गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने दिल्ली से किराये के बैंक खाते से ठगी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 25 जून 2026 को एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया, जो साइबर ठगों को अपना बैंक खाता किराये पर उपलब्ध कराता था — जिसके ज़रिये बैंक केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी गई रकम का लेन-देन होता था। आरोपी को दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सूचना के आधार पर पकड़ा गया।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विनय कुमार (24 वर्ष), पुत्र सुरेन्द्र कुमार, निवासी बुराड़ी, नॉर्थ दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की शैक्षिक योग्यता नौवीं कक्षा तक है। इस मामले में थाना बिसरख में मुकदमा दर्ज किया गया है।
ठगी का तरीका: केवाईसी के नाम पर जाल
जाँच में सामने आया कि साइबर अपराधी खुद को बैंक का मैनेजर बताकर लोगों को फोन करते थे और बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराने के बहाने उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। इस ठगी को सफल बनाने के लिए अपराधियों को ऐसे बैंक खातों की आवश्यकता होती थी जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की जा सके।
गिरफ्तार आरोपी विनय कुमार यही भूमिका निभाता था — वह अपना बैंक खाता इन साइबर ठगों को किराये पर देता था। पुलिस जाँच के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में इस मामले से संबंधित करीब ₹9 लाख ट्रांसफर किए गए थे, जिसके बदले उसे साइबर अपराधियों से ₹45,000 कमीशन के रूप में प्राप्त हुए।
नेटवर्क की जाँच जारी
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन से लोग थे तथा इस साइबर ठगी के नेटवर्क में कितने सदस्य शामिल हैं। गौरतलब है कि किराये के बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध में एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति है, जिसमें आर्थिक रूप से कमज़ोर व्यक्तियों को मामूली कमीशन का लालच देकर उनके खाते ठगी के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
पुलिस की नागरिकों से अपील
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बैंक केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले किसी भी फोन कॉल या संदेश पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता नंबर या अन्य गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें। यदि इस तरह का कोई संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करें।
इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की भी धरपकड़ की जा सकती है।