इंजीनियर रशीद सांसद पद छोड़ने को तैयार, AIP ने 18 विधानसभा क्षेत्रों में जनमत संग्रह का लिया फैसला
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला लोकसभा सीट से सांसद और न्यायिक हिरासत में बंद इंजीनियर रशीद ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि जेल में रहते हुए वह अपने बारामूला संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं की समस्याओं और ज़रूरतों पर प्रभावी ढंग से ध्यान देने में असमर्थ हैं। 21 जून को उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने अंतिम निर्णय से पहले व्यापक जनपरामर्श की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया।
पार्टी की राजनीतिक समिति का फैसला
AIP के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति ने इस विषय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। समिति ने तय किया कि बारामूला संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 18 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी पदाधिकारियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से व्यापक परामर्श किया जाएगा। यह प्रक्रिया दो दिन तक चलेगी।
गुप्त मतदान का विकल्प भी खुला
पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो कार्यकर्ताओं के बीच गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) भी कराया जा सकता है, ताकि सभी सदस्य बिना किसी दबाव के अपनी राय दर्ज करा सकें। पंचायत और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी आम जनता और समाज के विभिन्न वर्गों से भी संवाद करेंगे।
जनता की आवाज़ होगी निर्णायक
AIP ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय उन मतदाताओं की भावनाओं के अनुरूप होगा जिन्होंने इंजीनियर रशीद और पार्टी पर भरोसा जताया था। परामर्श प्रक्रिया और संभावित मतदान के नतीजे औपचारिक रूप से रशीद को सूचित किए जाएंगे, ताकि वह सभी पक्षों को ध्यान में रखकर अंतिम फैसला कर सकें। पार्टी ने आंतरिक लोकतंत्र और जन-जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
पृष्ठभूमि: जेल से सांसदी की चुनौती
गौरतलब है कि इंजीनियर रशीद जम्मू-कश्मीर की बारामूला सीट से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे, लेकिन न्यायिक हिरासत के कारण वह संसद में भाग लेने और अपने क्षेत्र के लोगों से सीधे जुड़ने में असमर्थ रहे हैं। यह स्थिति संसदीय प्रतिनिधित्व और जन-जवाबदेही को लेकर एक जटिल संवैधानिक प्रश्न भी उठाती है।
आगे क्या होगा
दो दिवसीय परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद AIP का नेतृत्व एकत्रित राय को इंजीनियर रशीद तक पहुँचाएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वह लोकसभा की सदस्यता से औपचारिक रूप से इस्तीफा देंगे या नहीं। बारामूला सीट पर किसी भी संभावित उपचुनाव की स्थिति में राजनीतिक समीकरण नए सिरे से तय होंगे।