24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हरियाणा मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर फर्जी सिम से ठगी, दो साइबर अपराधी अलवर से गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हरियाणा मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर फर्जी सिम से ठगी, दो साइबर अपराधी अलवर से गिरफ्तार

सारांश

हरियाणा के मंत्री रणबीर गंगवा का रूप धारण कर सरकारी अधिकारियों और BJP नेताओं को फोन करने वाले दो साइबर ठगों को हिसार पुलिस ने राजस्थान के अलवर से दबोचा। फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड हासिल कर चलाया जा रहा यह खेल BJP जिला अध्यक्षों की सतर्कता से उजागर हुआ।

मुख्य बातें

हिसार पुलिस ने 24 जुलाई को दो साइबर ठगों को राजस्थान के अलवर जिले के नाडका गाँव से गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने हरियाणा सरकार के मंत्री रणबीर गंगवा के फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड हासिल कर उनका रूप धारण किया।
अंबाला के जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता और पानीपत व करनाल के BJP जिला अध्यक्षों को निशाना बनाया गया।
कॉलर आइडेंटिफिकेशन में मंत्री का नाम और वॉयसमेल में उनकी फोटो लगाकर विश्वसनीयता बनाने की कोशिश की गई।
मंत्री के निजी सहायक अरुण कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज; पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के अनुसार और गिरफ्तारियाँ संभव।

हरियाणा सरकार के मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सिम कार्ड हासिल करने और सरकारी अधिकारियों व भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं को गुमराह करने के आरोप में हिसार पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। 24 जुलाई को की गई इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों को राजस्थान के अलवर जिले के नाडका गाँव से पकड़ा गया। मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।

कैसे हुई ठगी की कोशिश

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मंत्री रणबीर गंगवा के फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी करवाया। इसके बाद उसी नंबर से जन स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी और BJP के कई नेताओं को फोन कर स्वयं को मंत्री बताया और प्रभाव जमाने की कोशिश की।

जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने अंबाला में जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता को फोन कर कहा, 'मैं अपना आदमी भेज रहा हूँ, उसका काम कर देना।' इसके अतिरिक्त पानीपत और करनाल के BJP जिला अध्यक्षों को भी इसी तरह फोन किए गए।

कैसे खुला फर्जीवाड़ा

पानीपत और करनाल के दोनों BJP जिला अध्यक्ष मंत्री गंगवा को व्यक्तिगत रूप से जानते थे। फोन करने वाले की आवाज और बातचीत के तरीके पर उन्हें संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने मंत्री के निजी नंबर पर संपर्क कर मामले की पुष्टि की। तभी यह स्पष्ट हो गया कि कोई व्यक्ति मंत्री का रूप धारण कर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहा है।

पुलिस जाँच में यह भी उजागर हुआ कि फोन आने पर कॉलर आइडेंटिफिकेशन में रणबीर गंगवा का नाम प्रदर्शित होता था। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अपने वॉयसमेल की प्रोफाइल तस्वीर में मंत्री के साथ किसी कार्यक्रम की फोटो भी लगा रखी थी, ताकि लोग आसानी से झाँसे में आ सकें।

शिकायत और गिरफ्तारी

मंत्री के निजी सहायक अरुण कुमार की शिकायत पर हिसार साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसके बाद साइबर थाना और अपराध जाँच टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया और राजस्थान के अलवर जिले से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

आगे की जाँच

हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी सिम कार्ड किसकी मदद से जारी कराया गया और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर साइबर ठगी का मामला क्या है?
आरोपियों ने मंत्री रणबीर गंगवा के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके नाम पर सिम कार्ड हासिल किया और उसी नंबर से सरकारी अधिकारियों व BJP नेताओं को फोन कर खुद को मंत्री बताया। हिसार पुलिस ने 24 जुलाई को दोनों आरोपियों को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया।
आरोपियों को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
दोनों साइबर ठगों को राजस्थान के अलवर जिले के नाडका गाँव से गिरफ्तार किया गया। हिसार साइबर थाना और अपराध जाँच टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उनकी लोकेशन का पता लगाया।
फर्जीवाड़ा कैसे पकड़ में आया?
पानीपत और करनाल के BJP जिला अध्यक्ष मंत्री गंगवा को व्यक्तिगत रूप से जानते थे, इसलिए फोन करने वाले की आवाज पर उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने मंत्री के निजी नंबर पर संपर्क कर पुष्टि की, जिससे ठगी का भंडाफोड़ हुआ।
आरोपियों ने किन लोगों को निशाना बनाया?
आरोपियों ने अंबाला में जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता को 'अपना आदमी भेज रहा हूँ, काम कर देना' कहकर फोन किया। इसके अलावा पानीपत और करनाल के BJP जिला अध्यक्षों को भी फोन किए गए।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के अनुसार पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी सिम कार्ड किसकी मदद से जारी हुआ और गिरोह में और कौन शामिल हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले