डीपफेक और फर्जी नैरेटिव से सावधान रहें: सीईसी ज्ञानेश कुमार ने 260 चुनाव अधिकारियों को दी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित दूसरी राष्ट्रीय मीडिया कॉन्फ्रेंस में चुनाव अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और फर्जी नैरेटिव के प्रति सतर्क रहने की स्पष्ट हिदायत दी। 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 260 से अधिक अधिकारियों के इस एकदिवसीय सम्मेलन में डीपफेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित भ्रामक सामग्री और गलत सूचनाओं से निपटने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
सम्मेलन का उद्देश्य और भागीदारी
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) और जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह सम्मेलन मीडिया व संचार अधिकारियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। गौरतलब है कि यह अपनी तरह का दूसरा राष्ट्रीय आयोजन है, जो इस बात का संकेत है कि आयोग डिजिटल दुष्प्रचार को एक बढ़ती चुनौती के रूप में देख रहा है।
सीईसी की मुख्य चेतावनी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि चुनाव आयोग की प्रत्येक कार्रवाई भारतीय संविधान, चुनावी कानूनों और लिखित निर्देशों के आधार पर पूरी पारदर्शिता से की जाती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि गलत सूचनाओं और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए उन्हें सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत को मतदाताओं के चुनावी व्यवस्था पर विश्वास का प्रमाण बताया।
डीपफेक और AI का खतरा
चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने डिजिटल युग की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि AI, डीपफेक और कृत्रिम रूप से तैयार भ्रामक सामग्री के ज़रिए संस्थाओं में लोगों के विश्वास को कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे आयोग के नियमों, दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं के आधार पर ऐसे प्रयासों का प्रभावी जवाब दें। डॉ. जोशी ने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने पर भी जोर दिया और कहा कि इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) के माध्यम से युवा मतदाताओं तक प्रभावी पहुँच बनाई जानी चाहिए।
सम्मेलन में क्या-क्या हुआ
कार्यक्रम में मतदाता सूची, मतदान प्रक्रिया, ECINet, मीडिया से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों, प्रेस नोट तैयार करने और गलत सूचनाओं से निपटने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों को मतदाता सूची तैयार करने, मतदान और मतगणना प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिखाया गया। हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और सफल पहलों की जानकारी दी।
आगे की राह
सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों और आयोग के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब देश में आने वाले चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दुष्प्रचार की घटनाएँ बढ़ रही हैं। आयोग की यह पहल संकेत देती है कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए ज़मीनी स्तर पर अधिकारियों को तैयार करना प्राथमिकता बन चुकी है।