10 अगस्त 2026
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जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा मंजूर, राष्ट्रपति मुर्मु ने अनुच्छेद 75 के तहत तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया

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जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा मंजूर, राष्ट्रपति मुर्मु ने अनुच्छेद 75 के तहत तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया

सारांश

राज्यसभा सदस्यता समाप्त होते ही केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को संवैधानिक बाध्यता के चलते पद छोड़ना पड़ा। राष्ट्रपति मुर्मु ने 23 जून 2026 को अनुच्छेद 75 के तहत इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया। केरल में BJP की ईसाई आउटरीच रणनीति के अहम चेहरे का यह जाना पार्टी के लिए बड़ा सवाल छोड़ गया है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 जून 2026 को जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, प्रधानमंत्री की सलाह पर स्वीकार किया गया।
कुरियन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल 24 जून 2026 को समाप्त हो गया; BJP ने उन्हें पुनः राज्यसभा नहीं भेजा।
कुरियन ने 9 जून 2024 को मोदी 3.0 में शपथ ली थी और अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था।
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कंजिराप्पल्ली सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव हारे।
BJP ने इस्तीफे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 जून 2026 को प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद संवैधानिक बाध्यता के चलते कुरियन को यह कदम उठाना पड़ा।

इस्तीफे की वजह

जॉर्ज कुरियन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल 24 जून 2026 को समाप्त हो गया था। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, संसद सदस्य न रहने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति केंद्रीय मंत्री पद पर नहीं बना रह सकता। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से पहले ही संकेत दिए जा चुके थे कि कुरियन को पुनः राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। इस्तीफे को लेकर पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

जॉर्ज कुरियन: राजनीतिक पृष्ठभूमि

65 वर्षीय कुरियन केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं और BJP के वरिष्ठ नेता हैं। वे 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही इसके सदस्य हैं। उन्होंने केरल BJP के उपाध्यक्ष, प्रवक्ता, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के बोर्ड सदस्य के रूप में अहम भूमिकाएँ निभाई हैं। केरल में ईसाई समुदाय के प्रमुख चेहरे के रूप में उनकी पहचान रही है।

मंत्री के रूप में कार्यकाल

कुरियन ने 9 जून 2024 को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल (मोदी 3.0) में केंद्रीय राज्य मंत्री पद की शपथ ली थी। 11 जून 2024 को उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। उनकी नियुक्ति को केरल में पार्टी की ईसाई समुदाय तक पहुँच की रणनीति का हिस्सा माना जाता था।

केरल चुनाव और पार्टी में स्थिति

गौरतलब है कि केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कुरियन कंजिराप्पल्ली सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे, परंतु उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में BJP अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। ईसाई समुदाय के एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता का इस तरह से मंत्रिपरिषद से बाहर होना पार्टी की केरल रणनीति के लिहाज से चर्चा का विषय बना हुआ है।

आगे क्या

BJP ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुरियन को किसी अन्य संवैधानिक या संगठनात्मक भूमिका में नियुक्त किया जाएगा या नहीं। मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार किसे सौंपा जाएगा, इस पर भी सरकार की ओर से अभी कोई घोषणा नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक रूप से यह BJP की केरल रणनीति पर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने उन्हें 2024 में ईसाई समुदाय तक पहुँचने के लिए मंत्री बनाया था, फिर भी 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार मिली और अब राज्यसभा का दरवाजा भी बंद हो गया। यह पैटर्न दर्शाता है कि केरल में BJP की अल्पसंख्यक आउटरीच अभी भी चुनावी परिणामों में नहीं बदल पा रही। पार्टी की अगली चुनौती यह है कि वह ईसाई समुदाय में अपनी साख बनाए रखने के लिए कुरियन जैसे अनुभवी चेहरे की जगह कौन-सी नई रणनीति अपनाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
जॉर्ज कुरियन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल 24 जून 2026 को समाप्त हो गया। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार संसद सदस्य न रहने पर कोई भी व्यक्ति केंद्रीय मंत्री नहीं रह सकता, इसलिए उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
राष्ट्रपति ने किस संवैधानिक प्रावधान के तहत इस्तीफा स्वीकार किया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया। यह प्रावधान मंत्रियों की नियुक्ति और बर्खास्तगी दोनों को नियंत्रित करता है।
जॉर्ज कुरियन कौन हैं और केरल BJP में उनकी क्या भूमिका रही है?
जॉर्ज कुरियन केरल के कोट्टायम जिले के 65 वर्षीय वरिष्ठ BJP नेता हैं, जो 1980 में पार्टी की स्थापना से ही इसके सदस्य हैं। वे केरल BJP के उपाध्यक्ष, प्रवक्ता, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के बोर्ड सदस्य रह चुके हैं।
जॉर्ज कुरियन के पास कौन-से मंत्रालयों का कार्यभार था?
कुरियन को 11 जून 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। उन्होंने 9 जून 2024 को मोदी 3.0 में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी।
क्या BJP ने जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे पर कोई बयान दिया है?
नहीं, BJP की ओर से अब तक जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किसी अन्य संवैधानिक या संगठनात्मक भूमिका में नियुक्त किया जाएगा या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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