मनोज सिन्हा का निर्देश: J&K में आतंकी मॉड्यूल और नारको-आतंकवादियों पर कार्रवाई बिना रुके जारी रहे
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 30 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर के लोक भवन में आयोजित उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आतंकी मॉड्यूल, नारको-आतंकवादियों और उनके सहायक नेटवर्क के विरुद्ध अभियान में कोई शिथिलता नहीं आनी चाहिए। इस बैठक में उपायुक्तों, एसएसपी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया तथा समग्र सुरक्षा स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।
मुख्य निर्देश और परिचालन प्राथमिकताएँ
उपराज्यपाल सिन्हा ने घुसपैठ रोकने के लिए कड़े उपाय अपनाने पर बल दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और जिला प्रशासन के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि घुसपैठ-विरोधी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा आतंकवाद-विरोधी अभियानों में चारों एजेंसियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्तों और एसएसपी को निर्देशित किया गया कि वे प्रशासन के भीतर राष्ट्रविरोधी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखें तथा कट्टरपंथ से निपटने के प्रयासों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसके अतिरिक्त, गलत सूचनाओं के त्वरित खंडन के लिए जिला स्तरीय सोशल मीडिया सेल स्थापित करने का भी आह्वान किया गया।
नारको-आतंकवाद पर विशेष फोकस
बैठक में नशीले पदार्थों के आतंकवाद के विरुद्ध अभियान को लेकर विशेष चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने नारको-आतंकवादियों और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले तंत्र से जुड़ी संपत्तियों की कुर्की की समीक्षा के लिए मासिक बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों के तस्करों और विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई भी निरंतर जारी रहनी चाहिए, जिससे नशामुक्त जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नारको-आतंकवाद एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है, जहाँ आतंकी संगठन मादक पदार्थों की तस्करी से धनसंग्रह कर अपने नेटवर्क को पोषित करते हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कश्मीर घाटी में सुरक्षा अभियानों की तीव्रता बढ़ाई जा रही है।
सांप्रदायिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में सांप्रदायिक सद्भाव बाधित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'प्रशासन को सर्वोत्तम प्रथाओं को संस्थागत रूप देना चाहिए और सतत शांति एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वय योजनाओं को लागू करना चाहिए।' नागरिकों, पुलिस और प्रशासन के बीच मज़बूत संबंध स्थापित करने पर भी बल दिया गया, ताकि जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण हो सके।
शीतकाल की तैयारी
बैठक में आगामी शीतकालीन मौसम के मद्देनज़र प्रशासनिक तैयारियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। सिन्हा ने निर्देश दिया कि आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया जाए और बर्फ हटाने के लिए सुदृढ़ तंत्र तैयार रखा जाए, ताकि आम नागरिकों को कठिनाई न हो।
क्या होगा आगे
सुरक्षा एजेंसियों से अपेक्षा है कि वे इन निर्देशों के अनुरूप परिचालन योजनाएँ तत्काल प्रभाव से लागू करें। कश्मीर डिवीजन में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए भविष्य की कार्य योजनाओं पर भी सहमति बनाई गई। नारको-आतंकवाद से जुड़ी संपत्तियों की कुर्की की पहली मासिक समीक्षा जल्द ही होने की संभावना है।