10 अगस्त 2026
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जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद केरल में भाजपा का अगला दांव: सी. सदानंदन मास्टर पर निगाहें

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जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद केरल में भाजपा का अगला दांव: सी. सदानंदन मास्टर पर निगाहें

सारांश

जॉर्ज कुरियन के मंत्री पद से हटने के बाद केरल में BJP का कैबिनेट प्रतिनिधित्व एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राजगोपाल, अल्फोंस और मुरलीधरन के बाद कुरियन चौथे ऐसे नेता हैं। अब सी. सदानंदन मास्टर पर निगाहें हैं।

मुख्य बातें

जॉर्ज कुरियन ने 23 जून 2026 को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार किया।
BJP ने कुरियन को राज्यसभा में दोबारा न भेजने का फैसला किया; सूत्रों के अनुसार वे केरल में संगठनात्मक भूमिका में लौट सकते हैं।
कुरियन केरल से BJP के ऐसे चौथे नेता हैं जो केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहे लेकिन दूसरा कार्यकाल नहीं पा सके — इससे पहले ओ.
मुरलीधरन भी यही अनुभव कर चुके हैं।
फिलहाल केरल से केंद्र में BJP के एकमात्र मंत्री सुरेश गोपी ( त्रिशूर सांसद) हैं।
राजनीतिक हलकों में सी.
सदानंदन मास्टर के मंत्रिमंडल में शामिल होने की अटकलें तेज हैं।

केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार, 23 जून 2026 को अपना मंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उन्हें राज्यसभा में दोबारा न भेजने के निर्णय के बाद केरल के केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर नई राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार केरल को एक और कैबिनेट प्रतिनिधि देगी।

मुख्य घटनाक्रम

कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही उनका मंत्री पद भी स्वतः समाप्त हो गया। सूत्रों के अनुसार, वे अब केरल में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में लौट सकते हैं और उन्होंने स्वयं भी राज्य में पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई है। हालाँकि, BJP ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कोई जिम्मेदारी दी जाएगी या राज्य संगठन में कोई भूमिका सौंपी जाएगी।

कुरियन का राजनीतिक सफर

पेशे से वकील और सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर चुके जॉर्ज कुरियन 1980 में BJP के गठन के समय से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं। वे पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, कोर कमेटी सदस्य और प्रवक्ता जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। जब ओ. राजगोपाल केंद्रीय मंत्री थे, तब कुरियन उनके विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में भी कार्यरत थे।

जून 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया था — उस समय वे संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में अगस्त 2024 में उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया, जो सीट केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा सदस्य बनने के बाद रिक्त हुई थी।

हालाँकि, केरल की चुनावी राजनीति में कुरियन का सफर कभी सफल नहीं रहा। उन्होंने कई विधानसभा चुनाव लड़े, जिनमें हालिया चुनाव में कंजीरापल्ली सीट से भी किस्मत आजमाई, लेकिन जीत नहीं मिली।

केरल से BJP का चौथा अनुभव

गौरतलब है कि कुरियन ऐसे चौथे नेता बन गए हैं जो केरल से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए लेकिन दूसरा कार्यकाल हासिल नहीं कर सके। इससे पहले ओ. राजगोपाल, के.जे. अल्फोंस और वी. मुरलीधरन भी राज्यसभा के रास्ते संसद पहुँचे और केंद्रीय मंत्री बने, लेकिन दूसरे कार्यकाल से वंचित रहे। यह ऐसे समय में आया है जब BJP केरल में अपनी जड़ें मजबूत करने की लगातार कोशिश कर रही है।

केरल का मौजूदा प्रतिनिधित्व

फिलहाल केंद्र सरकार में केरल से BJP के एकमात्र मंत्री अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी हैं, जिन्होंने त्रिशूर लोकसभा सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

आगे क्या होगा

राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा तेज है कि क्या BJP के राज्यसभा उम्मीदवार सी. सदानंदन मास्टर को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। यदि ऐसा नहीं होता, तो मोदी कैबिनेट में केरल का प्रतिनिधित्व केवल एक मंत्री तक सीमित रह जाएगा — जो राज्य में पार्टी की विस्तार रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राज्य में जमीनी पकड़ नहीं बनाती। सुरेश गोपी की त्रिशूर जीत एकमात्र ठोस चुनावी उपलब्धि है, और पार्टी की असली परीक्षा यह है कि क्या वह इस एकल जीत को व्यापक संगठनात्मक विस्तार में बदल पाती है — या केरल में 'मंत्री बनाओ, हटाओ' का चक्र यूँ ही चलता रहेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद BJP ने उन्हें दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा, जिससे उनका मंत्री पद स्वतः समाप्त हो गया। उन्होंने 23 जून 2026 को औपचारिक इस्तीफा सौंपा, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया।
केरल में BJP का केंद्रीय मंत्रिमंडल में अब कौन प्रतिनिधित्व करेगा?
फिलहाल केरल से BJP के एकमात्र केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी हैं, जो त्रिशूर लोकसभा सीट से सांसद हैं। राजनीतिक हलकों में BJP के राज्यसभा उम्मीदवार सी. सदानंदन मास्टर के मंत्रिमंडल में शामिल होने की अटकलें हैं, लेकिन पार्टी ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
जॉर्ज कुरियन केरल में BJP के किस नंबर के ऐसे नेता हैं जो दूसरा कार्यकाल नहीं पा सके?
कुरियन केरल से BJP के ऐसे चौथे नेता हैं जो केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहे लेकिन दूसरा कार्यकाल नहीं पा सके। इससे पहले ओ. राजगोपाल, के.जे. अल्फोंस और वी. मुरलीधरन भी राज्यसभा के रास्ते मंत्री बने और फिर पद से हटे।
जॉर्ज कुरियन को केंद्रीय मंत्री कब और किस विभाग में बनाया गया था?
जून 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में कुरियन को मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया था। उस समय वे संसद के किसी सदन के सदस्य नहीं थे; बाद में अगस्त 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया।
सी. सदानंदन मास्टर कौन हैं और उनका BJP से क्या संबंध है?
सी. सदानंदन मास्टर BJP के राज्यसभा उम्मीदवार हैं जिन पर केरल में पार्टी की नजर है। कुरियन के मंत्री पद से हटने के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि क्या उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी, हालाँकि BJP ने अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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