इंजीनियर रशीद को पिता के चेहलुम के लिए मिलेगी 5 दिन की अंतरिम जमानत, गुरुवार को श्रीनगर पहुँचेंगे
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला से लोकसभा सांसद इंजीनियर रशीद को उनके दिवंगत पिता के चेहलुम (मृत्यु के 40वें दिन की इस्लामी रस्म) में शामिल होने के लिए पाँच दिनों की अंतरिम जमानत दी जाएगी। अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के मुख्य प्रवक्ता इनाम-उन-नबी ने बुधवार, 24 जून को यह जानकारी दी। उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों के अनुरूप इंजीनियर रशीद को गुरुवार सुबह रिहा किया जाएगा।
चेहलुम में शामिल होने की अनुमति
एआईपी प्रवक्ता इनाम-उन-नबी ने बताया कि दिवंगत खाजिर मोहम्मद शेख का चेहलुम धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर इंजीनियर रशीद परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के साथ उपस्थित रहेंगे। यह उनके लिए व्यक्तिगत और भावनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि लंबे समय से जेल में रहने के कारण वे परिवार से दूर रहे हैं।
श्रीनगर में कार्यक्रम की रूपरेखा
इनाम-उन-नबी के अनुसार, इंजीनियर रशीद के गुरुवार सुबह श्रीनगर पहुँचने की उम्मीद है। शुक्रवार दोपहर से वे श्रीनगर में उपलब्ध रहेंगे, ताकि शोक व्यक्त करने और शोकाकुल परिवार के प्रति एकजुटता दिखाने के इच्छुक लोग उनसे मिल सकें। गौरतलब है कि यह उनकी जेल से पहली अस्थायी रिहाई होगी।
तिहाड़ जेल में बंद हैं इंजीनियर रशीद
इंजीनियर रशीद इस समय नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में टेरर-फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी के तौर पर न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि जेल में रहने के कारण वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की रोज़मर्रा की समस्याओं को नहीं देख पा रहे, इसलिए उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
पार्टी का इस्तीफे पर रुख
हालाँकि, श्रीनगर में एआईपी नेताओं ने स्पष्ट किया कि बारामूला निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं की राय लिए बिना इंजीनियर रशीद को इस्तीफा नहीं देने दिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब 2024 के लोकसभा चुनाव में इंजीनियर रशीद ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक मतों के बड़े अंतर से पराजित किया था — जो जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक चौंकाने वाला उलटफेर था।
आगे क्या होगा
पाँच दिन की अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद इंजीनियर रशीद को तिहाड़ जेल वापस लौटना होगा। उनके इस्तीफे और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी, जिस पर राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर नज़र बनी रहेगी।