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टीएमसी 'कपूर की तरह उड़ रही है': सीपीआई(एम) नेता हन्नान मोल्लाह का तृणमूल पर तीखा हमला

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टीएमसी 'कपूर की तरह उड़ रही है': सीपीआई(एम) नेता हन्नान मोल्लाह का तृणमूल पर तीखा हमला

सारांश

सीपीआई(एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने टीएमसी को 'कपूर की तरह उड़ने वाली' पार्टी बताकर 15 साल की कथित लूट का हिसाब माँगा। साथ ही परिसीमन बिल को लोकतांत्रिक नहीं बल्कि राजनीतिक जोड़-तोड़ करार दिया।

मुख्य बातें

हन्नान मोल्लाह ने 6 जून 2026 को टीएमसी को 'कपूर की तरह उड़ रही पार्टी' बताया।
उनके अनुसार टीएमसी में शामिल स्वार्थी तत्वों ने पिछले 15 वर्षों में राज्य का दोहन किया।
मोल्लाह ने केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक को राजनीतिक जोड़-तोड़ का हथियार बताया।
महिला आरक्षण कानून पारित होने के बावजूद लागू न होने पर भी सवाल उठाए।
परिसीमन से बेहतर-शासित क्षेत्रों की सीटें घटने और अशांत क्षेत्रों की सीटें बढ़ने का खतरा बताया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने 6 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह पार्टी अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। उन्होंने कहा, 'यह पार्टी कपूर की तरह उड़ रही है — जैसे कपूर हवा में घुल जाता है, वैसे ही यह भी हो रही है, और यह स्वाभाविक था।' मोल्लाह के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

टीएमसी के पतन की वजह

मोल्लाह ने तर्क दिया कि कोई भी राजनीतिक संगठन तभी दीर्घकालिक रूप से टिक सकता है, जब उसमें ईमानदार, शिक्षित और वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध लोग हों। उनके अनुसार, जब किसी दल में अपराधी तत्व, असामाजिक व्यक्ति और लूटपाट की मानसिकता वाले लोग प्रवेश कर लेते हैं, तो वह संगठन लंबे समय तक नहीं चल सकता।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी में शामिल कई लोग केवल निजी स्वार्थ के लिए आए और उन्होंने पिछले 15 वर्षों में राज्य में जमकर लाभ उठाया। अब जब उन्हें लगने लगा है कि आगे अवसर सीमित हो रहे हैं, तो वे नए ठिकाने तलाश रहे हैं — और इसकी सबसे बड़ी कीमत आम जनता चुका रही है।

परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार को घेरा

मोल्लाह ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकार के पास फिलहाल पूर्ण बहुमत नहीं है, इसलिए वह कुछ दलों के सांसदों को अपने पक्ष में करके बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं, बल्कि राजनीतिक जोड़-तोड़ पर आधारित है।

यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण कानून — जो संसद में पहले ही पारित हो चुका है — अभी तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। मोल्लाह ने आरोप लगाया कि परिसीमन के नाम पर असल में देश के वोटिंग पैटर्न और राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश हो रही है।

परिसीमन से संतुलन बिगड़ने का खतरा

मोल्लाह ने एक महत्वपूर्ण तर्क रखा — जहाँ बेहतर प्रशासन और शांतिपूर्ण जीवन है, वहाँ जनसंख्या वृद्धि कम होने के कारण सीटें घट सकती हैं। इसके विपरीत, जहाँ अपराध, सांप्रदायिक तनाव और सामाजिक अशांति अधिक है, वहाँ सीटें बढ़ सकती हैं। उनके अनुसार इससे कुछ क्षेत्रों का राजनीतिक वर्चस्व असंगत रूप से बढ़ सकता है, जो लोकतांत्रिक संतुलन के लिए खतरनाक होगा।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सीपीआई(एम) और टीएमसी के बीच दशकों पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC के सत्ता में आने के बाद वामपंथी दलों का प्रभाव राज्य में काफी कम हुआ है। ऐसे में मोल्लाह का यह बयान उस पुरानी राजनीतिक लड़ाई की नई कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल विपक्षी बयानबाज़ी तक सीमित करना उचित नहीं होगा — पश्चिम बंगाल में TMC से BJP और अन्य दलों में जाने वाले नेताओं की बढ़ती संख्या इस दावे को कुछ ज़मीनी आधार देती है। परिसीमन पर उनकी चिंता अधिक व्यापक है: जनसंख्या वृद्धि दर और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बीच का यह असंतुलन दक्षिणी राज्यों की भी पुरानी शिकायत है। हालाँकि, एक ऐसे नेता की ओर से जिसकी पार्टी खुद बंगाल में हाशिये पर है, यह बयान जितना विश्लेषण है, उतना ही राजनीतिक पुनर्स्थापन का प्रयास भी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हन्नान मोल्लाह ने टीएमसी के बारे में क्या कहा?
सीपीआई(एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस 'कपूर की तरह उड़ रही है' — यानी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। उनके अनुसार पार्टी में स्वार्थी और आपराधिक तत्वों के प्रवेश के कारण यह पतन स्वाभाविक है।
हन्नान मोल्लाह ने परिसीमन बिल पर क्या आपत्ति जताई?
मोल्लाह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ से आगे बढ़ा रही है। उनका कहना है कि सरकार के पास पूर्ण बहुमत न होने के कारण वह कुछ दलों के सांसदों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।
परिसीमन से किन क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है?
मोल्लाह के अनुसार जहाँ बेहतर प्रशासन के कारण जनसंख्या वृद्धि कम है, वहाँ सीटें घट सकती हैं। इसके विपरीत अपराध और सांप्रदायिक तनाव वाले क्षेत्रों में सीटें बढ़ सकती हैं, जिससे राजनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है।
महिला आरक्षण कानून पर मोल्लाह का क्या कहना है?
मोल्लाह ने कहा कि महिला आरक्षण का कानून संसद में पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन उसे अभी तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। उनके अनुसार इस स्थिति में परिसीमन के नाम पर नए राजनीतिक समीकरण बनाना उचित नहीं है।
सीपीआई(एम) और टीएमसी के बीच क्या विवाद है?
पश्चिम बंगाल में सीपीआई(एम) और टीएमसी के बीच दशकों पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है। 2011 में ममता बनर्जी के सत्ता में आने के बाद वामपंथी दलों का प्रभाव काफी घटा है, और तब से दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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