सीबीआई ने दाखिल की दो चार्जशीट: हरियाणा सरकार फंड में ₹504 करोड़ और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी में ₹153 करोड़ के घोटाले का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 11 जून 2026 को हरियाणा सरकार के फंड और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) से जुड़े आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में गबन के मामलों में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इन दोनों मामलों में कुल नुकसान ₹657 करोड़ से अधिक आंका गया है — हरियाणा में ₹504 करोड़ और चंडीगढ़ में ₹153 करोड़।
हरियाणा सरकार फंड घोटाला: दूसरी चार्जशीट
हरियाणा सरकार के फंड के दुरुपयोग से जुड़ी यह दूसरी चार्जशीट CBI पंचकूला के स्पेशल जज की अदालत में दाखिल की गई है। इस बार दो प्राइवेट व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर अपराध से प्राप्त धनराशि का सीधा लाभ उठाया। इससे पहले CBI इस मामले में 15 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें 3 सरकारी कर्मचारी, 6 बैंकर, 2 कंपनियाँ और 4 प्राइवेट व्यक्ति शामिल थे।
यह मामला मूलतः हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास था, जिसे बाद में CBI ने अपने हाथ में लिया। इसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़े लेनदेन शामिल हैं।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी घोटाला: पहली चार्जशीट
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) से जुड़ी यह पहली चार्जशीट CBI के स्पेशल जज, चंडीगढ़ की अदालत में दाखिल की गई है। इसमें सात आरोपी हैं — पाँच बैंक अधिकारी, CSCL का एक अधिकारी और एक प्राइवेट व्यक्ति। यह मामला पहले चंडीगढ़ के इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन के अंतर्गत था और इसमें CSCL व CREST चंडीगढ़ दोनों से संबंधित दो मामले शामिल हैं।
आरोपों की प्रकृति
दोनों चार्जशीट में दर्ज अपराधों में आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और धोखाधड़ी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक धन की सुरक्षा और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में पारदर्शिता को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।
जाँच का दायरा और आगे की राह
गौरतलब है कि CBI ने इन मामलों को संबंधित राज्य एजेंसियों से अपने हाथ में लेकर जाँच की गति और दायरा दोनों बढ़ाए हैं। अब तक दोनों मामलों को मिलाकर कुल 24 आरोपी (व्यक्ति और कंपनियाँ) चार्जशीट का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, विशेष अदालतों में इन मामलों की सुनवाई तेज़ होने की संभावना है। आने वाले हफ्तों में अदालत द्वारा संज्ञान लेने की प्रक्रिया निर्णायक होगी।