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जॉर्जिया ने ईरान पर EU के नए प्रतिबंधों से किया किनारा, राष्ट्रीय हितों को बताया प्राथमिकता

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जॉर्जिया ने ईरान पर EU के नए प्रतिबंधों से किया किनारा, राष्ट्रीय हितों को बताया प्राथमिकता

सारांश

जॉर्जिया ने EU के ईरान-विरोधी प्रतिबंधों से दूरी बनाते हुए साफ कहा — राष्ट्रीय हित सर्वोपरि। EU सदस्यता की आकांक्षा रखने वाले देश का यह कदम ब्रसेल्स के साथ उसके पहले से तनावपूर्ण संबंधों को नई परीक्षा में डालता है।

मुख्य बातें

जॉर्जिया ने 22 अगस्त को ईरान के खिलाफ EU के नए प्रतिबंधों में शामिल होने से इनकार किया।
जॉर्जियन ड्रीम पार्टी के सांसद तेंगिज शर्मनाशविली ने राष्ट्रीय हितों को एकमात्र निर्णायक कसौटी बताया।
EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने ईरान प्रतिबंध सूची में बदलाव की घोषणा की थी — कुछ नाम हटाए, कुछ जोड़े।
आइसलैंड , लिकटेंस्टीन , नॉर्वे और EU उम्मीदवार देशों — अल्बानिया , मोल्दोवा , यूक्रेन सहित — ने प्रतिबंधों का समर्थन किया।
शर्मनाशविली ने तुर्की और सर्बिया का हवाला दिया, जो EU उम्मीदवार होते हुए भी प्रतिबंधों से अलग रहे।

जॉर्जिया ने 22 अगस्त को यूरोपीय संघ (EU) द्वारा ईरान के विरुद्ध लगाए गए नवीनतम प्रतिबंधों में शामिल होने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। त्बिलिसी सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े उसके सभी निर्णय केवल और केवल राष्ट्रीय हितों की कसौटी पर परखे जाएंगे। यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब जॉर्जिया लंबे समय से यूरोपीय एकीकरण की दिशा में आगे बढ़ने की बात करता रहा है।

सरकार का आधिकारिक रुख

सत्तारूढ़ जॉर्जियन ड्रीम पार्टी के सांसद तेंगिज शर्मनाशविली ने स्पष्ट किया कि जॉर्जिया किसी भी ऐसी नीति का समर्थन नहीं करेगा जो देश की प्राथमिकताओं के विपरीत हो। उन्होंने कहा, 'जॉर्जिया किसी प्रस्ताव में शामिल होगा या अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा कोई कदम उठाएगा या नहीं, इसका केवल एक मानदंड है कि क्या उस समय वह जॉर्जिया के हित में है या नहीं।'

शर्मनाशविली ने आगे कहा कि यदि कोई अंतरराष्ट्रीय निर्णय जॉर्जिया के राष्ट्रीय हितों के विपरीत जाता है, तो उसका समर्थन करने का प्रश्न ही नहीं उठता — चाहे वह निर्णय किसी भी देश या पक्ष के हित में क्यों न हो।

EU की प्रतिबंध व्यवस्था में क्या बदला

गौरतलब है कि EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने हाल ही में ईरान के खिलाफ प्रतिबंध व्यवस्था में तीन प्रमुख बदलावों की जानकारी दी थी। इसके तहत कुछ व्यक्तियों को प्रतिबंध सूची से हटाया गया और नए नाम जोड़े गए, साथ ही एक संगठन से संबंधित जानकारी अपडेट की गई। शेष सभी प्रतिबंध पूर्ववत लागू रहेंगे।

किन देशों ने EU का साथ दिया

आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे ने EU के नए प्रतिबंधों का समर्थन किया। EU सदस्यता की आकांक्षा रखने वाले देशों — अल्बानिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, मोल्दोवा, मोंटेनेग्रो, उत्तरी मैसेडोनिया और यूक्रेन — ने भी इन प्रतिबंधों के साथ अपना तालमेल बिठाया।

तुर्की और सर्बिया का हवाला

शर्मनाशविली ने तुर्की और सर्बिया का उदाहरण देते हुए कहा कि EU उम्मीदवार देश होने के बावजूद इन दोनों ने भी EU के हालिया प्रतिबंधों को नहीं अपनाया। उनके अनुसार, जॉर्जिया का रुख इसी स्वतंत्र विदेश नीति की परंपरा के अनुरूप है।

EU-जॉर्जिया संबंधों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब त्बिलिसी और ब्रसेल्स के बीच संबंध पहले से ही जटिल दौर से गुज़र रहे हैं। जॉर्जिया EU सदस्यता की आकांक्षा रखता है, लेकिन बार-बार ऐसे निर्णय लेता है जो EU की विदेश नीति से मेल नहीं खाते। आलोचकों का कहना है कि यह विरोधाभासी रवैया त्बिलिसी की यूरोपीय एकीकरण की साख को कमज़ोर करता है। आने वाले हफ्तों में EU और जॉर्जिया के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक संवाद और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन देशों की EU यात्रा भी इसी 'स्वतंत्र विदेश नीति' के कारण अटकी हुई है। असली सवाल यह है कि क्या त्बिलिसी यूरोपीय एकीकरण को वास्तविक लक्ष्य मानता है या केवल एक राजनीतिक आवरण — और यह रुख उस अस्पष्टता को और गहरा करता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉर्जिया ने EU के ईरान प्रतिबंधों से किनारा क्यों किया?
जॉर्जिया सरकार ने कहा कि उसके अंतरराष्ट्रीय निर्णय केवल राष्ट्रीय हितों पर आधारित होंगे। जॉर्जियन ड्रीम पार्टी के सांसद तेंगिज शर्मनाशविली ने स्पष्ट किया कि जो भी कदम जॉर्जिया के हित में नहीं है, उसका समर्थन संभव नहीं।
EU ने ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों में क्या बदलाव किए?
EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने बताया कि प्रतिबंध सूची में कुछ व्यक्तियों के नाम हटाए और जोड़े गए, तथा एक संगठन की जानकारी अपडेट की गई। शेष सभी प्रतिबंध पूर्ववत लागू रहेंगे।
किन देशों ने EU के ईरान प्रतिबंधों का समर्थन किया?
आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे के साथ-साथ EU उम्मीदवार देशों — अल्बानिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, मोल्दोवा, मोंटेनेग्रो, उत्तरी मैसेडोनिया और यूक्रेन — ने भी इन प्रतिबंधों के साथ तालमेल बिठाया।
जॉर्जिया के इस फैसले का EU के साथ उसके संबंधों पर क्या असर होगा?
जॉर्जिया EU सदस्यता का इच्छुक है, लेकिन यह कदम ब्रसेल्स के साथ उसके पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बना सकता है। आलोचकों का कहना है कि EU नीतियों से बार-बार दूरी बनाना त्बिलिसी की यूरोपीय एकीकरण की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है।
तुर्की और सर्बिया का इस मामले में क्या संदर्भ है?
सांसद शर्मनाशविली ने तुर्की और सर्बिया का उदाहरण दिया, जो EU उम्मीदवार देश हैं लेकिन उन्होंने भी ये प्रतिबंध नहीं अपनाए। उनका तर्क था कि जॉर्जिया का रुख इसी स्वतंत्र विदेश नीति की परंपरा के अनुरूप है।
राष्ट्र प्रेस
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