापेमारी, ₹113 करोड़ के क्रिप्टो फ्रॉड 'MTC कॉइन' मामले में जांच तेज

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: मुंबई-ठाणे में छापेमारी, ₹113 करोड़ के क्रिप्टो फ्रॉड 'MTC कॉइन' मामले में जांच तेज

सारांश

मुंबई और ठाणे में ईडी की ताज़ा छापेमारी ने 'मनी ट्रेड कॉइन' घोटाले की परतें खोली हैं — जिसमें ₹113.10 करोड़ की ठगी, सरकारी अधिकारी बनकर निवेशकों को फंसाने का खेल, और मुख्य आरोपी का दुबई में नकली पहचान से छिपना शामिल है।

मुख्य बातें

ईडी ने 12 अगस्त को पीएमएलए, 2002 के तहत मुंबई और ठाणे में तलाशी अभियान चलाया।
मामला अगस्त 2017 से अप्रैल 2018 के बीच अनधिकृत क्रिप्टोकरेंसी 'मनी ट्रेड कॉइन (एमटीसी)' के ज़रिए ₹113.10 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है।
मुख्य आरोपी अमित मदनलाल लखनपाल ने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताकर दिल्ली, पुणे और नासिक में सेमिनारों के ज़रिए निवेशकों को ठगा।
लखनपाल कथित तौर पर एंटीगुआ और बारबुडा का पासपोर्ट लेकर भारत से फरार, फिलहाल दुबई, UAE में नकली पहचान से रह रहा है।
तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस और लगभग ₹1 करोड़ नकद ज़ब्त।
ईडी की जांच जारी है; संपत्ति कुर्की और प्रत्यर्पण कार्रवाई संभावित अगला कदम।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने 12 अगस्त को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत मुंबई और ठाणे में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई एक अनधिकृत क्रिप्टोकरेंसी 'मनी ट्रेड कॉइन' (एमटीसी) के ज़रिए अगस्त 2017 से अप्रैल 2018 के बीच निवेशकों से कथित तौर पर की गई ₹113.10 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ी है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने ठाणे सिटी पुलिस द्वारा अमित मदनलाल लखनपाल, ताहा हाफिज काजी, सचिन वसंत शेलार, कोमल भीमराव शिरसाथ और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की थी। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने मिलकर एमटीसी नामक अनधिकृत क्रिप्टोकरेंसी तैयार की और बड़ी संख्या में निवेशकों को भारी रिटर्न का झांसा देकर उसमें निवेश करवाया।

कैसे हुई धोखाधड़ी

जांच में सामने आया कि दिल्ली, पुणे और नासिक में कई सेमिनार आयोजित किए गए, जिनमें लखनपाल ने कथित तौर पर खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताया। उसने एमटीसी कॉइन को सरकारी मान्यता मिलने का वादा करके निवेशकों को लुभाया और भारी रिटर्न का आश्वासन दिया।

इसके बाद कॉइन डिपॉजिट रेश्यो, एमटीसी बैंक, एमटीसीएक्स इंडिया और क्रिप्टोजानिया जैसी कई योजनाएं और एक्सचेंज प्लेटफॉर्म शुरू किए गए। कथित तौर पर इन प्लेटफॉर्मों पर एमटीसी कॉइन की दरों में हेरफेर की गई और निवेशकों की पैसे निकालने तथा ट्रेडिंग की सुविधाएं अचानक बंद कर दी गईं। इससे निवेशकों को अपनी मूल पूंजी और वादे के अनुसार मिलने वाला रिटर्न — दोनों गंवाने पड़े।

मुख्य आरोपी फरार, दुबई में छिपे होने की आशंका

ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी अमित लखनपाल अपने साथियों के साथ एंटीगुआ और बारबुडा का पासपोर्ट हासिल करके भारत से फरार हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, वह फिलहाल दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक नकली पहचान के साथ रह रहा है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय फरार आरोपियों की संख्या बढ़ती जा रही है।

तलाशी में क्या मिला

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए। इसके अलावा लगभग ₹1 करोड़ नकद भी बरामद किया गया। ईडी के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है।

आगे क्या होगा

यह मामला भारत में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े बड़े निवेश घोटालों की बढ़ती श्रृंखला में एक और कड़ी है। गौरतलब है कि पीएमएलए के तहत ईडी संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी कर सकती है। फरार आरोपी की विदेश में मौजूदगी के मद्देनज़र अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी संभावित अगला कदम हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक मुख्य आरोपी भारत नहीं लाया जाता, पीड़ित निवेशकों को न्याय अधूरा रहेगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मनी ट्रेड कॉइन' (एमटीसी) घोटाला क्या है?
यह एक कथित क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी है जिसमें अमित लखनपाल और उसके साथियों ने अनधिकृत 'मनी ट्रेड कॉइन' बनाकर अगस्त 2017 से अप्रैल 2018 के बीच निवेशकों से ₹113.10 करोड़ की ठगी की। आरोपियों ने सरकारी मान्यता और भारी रिटर्न का झूठा वादा करके निवेशकों को फंसाया।
ईडी ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने 12 अगस्त को पीएमएलए, 2002 के तहत मुंबई और ठाणे में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस और लगभग ₹1 करोड़ नकद ज़ब्त किए गए।
मुख्य आरोपी अमित लखनपाल अभी कहाँ है?
ईडी की जांच के अनुसार, अमित लखनपाल एंटीगुआ और बारबुडा का पासपोर्ट हासिल करके भारत से फरार हो गया है और कथित तौर पर दुबई, UAE में नकली पहचान बनाकर रह रहा है।
निवेशकों को किस तरह ठगा गया?
लखनपाल ने दिल्ली, पुणे और नासिक में सेमिनार आयोजित कर खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताया और एमटीसी कॉइन में सरकारी मान्यता व भारी रिटर्न का वादा किया। बाद में एमटीसी बैंक और क्रिप्टोजानिया जैसे प्लेटफॉर्मों पर कॉइन दरों में हेरफेर कर निवेशकों की निकासी सुविधाएं बंद कर दी गईं।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
ईडी की जांच जारी है और पीएमएलए के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई संभव है। मुख्य आरोपी के दुबई में होने के मद्देनज़र प्रत्यर्पण प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय अगला अहम कदम होगा।
राष्ट्र प्रेस
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