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जॉर्ज कुरियन का मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर, राष्ट्रपति मुर्मु ने अनुच्छेद 75 के तहत तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया

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जॉर्ज कुरियन का मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर, राष्ट्रपति मुर्मु ने अनुच्छेद 75 के तहत तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया

सारांश

राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होते ही जॉर्ज कुरियन को मंत्री पद छोड़ना पड़ा — यह महज एक तकनीकी विदाई नहीं, बल्कि केरल में BJP की ईसाई आउटरीच रणनीति के लिए एक बड़ा झटका है। 1980 से पार्टी के साथ जुड़े कुरियन का जाना पार्टी के अल्पसंख्यक चेहरे पर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 जून 2026 को संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
मध्य प्रदेश से 24 जून 2026 को राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के कारण संवैधानिक अनिवार्यता के तहत पद छोड़ना पड़ा।
कुरियन ने 9 जून 2024 से अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था।
65 वर्षीय कुरियन 1980 से BJP के सदस्य हैं और केरल में ईसाई समुदाय के प्रमुख राजनीतिक चेहरे माने जाते हैं।
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कंजिराप्पल्ली सीट से हार के बाद अब राज्यसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई।
BJP ने इस्तीफे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने 23 जून 2026 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। मध्य प्रदेश से उनका राज्यसभा कार्यकाल 24 जून 2026 को समाप्त हो जाने के कारण संवैधानिक अनिवार्यता के चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

इस्तीफे की वजह

संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का संसद का सदस्य होना अनिवार्य है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से पहले ही संकेत दे दिए गए थे कि कुरियन को राज्यसभा के लिए दोबारा नहीं भेजा जाएगा। 21 जून 2026 को उनका कार्यकाल समाप्त होते ही मंत्री पद से हटना अपरिहार्य हो गया। पार्टी की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जॉर्ज कुरियन: राजनीतिक परिचय

65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन केरल के कोट्टायम जिले के निवासी हैं और 1980 में BJP की स्थापना के समय से ही पार्टी के सदस्य रहे हैं। उन्होंने केरल BJP के उपाध्यक्ष, प्रवक्ता, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के बोर्ड सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।

मंत्री के रूप में कार्यकाल

कुरियन ने 9 जून 2024 को मोदी सरकार 3.0 में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी। 11 जून 2024 को उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। उनकी नियुक्ति को केरल में पार्टी की ईसाई समुदाय तक पहुँच बनाने की रणनीति का हिस्सा माना गया था।

केरल चुनाव और राजनीतिक भविष्य

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कुरियन कंजिराप्पल्ली सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ईसाई समुदाय के प्रमुख चेहरे के रूप में उनकी पहचान को देखते हुए, उनका मंत्रिपरिषद से बाहर होना केरल में पार्टी की अल्पसंख्यक आउटरीच रणनीति पर असर डाल सकता है। गौरतलब है कि BJP के लिए केरल में ईसाई मतदाताओं तक पहुँच बनाना एक दीर्घकालिक प्राथमिकता रही है।

आगे की स्थिति

फिलहाल उनके मंत्रालयों के प्रभार के पुनर्वितरण को लेकर सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कुरियन का पार्टी में भविष्य की भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि BJP केरल में अपनी रणनीति को किस दिशा में ले जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका राजनीतिक संदेश कहीं गहरा है — BJP ने उन्हें राज्यसभा में दूसरा कार्यकाल देने से मना कर दिया, और इसके पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की गई। केरल में ईसाई समुदाय तक पहुँचने के लिए कुरियन पार्टी का सबसे विश्वसनीय चेहरा थे — उनके बिना यह रणनीति किसके भरोसे चलेगी, यह स्पष्ट नहीं है। 2026 के विधानसभा चुनाव में हार और अब मंत्री पद से बाहर होना — यह संयोग कम, संकेत ज़्यादा लगता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज प्रशासनिक बदलाव बता रही है, लेकिन केरल में BJP की अल्पसंख्यक राजनीति के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉर्ज कुरियन ने मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
संवैधानिक प्रावधान के अनुसार केंद्रीय मंत्री का संसद सदस्य होना अनिवार्य है। मध्य प्रदेश से उनका राज्यसभा कार्यकाल 24 जून 2026 को समाप्त हो गया और BJP ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा, जिससे उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा किसने और कब स्वीकार किया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 जून 2026 को प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
जॉर्ज कुरियन किन मंत्रालयों के प्रभारी थे?
9 जून 2024 को शपथ लेने के बाद 11 जून 2024 को उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था।
केरल BJP में जॉर्ज कुरियन की क्या भूमिका रही है?
कुरियन 1980 से BJP के सदस्य हैं। वे केरल BJP के उपाध्यक्ष, प्रवक्ता, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के बोर्ड सदस्य रह चुके हैं। केरल में ईसाई समुदाय के बीच पार्टी का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।
क्या जॉर्ज कुरियन का राजनीतिक भविष्य प्रभावित होगा?
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कंजिराप्पल्ली सीट से हार और अब राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद उनका तत्काल राजनीतिक भविष्य अनिश्चित है। BJP ने अभी तक उनकी आगामी भूमिका पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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