18 सितंबर 2026
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हरीश रावत का भावुक वीडियो: 'मां की सौगंध, नौकरी के बदले कभी एक पैसा नहीं लिया'

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हरीश रावत का भावुक वीडियो: 'मां की सौगंध, नौकरी के बदले कभी एक पैसा नहीं लिया'

सारांश

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने माँ की तस्वीर थामे फेसबुक वीडियो में नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोपों को सौगंध खाकर नकारा। सहयोगी चंदन की संपत्ति सीज़ होने पर भी चिंता जताई। 2017 और 2022 के झूठे आरोपों का हवाला देकर कहा — कलंक का जवाब सच और संघर्ष से देंगे।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 18 सितंबर 2026 को फेसबुक पर भावुक वीडियो पोस्ट कर नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोप नकारे।
वीडियो में उन्होंने माँ की सौगंध खाकर कहा — 'चाय-पानी तक नहीं पिया, एक पैसा क्या लेता।' सहयोगी चंदन की जीवन भर की कमाई सीज़ किए जाने पर गहरी चिंता जताई।
रावत ने 2017 और 2022 में भी इसी तरह के झूठे आरोपों का उल्लेख किया, जिनका कोई साक्ष्य नहीं था।
उन्होंने माँ दुर्गा से प्रार्थना का जिक्र करते हुए कहा — कलंक धुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 18 सितंबर 2026 को फेसबुक पर एक भावुक वीडियो पोस्ट कर नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। वीडियो में वे अपनी माँ की तस्वीर हाथ में थामे, माँ की सौगंध खाते हुए खुद को निर्दोष बता रहे हैं। देहरादून से साझा किए गए इस संदेश ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

क्या हैं आरोप और रावत का जवाब

रावत पर कथित तौर पर नौकरी दिलाने, राजनीतिक पद दिलाने और अन्य सिफारिशों के बदले धन लेने के आरोप लगाए गए हैं। वीडियो में उन्होंने कहा, 'मां, मैं आपकी सौगंध खाता हूं, आपके दूध की सौगंध खाता हूं। मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए, मैंने उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक पद और अन्य कामों के लिए की गई हज़ारों सिफारिशों में से किसी के लिए भी उन्होंने कोई सौदा नहीं किया। उनके शब्दों में — 'जिसको दिया होगा, मैंने दिया होगा, मां।'

तीन माताओं का जिक्र और भावुक अपील

वीडियो में रावत ने भावुक होते हुए तीन माताओं का उल्लेख किया — जगत जननी, देवी भवानी (माँ दुर्गा) और उत्तराखंड की धरती माँ। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में उनके विरुद्ध षड्यंत्र रचकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

रावत ने माँ जगदंबा से प्रार्थना का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक वे इस 'कलंक' को नहीं धो देते, तब तक वे संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, 'शरीर आज्ञा दे न दे, स्वास्थ्य आज्ञा दे न दे, मगर मुझे अपनी सफाई के लिए लोगों के बीच जाना ही पड़ता है।'

सहयोगी चंदन की संपत्ति सीज़ होने पर चिंता

रावत ने वीडियो में अपने सहयोगी चंदन की जीवन भर की कमाई सीज़ किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'जिसने छाया की तरह मेरे साथ इतने साल सेवा की, आज उसकी ज़िंदगी भर की कमाई को सीज़ कर दिया गया है। उसके बच्चों की आजीविका कहाँ से चलेगी।'

उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास इतने संसाधन भी नहीं हैं कि वे अपने घर का खर्च उठा सकें, जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है।

पुराने आरोपों का संदर्भ

रावत के अनुसार, 2017 और 2022 में भी उनके खिलाफ इसी तरह के झूठे आरोप गढ़े गए थे, जिनका कोई साक्ष्य नहीं था। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ अखबारों के जरिए मुहिम चलाकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने सार्वजनिक मंच से भावनात्मक अपील करते हुए अपनी सफाई दी हो। आलोचकों का कहना है कि ऐसी अपीलें तब आती हैं जब जाँच का दबाव बढ़ता है।

आगे क्या होगा

रावत ने संकेत दिया है कि वे जनता के बीच जाकर अपनी बात रखते रहेंगे। यह देखना होगा कि उत्तराखंड की राजनीति में इस वीडियो का क्या असर पड़ता है और क्या इस मामले में कोई औपचारिक जाँच आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि आरोपों की औपचारिक जाँच कहाँ तक पहुँची है और सहयोगी चंदन की संपत्ति सीज़ होने के पीछे कौन-सी एजेंसी सक्रिय है। उत्तराखंड में 2017 और 2022 के बाद तीसरी बार इस तरह के आरोपों का उभरना यह भी बताता है कि राज्य की राजनीति में व्यक्तिगत छवि हमला एक स्थापित हथियार बन चुका है। जब तक कानूनी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सामने नहीं आती, तब तक दोनों पक्षों के दावे अधूरे हैं।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश रावत पर क्या आरोप लगे हैं?
हरीश रावत पर कथित तौर पर नौकरी दिलाने, राजनीतिक पद दिलाने और अन्य सिफारिशों के बदले पैसे लेने के आरोप हैं। ये आरोप सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ अखबारों के माध्यम से सामने आए हैं; किसी औपचारिक एजेंसी की जाँच का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं है।
हरीश रावत ने वीडियो में क्या कहा?
रावत ने माँ की तस्वीर हाथ में थामे माँ की सौगंध खाते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी या पद देने के बदले एक पैसा तो छोड़िए, चाय-पानी तक नहीं पिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस 'कलंक' को धोने के लिए अंतिम साँस तक संघर्ष करेंगे।
सहयोगी चंदन की संपत्ति सीज़ होने का क्या मामला है?
रावत ने वीडियो में बताया कि उनके दीर्घकालिक सहयोगी चंदन की जीवन भर की कमाई को सीज़ कर दिया गया है। उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि चंदन के बच्चों की आजीविका खतरे में पड़ गई है; इस सीज़र की औपचारिक वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है।
क्या रावत पर पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं?
रावत के अनुसार 2017 और 2022 में भी उनके खिलाफ इसी तरह के झूठे आरोप गढ़े गए थे, जिनका कोई साक्ष्य नहीं था। उन्होंने इसे एक संगठित षड्यंत्र बताया है जो उम्र के इस पड़ाव में उन्हें बदनाम करने के लिए रचा जा रहा है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
रावत ने संकेत दिया है कि वे जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखते रहेंगे। यह देखना होगा कि उत्तराखंड में कोई औपचारिक जाँच आगे बढ़ती है या नहीं; फिलहाल उनका फेसबुक वीडियो राजनीतिक और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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