25 सितंबर 2026
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हरियाणा बैंक घोटाला: CBI ने छह IAS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, रिश्वत-मुजरा पार्टियों के आरोप

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हरियाणा बैंक घोटाला: CBI ने छह IAS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, रिश्वत-मुजरा पार्टियों के आरोप

सारांश

हरियाणा बैंक घोटाले में CBI की चार्जशीट एक साथ छह IAS अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करती है — मुजरा पार्टियां, सोने के सिक्के, करोड़ों की नकद डिलीवरी और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए साजिश। यह महज एक वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि उच्च प्रशासन में संगठित भ्रष्टाचार का दस्तावेज है।

मुख्य बातें

CBI ने हरियाणा बैंक घोटाले में 25 सितंबर 2026 को छह IAS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, तीन पहले से न्यायिक हिरासत में हैं।
नामजद अधिकारी हैं: साकेत कुमार, आरके सिंह, पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन ।
चार्जशीट में IDFC फर्स्ट बैंक के तत्कालीन अधिकारी रिभव ऋषि पर मुजरा पार्टियों, होटल बुकिंग और महिलाओं की व्यवस्था कराने का आरोप है।
आरके सिंह के घर ₹50 लाख पहुंचाए गए; उनके बेटे को दिल्ली में तीन किश्तों में ₹2 करोड़ दिए गए।
विनीत गर्ग के घर दीपावली से पहले 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के भेजने की जांच हुई।
नवंबर 2024 में ₹108.46 करोड़ की एफडी समय से पहले तुड़वाकर ₹50 करोड़ IDFC बैंक में जमा कराए गए।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 25 सितंबर 2026 को हरियाणा बैंक घोटाले में छह IAS अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में सरकारी धन के अवैध हस्तांतरण, रिश्वत, फर्जी दस्तावेजों और अनुचित लाभ लेने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। चार्जशीट में नामजद छह अधिकारियों में से तीन पहले से न्यायिक हिरासत में हैं। पंचकूला से शुरू हुई यह जांच अब हरियाणा के उच्च प्रशासनिक ढांचे को सीधे कटघरे में खड़ा करती है।

चार्जशीट में नामजद अधिकारी

CBI की चार्जशीट में जिन छह IAS अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, वे हैं — साकेत कुमार, आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन। इन पर बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचने, सरकारी धन को निजी बैंकों में स्थानांतरित कराने, नियमों की अनदेखी करने, वित्त विभाग की सीमाएं दरकिनार करने, फर्जी या परिवर्तित दस्तावेज इस्तेमाल करने और रिश्वत लेने के आरोप हैं।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश भर में IAS अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो रही है।

पंकज अग्रवाल: मुजरा पार्टियों और होटल बिलों के आरोप

तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव और बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल पर सबसे विस्तृत आरोप हैं। चार्जशीट के अनुसार, IDFC बैंक के तत्कालीन अधिकारी रिभव ऋषि ने अग्रवाल के लिए मुजरा पार्टियों, होटल में ठहरने और महिलाओं की व्यवस्था तक कराई।

जांच एजेंसी के अनुसार, जीरकपुर के होटल जेड मैनर में नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार बार मुजरा पार्टियां आयोजित हुईं, जिनमें डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च रिभव ऋषि ने वहन किया। 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक स्थित होटल नोबोटेल में एक महिला को बुलाया गया, जिसका भुगतान रिभव के करीबी अभय कुमार ने UPI के जरिए किया।

10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल बाइंडम में एक सुइट बुककर एक अन्य महिला को बुलाया गया, जिसे ₹75,000 रिभव ऋषि के धन से अदा किए गए। चार्जशीट में पंकज अग्रवाल की होटल से उबर कैब से घर वापसी का भी रिकॉर्ड दर्ज है। अक्टूबर 2025 में दिल्ली में होटल रिभव ऋषि के क्रेडिट कार्ड से बुक हुआ और इसी महीने अग्रवाल की पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल नोबोटेल में एक पार्टी हुई, जिसका ₹9,399 का पूरा बिल रिभव ऋषि ने चुकाया।

साकेत कुमार, आरके सिंह और अन्य अधिकारियों पर आरोप

साकेत कुमार, जो 16 जून 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव रहे और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के MD का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला, पर आरोप है कि उन्होंने बैंक खाता खोलने के प्रस्ताव पर महज 'सीन' लिखकर अनाधिकृत स्वीकृति दी। चार्जशीट के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को HPGCL पेंशन फंड ट्रस्ट से ₹25 करोड़ निकालकर IDFC बैंक में डालने की साजिश का भी उल्लेख है। साकेत कुमार के IDFC बैंक अधिकारियों के 'सुकून' नामक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने का भी दावा किया गया है।

पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह के घर 11 जनवरी 2026 को ₹50 लाख पहुंचाए जाने का आरोप है। चार्जशीट के मुताबिक, 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों में ₹2 करोड़ दिए गए, जिसमें पहचान के लिए ₹10 के नोट का नंबर मिलाया गया। जब सेक्शन अफसर अनिल कुमार ने कोटेशन मंगाने का सुझाव दिया, तो सिंह ने उन्हें फटकारा और बाद में उनका तबादला कर दिया।

विनीत गर्ग, मोहम्मद शाइन और प्रदीप कुमार के खिलाफ खुलासे

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग के कार्यकाल में IDFC फर्स्ट बैंक को निवेश में प्राथमिकता मिली। 24 अक्टूबर 2025 को सदस्य सचिव ने ₹25-25 करोड़ AU स्मॉल फाइनेंस और IDFC में लगाने की सिफारिश की थी, लेकिन इसे बदलकर पूरी ₹50 करोड़ की राशि IDFC में लगाने का निर्णय लिया गया। CBI के अनुसार दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के भेजे जाने की जांच की गई। चार्जशीट में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान भी साक्ष्य के रूप में शामिल हैं।

HPGCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मोहम्मद शाइन पर आरोप है कि उन्होंने रिभव ऋषि को अधिकारियों से मिलवाने से लेकर ₹50 करोड़ IDFC में जमा कराने और बाद में बैंक की जमा सीमा हटाने तक भूमिका निभाई। चार्जशीट में रिभव ऋषि द्वारा होटल-रेस्तरां के करीब ₹3.67 लाख के बिल चुकाने और शाइन के घर कई बार जाने का उल्लेख है। नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक की ₹108.46 करोड़ की एफडी समय से पहले तुड़वाकर ₹50 करोड़ IDFC में जमा कराए गए।

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर IDFC फर्स्ट बैंक की जमा सीमा ₹50 करोड़ जानते हुए भी उसमें ₹63.68 करोड़ जमा कराने का आरोप है। इसके अतिरिक्त AU स्मॉल फाइनेंस बैंक की 8.45 प्रतिशत ब्याज दर को जानबूझकर 8.25 प्रतिशत दर्शाकर IDFC की दर अधिक दिखाने का भी आरोप है।

आगे क्या होगा

तीन IAS अधिकारी पहले से न्यायिक हिरासत में हैं और शेष के मामले में सुनवाई अदालत में आगे बढ़ेगी। यह मामला हरियाणा प्रशासनिक सेवा के इतिहास में एक साथ इतने वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाए जाने के दृष्टिकोण से असाधारण माना जा रहा है। CBI की इस चार्जशीट में दर्ज विस्तृत डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य — UPI रिकॉर्ड, कॉल डेटा, व्हाट्सएप ग्रुप और होटल बुकिंग — न्यायिक प्रक्रिया को और गहरा बनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने वरिष्ठ स्तर पर इतने लंबे समय तक यह सब कैसे चलता रहा। UPI ट्रांजेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और होटल बुकिंग जैसे डिजिटल साक्ष्यों की मौजूदगी यह भी रेखांकित करती है कि जवाबदेही के तकनीकी साधन उपलब्ध हैं — बशर्ते जांच एजेंसियों को समय पर सक्रिय होने दिया जाए।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा बैंक घोटाले में CBI ने किन-किन IAS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की?
CBI ने साकेत कुमार, आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन — इन छह IAS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें से तीन गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में हैं।
हरियाणा बैंक घोटाला क्या है?
यह घोटाला IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में सरकारी धन के अवैध हस्तांतरण से जुड़ा है, जिसमें IAS अधिकारियों पर बैंक अधिकारियों के साथ साजिश रचकर नियमों की अनदेखी करने, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने और रिश्वत लेने के आरोप हैं। CBI ने 25 सितंबर 2026 को इस मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की।
पंकज अग्रवाल IAS पर क्या आरोप हैं?
तत्कालीन कृषि विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल पर आरोप है कि IDFC बैंक अधिकारी रिभव ऋषि ने उनके लिए नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार मुजरा पार्टियां आयोजित कीं, होटल बुकिंग कराई और महिलाओं की व्यवस्था भी की। अक्टूबर 2025 में उनकी पत्नी के लिए होटल पार्टी का ₹9,399 का बिल भी रिभव ऋषि ने चुकाया।
चार्जशीट में किस तरह के साक्ष्य शामिल हैं?
चार्जशीट में UPI भुगतान रिकॉर्ड, कॉल डेटा, होटल बुकिंग विवरण, व्हाट्सएप ग्रुप ('सुकून') की जानकारी और गवाहों के बयान शामिल हैं। इनके अलावा नकद डिलीवरी के लिए ₹10 के नोट का नंबर मिलाए जाने जैसे विवरण भी दर्ज हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत में सुनवाई के अगले चरण में जाएगा। तीन IAS अधिकारी पहले से न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि शेष पर कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। यह हरियाणा प्रशासनिक सेवा के इतिहास में एक साथ इतने वरिष्ठ अधिकारियों पर चार्जशीट दाखिल होने का असाधारण मामला माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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